इमेज कैप्शन, सरबजीत के वकील का कहना है कि सरबजीत और नासिर सोशल मीडिया के ज़रिए एक दूसरे के संपर्क में थे….में
पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री सरदार रमेश सिंह अरोड़ा ने पुष्टि की है कि यात्री वीज़ा पर पाकिस्तान आकर शादी करने वाली भारतीय महिला सरबजीत कौर और उनके पाकिस्तानी पति नासिर हुसैन को हिरासत में ले लिया गया है.
रमेश सिंह अरोड़ा के मुताबिक़ 48 वर्षीय सरबजीत कौर को गुरुवार के दिन वाघा सीमा के रास्ते भारत भेजा जा सकता है, जबकि उनके पाकिस्तानी पति के ख़िलाफ़ कार्रवाई की जाएगी.
सरबजीत कौर चार नवंबर को सिख यात्रियों के जत्थे के साथ पाकिस्तान आई थीं और उनके वीज़ा की मियाद 13 नवंबर तक थी, लेकिन वो वापस भारत नहीं गईं. सरबजीत ने पाकिस्तानी पंजाब के शेख़ूपुरा के रहायशी नासिर हुसैन से शादी कर ली, जिसके बाद वो पाकिस्तान में ही रह रही हैं.
रमेश सिंह अरोड़ा ने बीबीसी उर्दू को बताया कि चार जनवरी को ननकाना साहिब के एक गाँव पहरे वाली में सरबजीत कौर और नासिर हुसैन की मौजूदगी के बारे में पता चलने पर ख़ुफ़िया एजेंसियों की टीम ने तत्काल कार्रवाई की.
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उनका कहना था कि इस कार्रवाई के दौरान सरबजीत कौर को उनके पाकिस्तानी पति के साथ हिरासत में ले लिया गया. अब उन्हें ननकाना साहिब पुलिस के हवाले किया गया है. इस वक़्त दोनों ननकाना साहिब के थाना सदर में हिरासत में हैं.
रमेश सिंह अरोड़ा के मुताबिक़, पुलिस और इंटेलिजेंस ब्यूरो के अधिकारियों ने मिलकर इस मामले की तफ़्तीश की.
एजेंसियों को जांच में पता चला कि सरबजीत कौर और नासिर 2016 में टिकटॉक पर मिले थे और इन दोनों ने कई मौक़ों पर वीज़ा के लिए अर्ज़ियां भी दी थीं, लेकिन क़ानूनी वजहों के आधार पर उन्हें वीज़ा नहीं दिया गया.
क्या है मामला
इमेज स्रोत, Police
इमेज कैप्शन, अदालत में पेश किए गए विवाह प्रमाण पत्र के अनुसार, नासिर हुसैन की आयु 43 वर्ष है जबकि सरबजीत कौर की आयु साढ़े 48 वर्ष है
रमेश अरोड़ा के मुताबिक़ चार नवंबर 2025 को नासिर गुरुद्वारा जन्म स्थान, ननकाना साहिब गए, जहां से वो सरबजीत कौर के साथ अपने पुश्तैनी इलाक़े यानी फ़ारूक़ाबाद, शेख़ूपुरा की ओर चले गए.
रमेश सिंह अरोड़ा ने बताया कि जांच में ये फ़ैसला किया गया है कि सरबजीत कौर को निर्वासित करने के लिए ईटीपीबी यानी अवेक्यूई ट्रस्ट प्रॉपर्टी बोर्ड के हवाले किया जाएगा.
ये बोर्ड पाकिस्तान के क़ानून के मुताबिक़ सरबजीत कौर को वापस भिजवाएगा, जबकि उनके पति की जांच जारी रहेगी. उनके मोबाइल फ़ोन की फ़ॉरेंसिक जांच भी करवाई जाएगी, जिसके बाद ही आगे की कार्रवाई का फ़ैसला किया जाएगा.
नवंबर में सरबजीत कौर की अपील पर लाहौर हाईकोर्ट ने पुलिस को उन्हें परेशान न करने का हुक्म दिया था. सरबजीत के वकील अहमद हसन पाशा के मुताबिक़, पंजाब पुलिस ने आठ नवंबर को सरबजीत और नासिर की तलाश में उनके घर पर छापा मारा था और उन पर शादी ख़त्म करने के लिए दबाव डाला जा रहा था.
अहमद हसन पाशा के मुताबिक़, इस अपील में अदालत से गुज़ारिश की गई थी कि पुलिस सरबजीत कौर और नासिर हुसैन की शादीशुदा ज़िंदगी में हस्तक्षेप न करे.
सुनवाई के बाद लाहौर हाईकोर्ट के जज जस्टिस फ़ारूक़ हैदर ने पंजाब पुलिस को सरबजीत को परेशान करने से रोक दिया था और इस बारे में आईजी पंजाब को आदेश जारी किया था.
हालांकि शेख़ूपुरा पुलिस के प्रवक्ता राना यूनुस ने बीबीसी उर्दू को बताया था कि पुलिस ने किसी भारतीय महिला या उनके पाकिस्तानी पति को परेशान नहीं किया है. उनका कहना था कि ‘इस बारे में जो आरोप लगाए गए हैं, वो हक़ीक़त के उलट हैं और पुलिस का इनके साथ कोई संबंध नहीं है.’
उन्होंने कहा कि “ये मामला संवेदनशील है, इसलिए इसे कई एजेंसियां देख रही हैं और जो फ़ैसला भी होगा, वो पाकिस्तान के क़ानून के मुताबिक़ ही होगा.”
सरबजीत के वकील का कहना है कि उन्होंने 15 नवंबर को दोनों को अपने चैम्बर में बुलाया था ताकि वे अधिकारियों के सामने अपने बयान दर्ज करवा सकें, लेकिन वादा करने के बावजूद दोनों पति-पत्नी नहीं आए और नासिर हुसैन का मोबाइल फ़ोन भी बंद हो गया था.
इस्लाम क़ुबूल किया, फिर निकाह
सरबजीत कौर चार नवंबर को सिख यात्रियों के जत्थे के साथ पाकिस्तान आई थीं. वह अगले दिन गुरुनानक के जन्म दिवस के मौक़े पर ननकाना साहिब जाने वाली थीं.
लेकिन सात नवंबर को महिला की तरफ़ से शेख़ूपुरा के ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट में दायर किए गए बयान के मुताबिक़ उन्होंने पाकिस्तान आने के बाद अपनी मर्ज़ी से इस्लाम क़ुबूल किया और नासिर हुसैन नामी पाकिस्तानी नागरिक से शादी कर ली थी.
इस बयान में उनके वकील अहमद हसन पाशा का कहना है कि शादी शेख़ूपुरा की संबंधित यूनियन काउंसिल में रजिस्टर करवाई गई थी.
शेख़ूपुरा के ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट मुहम्मद ख़ालिद महमूद वड़ैच की अदालत में जो दस्तावेज़ जमा करवाए गए थे, उनके मुताबिक़ सरबजीत कौर ने क़ारी हाफ़िज़ रिज़वान भट्टी के आगे इस्लाम क़ुबूल किया, जिसके बाद उनका इस्लामी नाम ‘नूर’ रखा गया.
उन्हें पांच नवंबर को इस्लाम धर्म क़ुबूल करने का प्रमाण पत्र जारी किया गया था.
अदालत में जो निकाहनामा जमा करवाया गया, उसके मुताबिक़ नासिर हुसैन की उम्र 43 साल, जबकि दुल्हन की उम्र साढ़े 48 साल है. निकाहनामे के मुताबिक़, हक़ मेहर दस हज़ार रुपये मुक़र्रर की गई थी.
इसमें ये भी दर्ज है कि नासिर हुसैन पहले से शादीशुदा हैं और उन्हें दूसरी शादी की इजाज़त की ज़रूरत नहीं.
भारतीय महिला की ओर से अदालत में एक शिकायत भी दायर की गई है, जिसमें पुलिस पर धमकियां देने और झूठा मुक़दमा दर्ज करने के इल्ज़ाम लगाए गए हैं.
उन्होंने ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट मुहम्मद ख़ालिद महमूद वड़ैच की अदालत में पाकिस्तान की दंड संहिता 200 के तहत दायर किए केस में कहा है कि ‘उन्होंने अपनी ख़ुशी से नासिर हुसैन से निकाह किया.’
वो कहती हैं कि “मुझे किसी ने अग़वा नहीं किया, मैंने अपनी आज़ाद मर्ज़ी से शादी की है. मैं अपने माता-पिता के घर से सिर्फ़ तीन कपड़ों में आई हूं और कोई चीज़ अपने साथ नहीं लाई हूं.”
इस बयान में उन्होंने दावा किया कि “पुलिस मेरी निकाह करने की वजह से सख़्त नाराज़ है और पांच नवंबर को रात नौ बजे पुलिस अधिकारी ज़बरदस्ती हमारे घर में दाख़िल हुए. अधिकारियों ने कहा कि हमारे साथ चलो, मगर मेरे इनकार पर वो ग़ुस्सा हो गए.”
उनका कहना है कि “मेरे शोर मचाने पर पड़ोसी भी आ गए.” सरबजीत ने अदालत से अनुरोध किया था कि उन्हें और उनके पति को पुलिस से सुरक्षा प्रदान की जाए.
सरबजीत कौर नासिर हुसैन को नौ साल से जानती थीं
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इमेज कैप्शन, कपूरथला के सहायक पुलिस अधीक्षक धीरेंद्र वर्मा
सरबजीत का ताल्लुक़ पंजाब के ज़िला कपूरथला से है. कपूरथला की पुलिस का कहना है कि इस मामले की जांच जारी है. सरबजीत क़रीब दो हज़ार सिख यात्रियों के जत्थे में शामिल थीं. ये जत्था 10 दिन के दौरे के बाद 13 नवंबर को भारत वापस आ गया था, लेकिन सरबजीत कौर उनके साथ वापस नहीं आईं.
बीबीसी पंजाबी के अनुसार नवंबर में कपूरथला के सहायक पुलिस अधीक्षक धीरेंद्र वर्मा ने बताया कि सूचना मिलने के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी थी. इस्लाम धर्म अपनाने और शादी करने के बारे में किसी तरह की जानकारी से वर्मा ने इनकार किया था.
उन्होंने कहा कि मीडिया में ऐसी ख़बरें हैं लेकिन पुलिस के पास इस बारे में कोई ठोस सबूत या जानकारी नहीं है.
बीबीसी पंजाबी के सहयोगी संवाददाता रविंदर सिंह रॉबिन से बात करते हुए, शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक समिति के सचिव प्रताप सिंह ने कहा था कि समिति ने इस मामले की जांच करने के बाद फ़ैसला किया है कि अब से किसी भी अकेली महिला को ऐसे समूहों में नहीं भेजा जाएगा.
भारतीय मीडिया में छपी ख़बरों के मुताबिक़, सरबजीत का तलाक़ हो चुका है और उनकी पिछली शादी से दो बेटे हैं. ख़बरों के अनुसार सरबजीत के पति क़रीब तीन दशकों से इंग्लैंड में रह रहे हैं.
ज़िला कपूरथला के गाँव तलवंडी चौधरियां के एसएचओ निर्मल सिंह के मुताबिक़ उन्हें इस बारे में गाँव के सरपंच से पता चला था.
उधर पाकिस्तान में वकील अहमद हसन पाशा का कहना है कि नासिर हुसैन पेशे से ज़मींदार हैं.
उन्होंने बीबीसी के साथ एक वीडियो शेयर किया, जिसमें सरबजीत को ये कहते सुना जा सकता है कि उनका भारत में तलाक़ हो गया है और उन्होंने अपनी मर्ज़ी से इस्लाम क़ुबूल कर नासिर हुसैन से शादी का फ़ैसला किया है.
सरबजीत का दावा है कि वो नासिर हुसैन को नौ साल से जानती हैं.
वकील अहमद हसन पाशा ने बताया कि सरबजीत और नासिर की बातचीत इंस्टाग्राम पर होती रही है और छह महीने पहले दोनों ने शादी करने का फ़ैसला किया था.
वकील ने बताया कि ये दोनों उनके पास क़ानूनी मदद के लिए आए थे.
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित