पीटीआई, पणजी। नौसेना उप प्रमुख वाइस एडमिरल तरुण सोबती ने मंगलवार को कहा कि हाल के वैश्विक घटनाक्रमों को देखते हुए एक मजबूत नौसेना की आवश्यकता है।
बढ़ते रणनीतिक प्रतिस्पर्धाओं और संघर्षों के बीच भारतीय नौसेना देश की समुद्री शक्ति का प्रमुख प्रतीक बनी हुई है। वे वास्को में गोवा शिपयार्ड लिमिटेड द्वारा निर्मित पहले नेक्स्ट जेनरेशन आफशोर पेट्रोल वेसल (एनजीओपीवी) के शुभारंभ के अवसर पर एक सभा को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि एक समुद्री राष्ट्र के रूप में भारत की पहचान उसके भूगोल और इतिहास से परिभाषित होती है। विशाल तटरेखा, अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में फैले असंख्य भूभाग और एक विशिष्ट आर्थिक क्षेत्र के साथ, हमारा समुद्री क्षेत्र जिम्मेदारी और अवसरों दोनों का स्त्रोत है।
उन्होंने बताया कि हमारे आसपास के समुद्र व्यापार, ऊर्जा और संपर्क की जीवनरेखा हैं। उन्होंने आगे कहा कि इन हितों की रक्षा के लिए एक सक्षम, तत्पर और दूरदर्शी नौसेना की आवश्यकता है। हिंद महासागर क्षेत्र और उससे परे भू-राजनीतिक वातावरण को आकार देने में भारतीय नौसेना की भूमिका लगातार अधिक महत्वपूर्ण होती जा रही है।