डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने नोएडा स्पोर्ट्स सिटी के विकास से जुड़ी रुकी पड़ीं परियोजनाओं के संबंध में अपने निर्देशों का पालन करने के लिए न्यू ओखला इंडस्टि्रयल डेवलपमेंट अथारिटी (नोएडा अथारिटी) को आखिरी मौका दिया है।
जस्टिस एमएम सुंदरेश और जस्टिस एन. कोटिश्वर सिंह की पीठ ने कहा, ”एक आखिरी मौके के तौर पर इस कोर्ट द्वारा 24 नवंबर, 2025 और 15 जनवरी, 2026 को पारित पिछले आदेशों का पालन प्रतिवादी नोएडा को करना होगा।”
नोएडा अथारिटी को क्या मिला निर्देश?
24 नवंबर के आदेश में शीर्ष अदालत ने लोटस ग्रीन कंस्ट्रक्शंस और उसके साझेदारों द्वारा विकसित की जा रही परियोजना के लिए संरचित पुनरुद्धार ढांचे को मंजूरी दी थी। कोर्ट ने लगभग तीन वर्ष बाद निर्माण कार्य फिर शुरू करने की अनुमति दी थी और नोएडा अथारिटी को निर्देश दिया था कि वह निर्धारित शर्तों का पालन करने पर 30 से 45 दिनों के भीतर डेवलपर पर से प्रतिबंध हटा ले।
उक्त ढांचे के तहत डेवलपर को मूल स्पोर्ट्स सिटी नीति का पालन सुनिश्चित करने के लिए अथारिटी द्वारा जांच के लिए 30 दिनों के भीतर संशोधित मास्टर प्लान जमा करना आवश्यक है।
स्पोर्ट्स सिटी परियोजना पर से हटाया प्रतिबंध
शीर्ष अदालत के हालिया आदेश के बाद नोएडा अथारिटी ने सेक्टर-150 में एससी-02 स्पोर्ट्स सिटी परियोजना पर से प्रतिबंध हटा लिया, जो उत्तर प्रदेश में सबसे बड़ी मिश्रित-उपयोग परियोजनाओं में से एक के पुनरुद्धार के अगले चरण का संकेत है।
यह निर्णय अथारिटी की 221वीं बोर्ड बैठक में लिया गया। उक्त प्रतिबंध अथारिटी की 201वीं बोर्ड बैठक में जनवरी, 2021 में लगाया गया था।
सशर्त आक्यूपेंसी सर्टिफिकेट की भी समीक्षा की निर्देश
बोर्ड ने स्पोर्ट्स सिटी एससी-02 के लिए जारी सशर्त आक्यूपेंसी सर्टिफिकेट की भी समीक्षा की और निर्देश दिया कि आगे सभी कदम शीर्ष अदालत के निर्देशों के अनुसार सख्ती से उठाए जाएं। नोएडा में सभी चार स्पोर्ट्स सिटी परियोजनाओं में लगभग 20,000 खरीदार कब्जा मिलने या रजिस्ट्रेशन का इंतजार कर रहे हैं।