इमेज स्रोत, AFP via Getty Images
-
- Author, वेनेसा बूश्शूटर
- पदनाम, लैटिन अमेरिका एडिटर, बीबीसी न्यूज़ ऑनलाइन
-
अमेरिका ने कहा है कि उसने वेनेज़ुएला की राजधानी काराकास में बड़े पैमाने पर हमले किए हैं. इन हमलों के बाद वेनेज़ुएला में आपातकाल की घोषणा कर दी गई है.
अमेरिका ने दावा किया है कि हमलों के बाद उसने देश के राष्ट्रपति मादुरो और उनकी पत्नी को पकड़ लिया है.
डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लिखा, “अमेरिका ने वेनेज़ुएला और उसके नेता, राष्ट्रपति निकोलस मादुरो के ख़िलाफ़ सफलतापूर्वक बड़े पैमाने पर हमला किया है, जिन्हें उनकी पत्नी के साथ पकड़ लिया गया है और देश से बाहर ले जाया गया है.”
वहीं वेनेज़ुएला के रक्षा मंत्री व्लादिमीर पैड्रिनो ने कहा है कि सरकार मरने वालों और घायलों के बारे में जानकारी इकट्ठा कर रही है. उन्होंने आरोप लगाया कि हमले रिहायशी इलाक़ों में हुए हैं जहाँ आम लोग रहते हैं.
वेनेज़ुएला की उपराष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिग्ज़ ने कहा है कि सरकार को राष्ट्रपति मादुरो या फ़र्स्ट लेडी सीलिया फ्लोरेस के बारे में कोई जानकारी नहीं है. उन्होंने कहा कि सरकार ने दोनों के जीवित होने का “तुरंत सबूत” मांगा है.
इमेज स्रोत, AFP via Getty Images
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप वेनेज़ुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो पर बीते कुछ हफ़्तों से दबाव बढ़ा रहे थे.
बीबीसी न्यूज़ हिन्दी ने 12 दिसंबर 2025 को एक ख़बर प्रकाशित की थी, जिसमें यह बताया गया था कि अमेरिका क्यों वेनेज़ुएला के राष्ट्रपति के पीछे पड़े हुए हैं. हम एक बार फिर से उस ख़बर को अपडेट कर रहे हैं. नीचे पढ़िए वो कहानी…
10 दिसंबर को अमेरिका ने वेनेज़ुएला के तट के पास एक टैंकर को ज़ब्त कर लिया था.
अमेरिका का आरोप है कि इस टैंकर में प्रतिबंधित तेल ले जाया जा रहा था.
अमेरिकी युद्धपोत इस दक्षिण अमेरिकी देश के बिल्कुल नज़दीक तैनात हैं.
यहाँ तैनात नौकाओं पर मौजूद दर्जनों लोग अमेरिकी हमले में मारे गए हैं. उन पर आरोप था कि वे कथित रूप से ड्रग्स ले जा रहे थे.
इस बीच, ट्रंप प्रशासन ने मादुरो की गिरफ़्तारी में मदद देने वाली जानकारी पर घोषित इनाम को भी दोगुना कर दिया है.
निकोलस मादुरो कौन हैं?
इमेज स्रोत, Reuters
निकोलस मादुरो वामपंथी राष्ट्रपति ह्यूगो चावेज़ और उनकी यूनाइटेड सोशलिस्ट पार्टी ऑफ़ वेनेज़ुएला के नेतृत्व में चमके.
मादुरो पहले बस ड्राइवर और यूनियन के नेता थे. उन्होंने चावेज़ की जगह ली है और 2013 से राष्ट्रपति हैं.
चावेज़ और मादुरो पिछले 26 साल से सत्ता में रहे हैं. उनकी पार्टी ने नेशनल असेंबली, न्यायपालिका के बड़े हिस्से और चुनावी परिषद समेत कई प्रमुख संस्थानों पर नियंत्रण हासिल कर लिया है.
2024 में, मादुरो को राष्ट्रपति चुनाव में विजेता घोषित किया गया था, जबकि विपक्ष की ओर से हासिल वोट यह दिखा रहे थे कि उनके उम्मीदवार एडमुंडो गोंज़ालेज़ भारी बहुमत से जीत चुके हैं.
गोंज़ालेज़ ने मुख्य विपक्षी नेता मारिया कोरीना मचाडो की जगह ली थी, जिन्हें चुनाव लड़ने से रोक दिया गया था.
मचाडो को “तानाशाही से लोकतंत्र की ओर न्यायपूर्ण और शांतिपूर्ण बदलाव के संघर्ष के लिए अक्तूबर में नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित किया गया था.
कई महीनों तक छिपे रहने के बाद, यात्रा प्रतिबंध की परवाह न करते हुए मचाडो दिसंबर में पुरस्कार लेने के लिए ओस्लो पहुँचीं.
ट्रंप का फ़ोकस वेनेज़ुएला पर क्यों है?
इमेज स्रोत, Getty Images
ट्रंप का कहना है कि अमेरिका में वेनेज़ुएला के लाखों लोग घुसे चले आ रहे हैं.
उनका कहना है कि वहाँ से अवैध आप्रवासियों की बाढ़ के लिए मादुरो ज़िम्मेदार हैं.
ये प्रवासी उन लगभग 80 लाख वेनेज़ुएलावासियों में शामिल हैं, जिनके बारे में अनुमान है कि वे 2013 से देश के आर्थिक संकट और दमन के कारण देश से भाग गए.
हालाँकि ट्रंप ने कोई सबूत नहीं दिया, लेकिन उन्होंने मादुरो पर आरोप लगाया है कि उन्होंने ‘अपनी जेलों और पागलखानों को ख़ाली कर दिया’ और क़ैदियों को जबरन अमेरिका भेज दिया.
ट्रंप ने अमेरिका में ड्रग्स, ख़ासकर फ़ेंटानिल और कोकीन की बढ़ती सप्लाई को रोकने पर भी ध्यान केंद्रित किया है.
उन्होंने वेनेज़ुएला के दो गैंग – ट्रेन दे अरागुआ और कार्टेल दे लोस सोलेस को ‘विदेशी आतंकवादी संगठनों’ की लिस्ट में डाल दिया है.
उन्होंने आरोप लगाया है कि दूसरे समूह का नेतृत्व खडुद मादुरो करते हैं.
मादुरो ने ट्रंप के उस बयान की कड़ी निंदा की है, जिसमें उन्होंने कहा था कि मादुरो ही कार्टेल के नेता हैं.
उन्होंने अमेरिका पर आरोप लगाया है कि वह ‘ड्रग्स के ख़िलाफ़ युद्ध’ को बहाना बनाकर उन्हें हटाना चाहता है और वेनेज़ुएला के विशाल तेल भंडार पर कब्ज़ा करना चाहता है.
विश्लेषकों ने कहा है कि कार्टेल दे लोस सोलेस कोई संगठित गिरोह नहीं है, जिसमें कोई गैंग लीडर या उसके तहत काम करने वाले लोग होते हैं.
बल्कि यह एक शब्द है जो उन भ्रष्ट अधिकारियों के लिए इस्तेमाल होता है जो कोकीन को वेनेज़ुएला के रास्ते गुज़रने देते हैं.
अमेरिका ने युद्धपोत क्यों भेजे हैं?
इमेज स्रोत, US Navy/Reuters
अमेरिका ने कैरेबियन द्वीप में 15,000 सैनिकों के साथ ही कई तरह के युद्धपोत तैनात किए हैं, जिनमें एयरक्राफ़्ट करियर, गाइडेड-मिसाइल डेस्ट्रॉयर और एम्फ़ीबियस असॉल्ट शिप शामिल हैं.
1989 में पनामा पर अमेरिकी हमले के बाद से इस क्षेत्र में इस सबसे बड़ी तैनाती की घोषित वजह है- अमेरिका में फ़ेंटानिल और कोकीन की तस्करी को रोकना.
तैनात जहाज़ों में दुनिया का सबसे बड़ा एयरक्राफ़्ट करियर यूएसएस जेराल्ड फ़ोर्ड भी शामिल है.
बताया जा रहा है कि वेनेज़ुएला के तट से दूर समुद्र में तेल टैंकर को ज़ब्त करने से पहले अमेरिकी हेलिकॉप्टरों ने इसी से उड़ान भरी थी.
अमेरिका का कहना है कि यह टैंकर वेनेज़ुएला और ईरान से प्रतिबंधित तेल ले जाने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था. वेनेज़ुएला ने इस कार्रवाई को ‘अंतरराष्ट्रीय समुद्री डकैती’ करार दिया है.
पिछले कुछ महीनों में, अमेरिकी सुरक्षा बलों ने अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में कथित रूप से ड्रग्स ले जाने वाली नावों पर 20 से ज़्यादा हमले किए हैं. इनमें 80 से ज़्यादा लोग मारे गए हैं.
ट्रंप प्रशासन का कहना है कि वह कथित ड्रग तस्करों के साथ एक ग़ैर-अंतरराष्ट्रीय सशस्त्र संघर्ष कर रहा है. अमेरिका का आरोप है कि इन्होंने उसके ख़िलाफ़ युद्ध छेड़ा हुआ है.
अमेरिका ने जहाज़ पर मौजूद लोगों को ‘ड्रग आतंकवादी’ या नार्को टेरेरिस्ट बताया है, लेकिन क़ानून के जानकारों का कहना है कि ये हमले “क़ानूनी सैन्य लक्ष्यों” पर नहीं हुए.
दो सितंबर को हुआ पहला हमला ख़ास तौर पर जाँच के घेरे में है क्योंकि इसमें एक नहीं बल्कि दो हमले हुए थे, और पहले हमले से बचे लोगों को दूसरे हमले में मार दिया गया था.
इसके जवाब में व्हाइट हाउस ने कहा है कि उसने सशस्त्र संघर्ष के क़ानूनों के तहत काम किया है ताकि अमेरिका को उन ‘कार्टेल’ से बचाया जा सके जो “हमारे तटों पर ज़हर लाने… और अमेरिकी ज़िंदगियों को तबाह करने” की कोशिश कर रहे हैं.
क्या वेनेज़ुएला अमेरिका में ड्रग्स की बाढ़ ला रहा है?
इमेज स्रोत, Getty Images
काउंटर-नार्कोटिक विशेषज्ञों का कहना है कि वेनेज़ुएला वैश्विक ड्रग तस्करी में अपेक्षाकृत छोटा खिलाड़ी है. यह एक ट्रांज़िट देश की तरह काम करता है, जहाँ से दूसरे देशों में बनी ड्रग्स की तस्करी की जाती है.
इसका पड़ोसी देश कोलंबिया दुनिया में कोकीन का सबसे बड़ा उत्पादक है, लेकिन इसका ज़्यादातर हिस्सा अमेरिका तक दूसरे रास्तों से पहुँचता है, वेनेज़ुएला के ज़रिए नहीं.
अमेरिकी ड्रग एन्फ़ोर्समेंट एडमिनिस्ट्रेशन की 2020 की एक रिपोर्ट के मुताबिक़, अनुमान है कि अमेरिका पहुँचने वाली लगभग तीन-चौथाई कोकीन की तस्करी पैसिफ़िक के रास्ते की जाती है, जबकि कैरेबियन में तेज़ नावों के ज़रिए सिर्फ़ बहुत छोटा हिस्सा आता है.
इसके बावजूद, अमेरिका ने पैसिफिक में कुछ ही हमले किए हैं और ज़्यादातर कैरेबियन में किए हैं.
सितंबर में, ट्रंप ने अमेरिकी सैन्य अधिकारियों से कहा कि जिन नावों को निशाना बनाया गया है, वे “सफ़ेद पाउडर से भरी हुई हैं, जो मुख्यतः फ़ेंटानिल और दूसरे ड्रग्स हैं”.
फ़ेंटानिल एक सिंथेटिक ड्रग है, जो हेरोइन से 50 गुना ज़्यादा ताकतवर है. यह अमेरिका में ओपिऑइड ओवरडोज़ से होने वाली मौतों का मुख्य कारण बन गई है.
हालाँकि, फ़ेंटानिल ज़्यादातर मेक्सिको में बनाई जाती है और लगभग पूरी तरह से ज़मीनी रास्ते से अमेरिका में, इसकी दक्षिणी सीमा के ज़रिए, पहुँचती है.
वेनेज़ुएला कितना तेल निर्यात करता है, इसे ख़रीदता कौन है?
इमेज स्रोत, Getty Images
तेल मादुरो सरकार के लिए विदेशी राजस्व का मुख्य स्रोत है, और इस सेक्टर से होने वाला मुनाफ़ा सरकार के बजट का आधे से ज़्यादा है.
वर्तमान में यह रोज़ाना क़रीब नौ लाख बैरल तेल निर्यात करता है. चीन इसका सबसे बड़ा ख़रीदार है.
हालाँकि अमेरिकी आकलन के मुताबिक़ वेनेज़ुएला के पास दुनिया के सबसे बड़े प्रमाणित कच्चे तेल के भंडार हैं, लेकिन रिपोर्ट कहती है कि वेनेज़ुएला इनका इस्तेमाल बहुत कम करता है.
अमेरिकी ऊर्जा सूचना प्रशासन (EIA) के अनुसार, तकनीकी और बजटीय चुनौतियों की वजह से 2023 में वेनेज़ुएला ने वैश्विक कच्चे तेल का सिर्फ़ 0.8% उत्पादन किया.
टैंकर ज़ब्त करने की घोषणा के बाद ट्रंप ने पत्रकारों से कहा. “मुझे लगता है कि हम यह तेल रखने वाले हैं.”
इससे पहले अमेरिका ने वेनेज़ुएला के इस आरोप को ख़ारिज किया था कि मादुरो सरकार के ख़िलाफ़ उठाए गए क़दम देश के अप्रयुक्त तेल भंडार पर कब्ज़े की कोशिश हैं.
क्या अमेरिका वेनेज़ुएला पर हमला कर सकता है?
इमेज स्रोत, Getty Images
ट्रंप ने इस बात की पुष्टि की है कि उन्होंने 21 नवंबर को मादुरो से फोन पर बात की थी. हालाँकि उन्होंने कॉल में क्या कहा, यह नहीं बताया.
लेकिन रॉयटर्स न्यूज़ एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार ट्रंप ने मादुरो को एक हफ़्ते का अल्टीमेटम दिया था कि वह अपने क़रीबी परिवार के साथ वेनेज़ुएला छोड़ दें.
रिपोर्ट के मुताबिक, मादुरो ने सुरक्षित रास्ता दिए जाने के प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया.
ट्रंप पहले ही वेनेज़ुएला के ड्रग तस्करों के ख़िलाफ़ ‘ज़मीनी कार्रवाई’ की धमकी दे चुके हैं, लेकिन यह नहीं बताया कि ऐसा ऑपरेशन होगा कैसे.
ट्रंप की प्रेस सचिव ने भी वेनेज़ुएला में अमेरिकी सैनिकों की तैनाती की संभावना से इनकार नहीं किया. उन्होंने पत्रकारों से कहा कि “राष्ट्रपति के पास कई विकल्प हैं, जो विचाराधीन हैं”.
उन्होंने विकल्पों पर और जानकारी नहीं दी, लेकिन सैन्य विश्लेषक हफ़्तों से यह कह रहे हैं कि कैरेबियन द्वीप में अमेरिकी तैनाती ड्रग्स विरोधी अभियान के लिए ज़रूरत से कहीं ज़्यादा बड़ी है.
तेल टैंकर ज़ब्त किए जाने बाद, बीबीसी के साझेदार सीबीएस न्यूज़ को एक सूत्र ने बताया कि ट्रंप प्रशासन ऐसे और क़दम उठाने पर विचार कर रहा है.
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.