• Sun. Nov 30th, 2025

24×7 Live News

Apdin News

सुप्रीम कोर्ट ने ऑनलाइन कंटेंट पर नियंत्रण के लिए एक स्वायत्त निकाय बनाने की सलाह क्यों दी है?

Byadmin

Nov 30, 2025


ऑनलाइन कंटेंट

इमेज स्रोत, Getty Images

इमेज कैप्शन, सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि अभी ऑनलाइन कंटेंट की निगरानी और नियमों को लेकर कई तरह की कमियाँ हैं

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को अपनी एक टिप्पणी में कहा कि यूज़र्स के ऑनलाइन कंटेंट को रेगुलेट करने के लिए एक ऑटोनॉमस बॉडी यानी स्वायत्त निकाय की ज़रूरत है जो ‘दबाव से मुक्त’ हो.

चीफ़ जस्टिस ऑफ़ इंडिया (सीजेआई) जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच ने कहा कि ‘ख़ुद से ही बना लिए गए तंत्र’ ऑनलाइन कंटेंट को रेगुलेट करने में नाकाम रहे हैं क्योंकि ग़ैर-क़ानूनी कंटेंट को हटाने में समय लगता है.

सुप्रीम कोर्ट की बेंच पॉडकास्टर रणवीर अलाहाबादिया और अन्य लोगों की याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी.

याचिकाओं में इस साल फ़रवरी में यूट्यूब शो ‘इंडियाज़ गॉट लेटेंट’ पर किए गए विवादित कमेंट्स से जुड़ी एफ़आईआर को चुनौती दी गई थी.

मार्च में, कोर्ट ने इस मामले का दायरा बढ़ाते हुए केंद्र सरकार से यूट्यूब और दूसरे ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म पर अश्लीलता के ख़िलाफ़ रेगुलेशन का ड्राफ़्ट बनाने की संभावना तलाशने को कहा था.

By admin