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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को कहा कि अमेरिका “तब तक वेनेज़ुएला को चलाएगा जब तक वहाँ सत्ता का सुरक्षित, सही और समझदारी भरा बदलाव नहीं हो जाता.”
हालाँकि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि अमेरिका वेनेज़ुएला को कैसे चलाने की योजना बना रहा है या इसमें कौन शामिल होगा, लेकिन ट्रंप ने कहा कि यह एक “सामूहिक” प्रयास होगा.
उन्होंने आगे कहा कि अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो वेनेज़ुएला की उपराष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज़ से बात कर रहे थे, जिन्हें बाद में वेनेज़ुएला के सुप्रीम कोर्ट ने अंतरिम राष्ट्रपति बनाया है.
ट्रंप ने दावा किया कि उन्होंने “अमेरिका जो भी कहेगा, वह करने” की इच्छा जताई है.
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हालाँकि बाद में रोड्रिगेज़ ने सरकारी टेलीविज़न पर आकर मादुरो की रिहाई की मांग करते हुए कहा कि वह देश के “एकमात्र राष्ट्रपति” हैं.
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ट्रंप ने यह भी कहा कि उन्होंने वेनेज़ुएला की विपक्षी नेता मरीया कोरिना मचादो से बात नहीं की है, जिनके बारे में उन्होंने कहा कि वेनेज़ुएला में नेता बनने के लिए उनके पास न तो समर्थन है और न ही सम्मान है.
मचादो ने पहले एडमंडो गोंज़ालेज़ से सत्ता संभालने के लिए कहा था. उन्होंने साल 2024 के राष्ट्रपति चुनाव में गोंज़ालेज़ के लिए समर्थन जुटाया था और उनकी पार्टी ने वोटों की जो गिनती जारी की थी, उससे पता चलता है कि उन्होंने भारी बहुमत से जीत हासिल की थी.
ट्रंप का मादुरो पर आरोप
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बीते साल जनवरी में जब से ट्रंप ने अपना दूसरा कार्यकाल शुरू किया है, तब से उन्होंने वेनेज़ुएला सरकार पर दबाव बढ़ा दिया था. सबसे पहले, ट्रंप प्रशासन ने मादुरो को पकड़ने के लिए जानकारी देने पर इनामी राशि को दोगुना कर दिया था.
सितंबर में, अमेरिकी सेना ने उन जहाज़ों को निशाना बनाना शुरू कर दिया, जिन पर दक्षिण अमेरिका से ड्रग्स लाने का आरोप था. तब से कैरिबियन सागर और प्रशांत महासागर में ऐसे जहाज़ों पर 30 से ज़्यादा हमले हुए हैं, जिनमें 110 से ज़्यादा लोग मारे जा चुके हैं.
ट्रंप प्रशासन ने अमेरिका में आने वाले वेनेज़ुएला के लाखों प्रवासियों के लिए मादुरो को ज़िम्मेदार ठहराया है.
बिना कोई सबूत दिए, ट्रंप ने मादुरो पर “अपनी जेलों और पागलख़ानों को ख़ाली करने” और उनके क़ैदियों को अमेरिका में माइग्रेट करने के लिए “मजबूर करने” का आरोप लगाया.
अमेरिकी राष्ट्रपति यह भी दावा करते हैं कि वेनेज़ुएला सरकार तेल के पैसे का इस्तेमाल ड्रग्स से जुड़े अपराधों को फंड करने के लिए कर रही है, और आरोप लगाया कि मादुरो ख़ुद एक कार्टेल लीडर हैं.
अमेरिकी अटॉर्नी जनरल पामेला बोंडी ने शनिवार को वेनेज़ुएला के राष्ट्रपति और उनकी पत्नी सीलिया फ्लोरेस के ख़िलाफ़ लगाए गए आरोपों के बारे में बताया था.
निकोलस मादुरो पर “नारको-टेररिज़म साज़िश, कोकीन इम्पोर्ट साज़िश, मशीनगन और ख़तरनाक डिवाइस रखने, और अमेरिका के ख़िलाफ़ मशीनगन और ख़तरनाक डिवाइस रखने की साज़िश” का आरोप लगाया गया है.
बाद में, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इन आरोपों को अमेरिका और उसके नागरिकों के ख़िलाफ़ मादुरो के “जानलेवा नारको-टेररिज़म अभियान” के रूप में बताया.
उन्होंने मादुरो को “अवैध तानाशाह” भी कहा, और कहा कि उन्होंने हमलों से एक हफ़्ते पहले वेनेजुएला के नेता से “सरेंडर” करने के लिए कहा था.
बोंडी का कहना है कि मादुरो और उनकी पत्नी को “अमेरिकी धरती पर अमेरिकी अदालतों में अमेरिकी न्याय का सामना करना पड़ेगा.”
दोनों अब न्यूयॉर्क के एक डिटेंशन सेंटर में हिरासत में हैं, जहां उन्हें सोमवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा.
मादुरो अपने ऊपर लगाए गए आरोपों से इनकार करते रहे हैं, उन्होंने अमेरिका पर आरोप लगाया है कि वह “ड्रग्स के ख़िलाफ़ युद्ध” को बहाना बनाकर उन्हें हटाने और वेनेज़ुएला के विशाल तेल भंडार तक पहुंचने की कोशिश कर रहा है.
मादुरो का आरोप
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बीबीसी लैटिन अमेरिका संपादक वनेशा बुशलुटर
मादुरो लंबे समय से ट्रंप प्रशासन पर उन्हें सत्ता से हटाने की कोशिश करने का आरोप लगाते रहे हैं, ताकि अमेरिका वेनेज़ुएला के तेल के ख़ज़ाने को कंट्रोल कर सके.
जब अमेरिका ने वेनेजुएला के तट से पहला तेल टैंकर ज़ब्त किया था, तो ट्रंप ने इस पर बयान दिया था जिसका ज़िक्र मादुरो ने किया था.
जब रिपोर्टर्स ने पूछा कि टैंकर और उसके कार्गो का क्या होगा, तो अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, “मुझे लगता है कि हम तेल अपने पास रखेंगे.”
अमेरिकी अधिकारियों ने पहले वेनेज़ुएला के इन आरोपों से इनकार किया है कि मादुरो सरकार के ख़िलाफ़ उठाए गए कदम देश के तेल भंडार तक पहुंच हासिल करने की कोशिश थे.
हालांकि एक्सपोर्ट पर प्रतिबंधों से वेनेज़ुएला की सरकारी तेल कंपनी में निवेश की कमी और कुप्रबंधन का असर पड़ा है.
अमेरिकी एनर्जी इन्फॉर्मेशन एडमिनिस्ट्रेशन (ईआईए) के अनुसार, साल 2023 में वेनेजुएला ने दुनिया के कुल कच्चे तेल का सिर्फ़ 0.8% उत्पादन किया. यह अभी हर दिन लगभग 9 लाख बैरल एक्सपोर्ट करता है और चीन अब तक इसका सबसे बड़ा ख़रीदार है.
वेनेज़ुएला का तेल भंडार
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बीबीसी बिज़नेस संवाददाता मार्क एशडाउन
ट्रंप ने यह साफ़ कर दिया है कि वह वेनेज़ुएला के तेल क्षेत्रों तक अमेरिका की पहुँच चाहते हैं.
वेनेज़ुएला में 300 अरब बैरल से ज़्यादा के तेल भंडार का अनुमान है, जो दुनिया के किसी भी देश में सबसे बड़ा है.
यह मुख्य रूप से बहुत भारी कच्चा तेल है, जिसे निकालना महंगा और मुश्किल है, फिर भी वेनेज़ुएला दुनिया का पाँचवाँ सबसे बड़ा निर्यातक बना हुआ है.
कैरिबियन सागर में अमेरिकी नौसेना के जहाज़ों की बढ़ती संख्या के बावजूद पिछले महीने भी वेनेज़ुएला से चीन, दक्षिणी यूरोप और अमेरिका को रोज़ाना क़रीब दस लाख बैरल तेल भेजा गया.
हाल के कुछ बरसों में राजनीतिक उथल-पुथल के कारण वेनेज़ुएला में तेल का उत्पादन प्रभावित हुआ है और दशकों से, देश की सरकारी तेल और प्राकृतिक गैस कंपनी ‘पेट्रोलेओस डी वेनेजुएला’ हड़तालों और ख़राब सुरक्षा मानकों के आरोपों से जूझ रही है.
अमेरिका ने राष्ट्रपति मादुरो पर ड्रग-तस्करी को फ़ंड देने के लिए तेल के पैसे का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है.
ऐसा लगता है कि वेनेज़ुएला के तेल क्षेत्र फिलहाल हवाई हमलों से किसी भी नुक़सान से बच गए हैं, लेकिन वेनेज़ुएला का भविष्य जो भी हो, इसमें उसका तेल उद्योग एक अहम भूमिका निभाएगा.
आगे क्या हो सकता है?
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बीबीसी की चीफ़ इंटरनेशनल कोरेस्पॉन्डेंट लिस डूसे के मुताबिक़, हमेशा की तरह ऐसे मामलों में ‘आगे क्या होगा’ का जवाब स्पष्ट नहीं होता है.
उनका मानना है, “इस बारे में बहुत ज़्यादा अस्पष्टता, अनिश्चितता और जोख़िम है. ट्रंप की पहली अस्पष्ट टिप्पणियों ने अमेरिका और उससे बाहर भी कई लोगों को हैरान कर दिया है.”
ट्रंप के शब्दों में, अमेरिका “वेनेजुएला को चलाएगा” जब तक कि “एक सुरक्षित, सही और समझदारी वाला बदलाव” नहीं हो जाता.
उन्होंने इशारा किया कि मादुरो के सहयोगियों और उन अधिकारियों के साथ बातचीत पहले ही हो चुकी है जो अभी भी सत्ता में हैं, जिसमें वाइस-प्रेसिडेंट डेल्सी रोड्रिगेज़ भी शामिल हैं, जिन्हें अब काराकास में कार्यवाहक राष्ट्रपति बनाया गया है.
ट्रंप ने उनकी प्रतिक्रिया को “अच्छा” बताया.
हालाँकि रोड्रिगेज़ ने घोषणा की, “हम किसी साम्राज्य की कॉलोनी नहीं बनने जा रहे हैं,” और ज़ोर देकर कहा कि वेनेजुएला के सिर्फ़ एक ही प्रेसिडेंट हैं और वो हैं- निकोलस मादुरो.
एक और टिप्पणी में जिसने कई लोगों को हैरान कर दिया, जिसमें ट्रंप ने वेनेज़ुएला के विपक्ष को भी ख़ारिज़ कर दिया. इनमें नोबेल पुरस्कार विजेता मरीया कोरिना मचादो भी शामिल हैं, जिन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति की काफ़ी तारीफ़ की थी और कहा था कि वह उनके शांति पुरस्कार के हक़दार हैं.
तो “बदलाव” कैसे होगा? वेनेजुएला की सेना मादुरो के शासन का एक मज़बूत स्तंभ थी; वे इस समय कैसे आगे बढ़ेगी?
ट्रंप ने यह भी संकेत दिया कि अगर अमेरिकी सेना को ज़मीन पर उतरना पड़ा तो उन्हें कोई चिंता नहीं है.
लिस डूसे के मुताबिक़ ट्रंप के सभी बयान इस बात के विपरीत हैं कि उन्होंने अपने दूसरे कार्यकाल में क्या न करने की कसम खाई थी. उन्होंने एक ऐसा राष्ट्रपति बनने का वादा किया था, जो युद्धों को रोकेगा, न कि युद्ध शुरू करेगा.
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.