डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी द्वारा ट्रेनों में वरिष्ठ नागरिकों के लिए रियायतें बहाल न करने के कारणों को लेकर पूछे गए सवालों का जवाब देते हुए रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बुधवार को कहा कि भारतीय रेलवे में यात्रा करने वाले प्रत्येक यात्री को औसतन 45 प्रतिशत की रियायत मिलती है।
वैष्णव ने लिखित जवाब में कहा कि भारतीय रेलवे ने 2023-24 में यात्री टिकटों पर 60,466 करोड़ रुपये की सब्सिडी दी।

रेलवे प्रत्येक यात्री को 45% सब्सिडी
इससे रेल में यात्रा करने वाले प्रत्येक व्यक्ति को औसतन 45 प्रतिशत की रियायत मिलती है। उन्होंने आगे कहा कि दूसरे शब्दों में कहें तो, अगर सेवा प्रदान करने की लागत 100 रुपये है, तो टिकट की कीमत केवल 55 रुपये है।
यह सब्सिडी सभी यात्रियों के लिए जारी है। इसके अलावा, इस सब्सिडी राशि से अधिक की छूट कई श्रेणियों जैसे दिव्यांगजनों की चार श्रेणियों, रोगियों की 11 श्रेणियों और छात्रों की आठ श्रेणियों के लिए जारी है।
वैष्णव का यह जवाब राहुल गांधी के उस प्रश्न के उत्तर में आया, जिसमें उन्होंने पूछा था कि कोविड महामारी के दौरान यात्री सेवाओं के पूरी तरह सामान्य होने के बावजूद वरिष्ठ नागरिकों को दी जाने वाली छूट को बहाल क्यों नहीं किया गया है?

वंदे भारत में एसी चेयर कार का किराया
चीन, जापान और फ्रांस की तुलना में काफी कमएक अन्य प्रश्न के लिखित उत्तर में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि वंदे भारत एसी चेयर कार का 300-400 किलोमीटर की यात्रा का किराया लगभग 2.19 रुपये प्रति किलोमीटर है, जो चीन, जापान और फ्रांस जैसे देशों में इसी तरह की सेवाओं के किराए से काफी कम है।
वैष्णव के अनुसार, इन देशों में किराया सात रुपये से 20 रुपये प्रति किलोमीटर तक है। रेलवे मंत्रालय यात्री किराया निर्धारण करते समय सेवा की लागत, सेवा का मूल्य, दी जाने वाली सेवाओं और सुविधाओं के प्रकार, वहनीयता, अन्य प्रतिस्पर्धी साधनों से प्रतिस्पर्धा और सामाजिक-आर्थिक जैसे पहलुओं पर उचित ध्यान देता है।
उन्होंने आगे बताया कि वंदे भारत सेवाएं फरवरी 2019 में शुरू की गई थीं और वर्तमान में 82 मार्गों पर 164 ट्रेनें चल रही हैं।