इमेज स्रोत, Andrew Harnik/Getty
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने
कहा है कि अगर यूरोपीय देश होर्मुज़ स्ट्रेट खोलने में मदद नहीं करते हैं, तो यह नेटो के भविष्य के लिए “बहुत
बुरा” होगा.
इसके साथ ही ट्रंप ने उम्मीद जताई कि
चीनी राष्ट्रपति के साथ बीजिंग में होने वाली उनकी आगामी बैठक से पहले चीन
होर्मुज़ स्ट्रेट खोलने में मदद करेगा. उन्होंने कहा कि चीन को “उसका 90
फ़ीसदी तेल इसी स्ट्रेट से मिलता है”.
ट्रंप ने यह बातें फ़ाइनेंशियल
टाइम्स को दिए इंटरव्यू में कही हैं.
बीजिंग में यह बैठक मार्च के अंत में
होनी है, लेकिन ट्रंप ने कहा कि वह चाहते हैं
कि इससे पहले ही चीन कोई क़दम उठाए, क्योंकि
बैठक दो हफ़्ते बाद होनी है और यह “लंबा समय” है.
उन्होंने यह भी कहा कि उनकी चीन
यात्रा टल भी सकती है, हालांकि उन्होंने इस बारे में कोई और
स्पष्ट जानकारी नहीं दी.
नेटो और यूरोपीय सहयोगियों के बारे
में बात करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि जिन देशों को होर्मुज़ स्ट्रेट से
फ़ायदा होता है, उनके लिए इसे फिर से खोलने में मदद
करना “उचित” है.
ट्रंप का कहना है कि यूरोप और चीन
खाड़ी से आने वाले तेल पर काफ़ी निर्भर हैं.
उन्होंने चेतावनी दी कि अगर दूसरे
देशों की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आती है, तो यह “नेटो के भविष्य के लिए बहुत बुरा” हो सकता है.
उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका अपने यूरोपीय सहयोगियों के साथ “काफ़ी
नरम” रहा है.
अमेरिकी राष्ट्रपति ने आगे कहा,
“हमें यूक्रेन के लिए उनकी मदद करना
ज़रूरी नहीं था. यूक्रेन हमसे हज़ारों मील दूर है… लेकिन हमने उनकी मदद की. अब
हम देखेंगे कि क्या वे हमारी मदद करते हैं. क्योंकि मैं लंबे समय से कहता आया हूं
कि हम उनके लिए मौजूद रहेंगे, लेकिन वे
हमारे लिए मौजूद नहीं रहेंगे. और मुझे यक़ीन नहीं है कि वे मौजूद होंगे.”
ट्रंप की यह टिप्पणी उस अपील के एक
दिन बाद आई है, जिसमें उन्होंने चीन, फ़्रांस, जापान,
दक्षिण कोरिया और ब्रिटेन से होर्मुज़ स्ट्रेट को
खोलने के लिए “साझा प्रयास” में शामिल होने को कहा था.