अरविंद पांडेय, नई दिल्ली। मोदी सरकार के 12 सालों के कार्यकाल में अब तक चार शिक्षा मंत्री बनाए जा चुके है लेकिन इनमें से एक भी अपना पांच साल का कार्यकाल पूरा नहीं कर पाए है। इनमें स्मृति ईरानी से लेकर प्रकाश जावड़ेकर, रमेश पोखरियाल निशंक और अब धर्मेंद्र प्रधान का भी नाम जुड़ गया है।
वैसे तो अब तक बने शिक्षा मंत्रियों में धर्मेंद्र प्रधान सबसे अधिक यानी पांच सालों तक इस पद पर रहे, लेकिन दो कार्यकाल मिलाकर। उन्हें मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल के बीच में 2019 में शिक्षा मंत्री की जिम्मेदारी दी गई थी, जो तीसरे कार्यकाल के बीच में ही छोड़ना पड़ गया।
12 साल में 4 शिक्षा मंत्री
2014 में सत्ता में आने के बाद मोदी सरकार में सबसे पहले स्मृति ईरानी को शिक्षा मंत्री बनाया गया, जो उस समय मानव संसाधन विकास मंत्री के तौर पर जाना जाता था, लेकिन दो साल के बाद ही उन्हें हटा दिया गया है।
उनकी जगह जुलाई 2016 में प्रकाश जावड़ेकर को मानव संसाधन विकास मंत्रालय, अब के शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी दी गई, लेकिन वह भी करीब तीन साल तक ही इस पद पर रह पाए।
इसके बाद मई 2019 में रमेश पोखरियाल निशंक को शिक्षा मंत्री बनाया गया, लेकिन उन्हें भी दो साल बाद हटा दिया गया।
जुलाई 2021 में मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल के बीच धर्मेंद्र प्रधान को शिक्षा मंत्री का दायित्व सौंपा गया, जो अब तक इस पद को देख रहे थे और पिछले 12 सालों में रहे शिक्षा मंत्रियों में सबसे अधिक समय तक इस पद रहे।