जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। साइबर सुरक्षा को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए अहम बताते हुए गृहमंत्री व सहकारिता मंत्री अमित शाह ने सभी एजेंसियों के बीच समन्वय बढ़ाने पर जोर दिया है। शाह के अनुसार साइबर फ्रॉड अब एक संगठित अपराध का रूप धारण कर चुका है और इससे सभी को मिलकर निपटना होगा।
बड़ी संख्या सिम कार्ड, आइएमईआइ नंबर ब्लाक कराने से लेकर साइबर अपराधियों द्वारा ठगी गई रकम को वापस कराने में मिल रही सफलता का हवाला देते हुए उन्होंने राज्यों को हेल्पलाइन नंबर 1930 के लिए पर्याप्त मात्रा में कॉलर बैठाने को कहा ताकि समय पर कार्रवाई से फ्रॉड की रकम को तत्काल फ्रीज किया जा सके। साइबर-सक्षम धोखाधड़ी से निपटने और इसके इकोसिस्टम को ध्वस्त करने पर आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित करते हुए अमित शाह ने एक ओर तेजी से बढ़ते साइबर फ्राड का आंकड़े दिये तो वहीं उससे निपटने के लिए एजेंसियों द्वारा किये जा रहे प्रयासों की सराहना भी की।
20 हजार करोड़ रुपए के साइबर फ्राड के मामले दर्ज
शाह ने बताया कि 20 हजार करोड़ रुपए के साइबर फ्रॉड के मामले दर्ज किये गए हैं, जिनमें से 8,189 करोड़ रुपये फ्रीज करने या पीडि़त को वापस लौटाने में सफलता मिली है। इसी तरह गृह मंत्रालय ने 12 लाख सिम कार्ड को रद्द और तीन लाख मोबाइ के आइएमईआइ को ब्लाक करने के साथ ही 20, 853 आरोपितों को गिरफ्तार भी किया गया है। उन्होंने कहा कि 2021 में स्थापित भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (आइ4सी) ने देश भर की एजेंसियों के साथ समन्वय और इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास में प्रभावी कदम उठाया है।
देश के 62 बैंक और वित्तीय संस्थाएं समेत 795 संस्थान आइ4सी के साथ जुड़ चुके हैं और इस साल के अंत तक सहकारी बैंकों समेत सभी वित्तीय एजेंसियों को इससे जोड़ दिया जाएगा। शाह ने आंकड़े पेश करते हुए साइबर अपराध की व्यापकता बताई। उनके अनुसार देश में हर 37 सेंकेंड में एक व्यक्ति यानी हर घंटे लगभग 100 व्यक्ति साइबर अपराध का शिकार हो रहे हैं।
म्यूल एकाउंट हंटर सॉफ्टवेयर का तुरंत अपनाने का निर्देश
उन्होंने कहा कि इसे रोकने के काफी कुछ किया गया है, लेकिन अभी काफी कुछ किया जाना बाकी है। उन्होंने कहा कि यदि हमने समय पर कदम नहीं उठाया होता तो साइबर अपराध साधारण अपराध के बजाय एक राष्ट्रीय संकट बन जाता।
उन्होंने बैंकों से एनपीए की तरह ग्राहकों के हितों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की अपील की और आरबीआइ द्वारा बनाए गए म्यूल एकाउंट हंटर सॉफ्टवेयर का तुरंत अपनाने को कहा ताकि बैंकों के सभी खातों में से साइबर अपराध में इस्तेमाल होने वाले म्यूल एकाउंट को खोजकर बंद किया जा सके। अमित शाह ने इस अवसर पर सीबीआई में एक नई साइबर अपराध शाखा का उद्घाटन किया। इसके साथ ही आइ4सी के राज्य अपराध समन्वय केंद्र (एस4सी) का शुभारंभ भी किया।