डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने शुक्रवार को असम चुनाव के पर्यवेक्षक के रूप में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर आयोजित बैठक में भाग लिया। इस दौरान लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी भी उपस्थित थे।
बैठक के बारे में कुछ भी बताने से इन्कार करते हुए उन्होंने रविवार को पत्रकारों से कहा कि मैं कुछ नहीं कह सकता। समय सब कुछ स्पष्ट कर देगा..हम सब राजनेता हैं। राजनेता अपनी इच्छा से राजनीति करते हैं। इसमें कुछ भी गलत नहीं है। हम मिले हैं। इसे इतना बड़ा मुद्दा क्यों बनाया जा रहा है?
सत्ता संघर्ष की अटकलों के बीच हुई राहुल-डीके शिवकुमार की मुलाकात
कर्नाटक में सत्ता संघर्ष की अटकलों के बीच राहुल गांधी और शिवकुमार बैठक के पहले तीन घंटे एक साथ रहे। इसके बाद शिवकुमार मल्लिकार्जुन खरगे से मिलने चले गए। शिवकुमार विश्व आर्थिक मंच की बैठक के लिए दावोस की अपनी निर्धारित यात्रा रद करने के बाद नई दिल्ली में हैं।
‘पार्टी के काम से आया हूं दिल्ली’
उन्होंने मीडिया से अपनी यात्रा को लेकर ”कोई बड़ा मुद्दा नहीं बनाने” का अनुरोध किया और कहा कि वह सरकारी और पार्टी के काम के लिए राष्ट्रीय राजधानी आए हैं। शिवकुमार की दिल्ली यात्रा कर्नाटक में नेतृत्व परिवर्तन की अटकलों के बीच हो रही है।
समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, शिवकुमार ने रविवार को बताया कि मनरेगा को रद किए जाने के विरोध में कांग्रेस नेता 27 जनवरी को राजभवन या बेंगलुरु स्थित प्रदेश भाजपा मुख्यालय का घेराव करेंगे। पार्टी नेता नए वीबी-जीरामजी अधिनियम का विरोध करते हुए राज्य के प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में पांच किलोमीटर की पदयात्रा भी करेंगे।