अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तरफ से भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील के एलान के बाद देश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। इस समझौते को लेकर जहां सरकार इसे कूटनीतिक और आर्थिक उपलब्धि बता रही है, वहीं कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस का आरोप है कि भारत से जुड़े बड़े फैसलों की जानकारी बार-बार अमेरिका से दी जा रही है, न कि भारत सरकार की ओर से। पार्टी का कहना है कि यह स्थिति भारत की विदेश नीति और सरकार की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
बता दें कि पूरे मामले की शुरुआत तब हुई जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को यह एलान किया कि भारत और अमेरिका के बीच एक व्यापार समझौता तय हो गया है। ट्रंप के मुताबिक, इस समझौते के तहत अमेरिका भारत से आने वाले सामानों पर लगाए जाने वाले पारस्परिक टैरिफ को 25 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर देगा। यह जानकारी ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से फोन पर बातचीत के बाद सार्वजनिक की।
पीएम मोदी ने जताई खुशी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस बातचीत के बाद प्रतिक्रिया दी और कहा कि वह इस फैसले से खुश हैं। उन्होंने कहा कि मेड इन इंडिया उत्पादों पर अब अमेरिका में कम टैक्स लगेगा, जिससे भारतीय उत्पादों को फायदा होगा और दोनों देशों के व्यापारिक रिश्ते मजबूत होंगे।
ये भी पढ़ें:- PM Modi: ‘मेक इन इंडिया उत्पादों पर टैरिफ घटा’, अमेरिकी शुल्क कम करने के एलान पर पीएम मोदी की पहली प्रतिक्रिया
कांग्रेस की नाराजगी, केंद्र पर साधा निशाना
हालांकि, इस एलान के बाद भारत की राजनीति में सियासत तेज हो गई है। विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने इस पूरे घटनाक्रम को लेकर मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पार्टी के संचार प्रभारी जयराम रमेश ने कहा कि यह समझौता देखने में किसी भी तरह से ‘फादर ऑफ ऑल डील्स’ नहीं लगता। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि प्रधानमंत्री मोदी ने अंततः अमेरिकी राष्ट्रपति के सामने झुकने का फैसला कर लिया है।
रमेश बोले- वॉशिंगटन में तो साफ है कि ‘मोगैम्बो खुश है’
जयराम रमेश ने मोदी सरकार पर आगे व्यंग्य करते हुए 1987 की फिल्म मिस्टर इंडिया के मशहूर डायलॉग का इस्तेमाल किया और कहा कि ‘वॉशिंगटन में तो साफ है कि ‘मोगैम्बो खुश है’। उनका कहना था कि ट्रंप लगातार भारत से जुड़े बड़े फैसलों की जानकारी अमेरिका से दे रहे हैं। उन्होंने याद दिलाया कि ऑपरेशन सिंदूर को लेकर बयान भी ट्रंप ने वॉशिंगटन से दिया था, भारत के रूस और वेनेजुएला से तेल खरीदने को लेकर भी जानकारी अमेरिका से आई थी, और अब भारत-अमेरिका ट्रेड डील की घोषणा भी ट्रंप ने ही की है।
पीएम मोदी पर हावी है ट्रंप- रमेश
इसके साथ ही कांग्रेस नेता ने यह भी आरोप लगाया कि राष्ट्रपति ट्रंप के पास प्रधानमंत्री मोदी पर किसी न किसी तरह का दबाव या लीवरेज है। उन्होंने कहा कि अब स्थिति यह हो गई है कि प्रधानमंत्री न तो ट्रंप के साथ सार्वजनिक रूप से दिखना चाहते हैं और न ही पहले की तरह दोस्ताना अंदाज में बातचीत करते नजर आते हैं। ऐसे में कांग्रेस का सवाल है कि अगर यह वाकई बहुत बड़ा समझौता होता, तो इसकी घोषणा भारत सरकार की ओर से क्यों नहीं की गई?
ये भी पढ़ें:- अमेरिका ने भारत पर लगा टैरिफ घटाया: PM मोदी और ट्रंप की बातचीत के बाद बड़ा फैसला, अब 25 की जगह 18% होगा शुल्क
अमेरिकी राजदूत के बयान पर भी कांग्रेस का तंज
इतना ही नहीं इस विवाद को और हवा तब मिली जब भारत में अमेरिका के राजदूत ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करके बताया कि राष्ट्रपति ट्रंप और प्रधानमंत्री मोदी के बीच बातचीत हुई है। इस पोस्ट के बाद कांग्रेस ने फिर सरकार पर निशाना साधा। जयराम रमेश ने कहा कि यह अब एक तरह की परंपरा बन गई है कि भारत को अपनी सरकार के फैसलों की जानकारी पहले अमेरिकी राष्ट्रपति या उनके अधिकारी देते हैं, न कि भारत सरकार खुद। उन्होंने इसे ‘ट्रंप-निर्भरता’ करार दिया।
कांग्रेस की नाराजगी का कारण और सरकार की उपलब्धि
गौरतलब है कि कांग्रेस की नाराजगी इसलिए भी ज्यादा है क्योंकि कुछ ही दिन पहले भारत और यूरोपीय संघ के बीच एक बड़े मुक्त व्यापार समझौते पर सहमति बनी थी, जिसे ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ कहा गया था। ऐसे में कांग्रेस का कहना है कि अमेरिका के साथ हुआ यह समझौता उस स्तर का नहीं है, फिर भी इसे बड़ी उपलब्धि के तौर पर पेश किया जा रहा है। कुल मिलाकर, भारत-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर सरकार इसे आर्थिक उपलब्धि बता रही है, जबकि कांग्रेस का आरोप है कि इस पूरे मामले में भारत की भूमिका कमजोर दिख रही है और सरकार अमेरिकी दबाव में फैसले लेती नजर आ रही है।