इमेज कैप्शन, जंतर-मंतर से संसद तक सीजेपी ने सोमवार को मार्च निकालना चाहा था (फ़ाइल फ़ोटो)….में
कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संसद चलो मार्च के बीच, पुलिस कार्रवाई के दौरान एक 21 वर्षीय छात्रा गंभीर रूप से घायल हुई हैं. छात्रा की माँ ने इस बारे में बीबीसी न्यूज़ हिन्दी से बात की है.
नई दिल्ली में सोमवार को हुए विरोध मार्च के दौरान पुलिस ने लाठीचार्ज किया था और आंसू गैस के गोले दागे थे. इस दौरान घायल हुए स्टूडेंट्स और सुरक्षाबल के जवानों का इलाज राम मनोहर लोहिया और लेडी हार्डिंग अस्पताल में किया गया था.
प्रदर्शन के दौरान कुल कितने स्टूडेंट्स घायल हुए हैं. इसकी स्वतंत्र रूप से अभी तक पुष्टि नहीं हो सकी है, लेकिन दिल्ली पुलिस ने बताया था कि इस दौरान 70 से अधिक प्रदर्शनकारी घायल हुए थे.
साथ ही दिल्ली पुलिस ने यह भी बताया था कि सोमवार को प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस और सुरक्षाबलों के कुल 118 जवान घायल हुए थे.
मंगलवार को केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी, आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल और दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी ने राम मनोहर लोहिया अस्पताल में घायलों का हाल जाना.
21 वर्षीय स्टूडेंट कौन हैं?
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इमेज कैप्शन, सुरक्षाबलों ने सोमवार को प्रदर्शन के दौरान लाठीचार्ज किया था
सुबह हम 11 बजे से राम मनोहर लोहिया अस्पताल में थे और वहां पर वीवीआईपी नेताओं का आना-जाना लगा हुआ था.
इस दौरान पांचवीं मंज़िल पर हमें सर्जिकल डिपार्टमेंट के बाहर सुरक्षाबलों का काफ़ी जमावड़ा दिखा. इस दौरान पता चला कि प्रदर्शनों में एक छात्रा कथित तौर पर गंभीर रूप से घायल हुई हैं और वो यहां एडमिट हैं.
इसी मंज़िल पर मेरी मुलाक़ात छात्रा की मां से हुई जिन्होंने बताया कि उनकी 21 वर्षीय बेटी कंप्यूटर साइंस की छात्रा हैं. उनकी माँ ने बताया कि उनकी बेटी पढ़ाई के सिलसिले में पिछले तीन वर्षों से घर से बाहर रह रही थीं.
जब हमने उनसे पूछा कि उनकी बेटी को चोट कैसे लगी, तो भावुक होकर उन्होंने कहा, “आप बस प्रार्थना कीजिए कि मेरी बच्ची जल्द से जल्द ठीक हो जाए. मैं उसे इस हालत में नहीं देख सकती. कल मेरे सामने ही उसे ग्लूकोज़ की तीन बोतलें चढ़ाई गई थीं.”
इस बीच परिवार का हाल-चाल जानने के लिए राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और दीपेंद्र सिंह हुड्डा भी पहुंचे थे. उस दौरान भी माँ की सिर्फ़ एक ही गुहार थी “हमें कुछ नहीं चाहिए, बस मेरी बेटी ठीक हो जाए. हम बहुत परेशान हैं.”
महिला के साथ उनके दो बेटे भी थे और उन्होंने बताया कि छात्रा सोमवार शाम से ही अस्पताल में भर्ती है.
हालांकि महिला और उनके बेटे ने छात्रा की और ख़ुद की पहचान ज़ाहिर करने से इनकार कर दिया. उनके बेटों ने हमसे कहा कि उनकी मां फ़िलहाल बात करने की स्थिति में नहीं हैं. कुछ समय बाद सुरक्षाकर्मी उनको अपने साथ लेकर चले गए.
इस सिलसिले में मैंने अस्पताल प्रशासन से बात करनी चाही लेकिन उन्होंने बात करने से इनकार कर दिया.
सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने सोमवार और मंगलवार की दरमियानी रात एक्स पर ये जानकारी दी थी कि राम मनोहर लोहिया अस्पताल में एक लड़की गंभीर हालत में भर्ती है. उनका दावा था कि ये लाठीचार्ज में घायल हुई हैं.
मंगलवार शाम आरएमएल अस्पताल में लड़की के पिता और रिश्तेदार पहुंचे है. लड़के के भाई ने कहा कि जब बहन की हालत ठीक होगी तभी बात करेंगे.
उन्होंने बस इतना बताया, “उसका पूरा मुंह नीला पड़ा है. भीड़ उसके ऊपर से चढ़ गई. अभी डॉक्टर कुछ बता ही तो नहीं रहे, वो कुछ बोल नहीं रही है. मेरी बहन ने कुछ देखा ही तो नहीं है अभी. छोटी है वो. मैं घर में बड़ा भाई हूँ मेरे लिए कितना मुश्किल होगा, कोई उसका अंदाज़ा भी नहीं लगा सकता.”
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इमेज कैप्शन, कुल घायल प्रदर्शनकारियों का आंकड़ा अब तक सामने नहीं आया है
अस्पताल में कितने लोग भर्ती
राम मनोहर लोहिया अस्पताल और लेडी हार्डिंग अस्पताल ने कुल घायलों की संख्या का आंकड़ा जारी नहीं किया है.
हालांकि अस्पताल प्रशासन के कर्मचारियों ने नाम न ज़ाहिर करने की शर्त पर हमें बताया कि घायलों को इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई थी और अस्पताल में घायल नहीं हैं.
वहीं अस्पताल प्रशासन के एक डॉक्टर ने नाम न ज़ाहिर करने की शर्त पर हमसे कहा कि उन्हें किसी से भी बात करने से मना किया गया है.
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.
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