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साल 2025 में बॉलीवुड में छाए एंग्री मेन, महिला-प्रधान फ़िल्मों का दौर ख़त्म?

Byadmin

Jan 6, 2026


कंतारा का पोस्टर

इमेज स्रोत, Kantara Poster/Insta

2025 में भारतीय फ़िल्म इंडस्ट्री जैसे अपने जाने-पहचाने मैदान में खेलने के लिए वापस पहुंच गई. उससे पहले वाले साल में महिला केंद्रित कहानियों ने थोड़े समय के लिए भारत की वैश्विक सिनेमाई छवि को बदला था… वाहवाही बटोरी थी और नए लोगों का ध्यान खींचा था. लेकिन पिछले साल बॉलीवुड की हिंसक, पुरुष-प्रधान एक्शन थ्रिलर फ़िल्में घरेलू बॉक्स ऑफिस और सांस्कृतिक चर्चाओं पर छा गईं.

2025 के आख़िरी हफ़्तों में भारतीय सोशल मीडिया पर बस एक ही फ़िल्म की चर्चा थी, ‘धुरंधर‘. यह भारत-पाकिस्तान तनाव की पृष्ठभूमि पर बनी एक जासूसी थ्रिलर फ़िल्म है. हिंसा को खुलकर दिखाने वाली और अपराध की दुनिया की राजनीति से भरी यह फ़िल्म साल की सबसे बड़ी हिट बनी. इसके साथ ही यह आक्रामक, अति-पुरुषवादी फ़िल्मों की उस श्रृंखला में शामिल हो गई जो बहुत लोकप्रिय रही हैं.

यह रुझान 2024 से पूरी तरह अलग था. उस साल महिलाओं की बनाई कई फ़िल्में, जैसे कि पायल कपाड़िया की ‘ऑल वी इमैजिन ऐज़ लाइट’, शुचि तलाठी की ‘गर्ल्स विल बी गर्ल्स’ और किरण राव की ‘लापता लेडीज़’, ने दुनिया का ध्यान खींचा था और सराहना पाई थी.

फ़िल्म समीक्षक मयंक शेखर कहते हैं, “2024 ने साबित किया कि भारतीय महिला फ़िल्मकार हाशिए की नहीं, बल्कि दुनिया की अगुवाई करने वाली आवाज़ें हैं.” वह इसे कोई अस्थायी ट्रेंड नहीं बल्कि “एक निर्णायक पल” मानते हैं.

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