डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। लद्दाख में हुई हिंसा में चार लोगों की मौत और राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत हिरासत में लिए जाने के एक वर्ष बाद सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने रविवार को न्यायिक जांच रिपोर्ट जारी करने, पीड़ितों के लिए अधिक मुआवजे और सरकारी शक्तियों के इस्तेमाल के लिए जवाबदेही तय करने की मांग की।
इस वर्ष मार्च में रिहा हुए वांगचुक ने एक प्रेस वार्ता में कहा कि सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस बीएस चौहान की अगुआई वाली जांच से यह पता चलना चाहिए कि पिछले वर्ष 24 सितंबर को पुलिस फायरिंग के दौरान क्या हुआ था, जिसमें यह बात भी शामिल है कि क्या गोली चलाने का आदेश दिया गया था और क्या गोलियों का इस्तेमाल करने से पहले भीड़ नियंत्रित करने के निर्धारित तरीके अपनाए गए थे।
उन्होंने यह भी कहा, जहां तक मैं समझता हूं, मेरा (24 सितंबर, 2025) एनकाउंटर करने की योजना थी, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। उन्होंने कॉकरोच जनता पार्टी के दो अक्टूबर को प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन का समर्थन किया और कहा कि वह संभवत: विरोध प्रदर्शन के दौरान शारीरिक रूप से मौजूद न रहें।
(समाचार एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ)