डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि सोमवार को विपक्षी दलों, सिविल सोसाइटी और युवाओं का एक मार्च सुप्रीम कोर्ट तक जाएगा। वे भारत के प्रधान न्यायाधीश को ज्ञापन सौंपकर वोट चोरी रोकने, मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूचियों का विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) पर रोक लगाने की मांग करेंगे।
एक्स पर पोस्ट में राहुल गांधी ने कहा -“हम प्रेम, भाईचारे और देशभक्ति के साथ एकजुट होकर मार्च करेंगे। डरो मत।” उन्होंने कहा- “कल देश के युवा दिल्ली में शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने निकले थे। उनके दिलों में नफरत या गुस्सा नहीं, बल्कि प्रेम था। उन्हें पुलिसकर्मियों और भाजपा के गुंडों, दोनों ने पीटा। यह वह भारत नहीं है, जो हम चाहते हैं।
कल हम पार्टी, लिंग, जाति, समुदाय और राज्य की सीमाओं से ऊपर उठकर एकजुट होकर भारतीयों के तौर पर सुप्रीम कोर्ट तक मार्च करेंगे। युवा, सभी विपक्षी दल, सिविल सोसाइटी समूह और लोकतंत्र में विश्वास करने वाले तथा भारत के संविधान के साथ खड़े होने वाले सभी लोग हमारे साथ इस मार्च में चलेंगे।”
कांग्रेस नेता ने आगे कहा-“नरेन्द्र मोदी, अमित शाह, अजीत डोभाल और मोहन भागवत भारत की आवाज को दबा नहीं सकते। ये हमें डरा नहीं सकते। उन्हें पीछे हटना होगा।”
देश में अघोषित आपातकाल जैसे हालात- खरगे
उधर, बेंगलुरु में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि देश में अघोषित आपातकाल जैसे हालात है। खरगे ने कहा कि सरकार विरोध प्रदर्शनों को रोकने के लिए पुलिस बल का इस्तेमाल कर रही है और युवाओं की आवाज दबाने की कोशिश की जा रही है।
सुप्रीम कोर्ट बार के पूर्व अध्यक्ष ने मार्च रद करने की अपील की
सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (एससीबीए) के पूर्व अध्यक्ष आदिश सी. अग्रवाल ने रविवार को लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी से 12 अक्टूबर के सुप्रीम कोर्ट की ओर प्रस्तावित मार्च को रद करने की अपील की। उन्होंने कहा कि इससे न्यायपालिका पर अनुचित राजनीतिक दबाव पड़ेगा।
वरिष्ठ अधिवक्ता ने कहा कि सीजेआई अपनी प्रशासनिक क्षमता में सीईसी को इस्तीफा देने या उन्हें पद से हटाने का निर्देश देने का कोई अधिकार नहीं रखते।
चुनाव आयोग के कार्यों की वैधता के बारे में किसी भी शिकायत को उचित पीठ के समक्ष न्यायिक कार्यवाही के माध्यम से उठाया जाना चाहिए न कि सीजेआई को राजनीतिक ज्ञापन के माध्यम से। उन्होंने विपक्ष से भी अपील की कि वे सीजेआई के कार्यालय को राजनीतिक विवादों से ऊपर रखें।
(समाचार एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ)