• Sun. Jan 11th, 2026

24×7 Live News

Apdin News

‘हम पूरी तरह भारतीय कैसे दिखें?’, एक छात्र की हत्या ने भारत में नस्लवाद पर कैसे ध्यान खींचा

Byadmin

Jan 11, 2026


एंजेल चकमा

इमेज स्रोत, Getty Images

इमेज कैप्शन, 17 दिन बाद अस्पताल में इलाज के बाद एंजेल चकमा ने दम तोड़ दिया था

हिमालय की घाटी में बसा उत्तराखंड का शहर देहरादून, कुछ हफ़्ते पहले एक ग़लत वजहों से सुर्खियों में आया.

पूर्वोत्तर राज्य त्रिपुरा से 1,500 मील से भी ज़्यादा दूरी तय कर दो भाई एंजेल और माइकल चकमा देहरादून आए थे. उनके पिता तरुण चकमा ने बीबीसी को बताया कि 9 दिसंबर को वह बाज़ार गए थे, जहां कुछ लोगों ने उन्हें घेर लिया और कथित तौर पर नस्लीय गालियां दीं.

जब उन्होंने इसका विरोध किया तो उन पर हमला कर दिया गया. माइकल चकमा के सिर पर लोहे के कड़े से वार किया गया, जबकि एंजेल चकमा को चाकू मार दिया गया.

माइकल अब ठीक हो चुके हैं, लेकिन 17 दिन बाद अस्पताल में इलाज के बाद एंजेल चकमा ने दम तोड़ दिया.

By admin