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हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी:उदयनिधि का ‘सनातन मिटाओ’ बयान नरसंहार की मांग जैसा; अमित मालवीय के खिलाफ Fir रद्द – Madras High Court Udhayanidhi Eradicate Sanatana Statement Hints At Genocide Fir Against Amit Malviya Quashed

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Jan 21, 2026


न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई।
Published by: नितिन गौतम

Updated Wed, 21 Jan 2026 12:46 PM IST

उदयनिधि स्टालिन के सनातन धर्म को लेकर की गई विवादित टिप्पणी पर मद्रास हाईकोर्ट की मदुरै पीठ ने सख्त टिप्पणी की है। पीठ ने कहा कि स्टालिन की टिप्पणी से नरसंहार के संकेत मिलते हैं। पीठ ने भाजपा नेता अमित मालवीय को राहत देते हुए उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर भी रद्द करने का आदेश दिया। 


Madras High Court Udhayanidhi eradicate Sanatana statement hints at genocide FIR against Amit Malviya quashed

उदयनिधि स्टालिन के बयान पर हाईकोर्ट सख्त
– फोटो : अमर उजाला



विस्तार


मद्रास हाईकोर्ट की मदुरै पीठ ने सोमवार को तमिलनाडु के डिप्टी सीएम उदयनिधि स्टालिन के उस बयान पर सख्त टिप्पणी की, जिसमें उदयनिधि स्टालिन ने अपने एक संबोधन में सनातन धर्म का सफाया करने की मांग की थी। कोर्ट ने साफ कहा कि उदयनिधि स्टालिन का बयान नरसंहार की मांग जैसा है। हाईकोर्ट की पीठ ने भाजपा की आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय को राहत देते हुए उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर को भी रद्द करने का आदेश दिया। 

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हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी


  • मदुरै पीठ की जस्टिस एस श्रीमति ने अमित मालवीय के खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द करने का आदेश देते हुए कहा, ‘अगर सनातन धर्म को मानने वाले लोगों का समूह यहां नहीं होना चाहिए, तो इसके लिए सही शब्द ‘नरसंहार’ है। अगर सनातन धर्म एक धर्म है तो यह धर्मसंहार है।

  • इसका मतलब है किसी भी तरीके से या अलग-अलग तरीकों से किसी धर्म को मानने वाले लोगों को खत्म करना है, जिसमें पर्यावरणीय विनाश, तथ्य विनाश, संस्कृति विनाश (सांस्कृतिक नरसंहार) जैसे हमले शामिल हैं। इसलिए, तमिल शब्द ‘सनातन ओझिप्पु’ का साफ मतलब नरसंहार या संस्कृति विनाश होगा।’

  • जस्टिस श्रीमति ने स्टालिन के भाषण में ओझिप्पु शब्द पर विशेष जोर दिया और कहा कि पूरा मामला एक शब्द पर है, जो बेहद अहम है। पीठ ने कहा कि सरकार भी ओझिप्पु शब्द का मतलब सफाया मानती है।

  • इसके बाद अदालत ने इस शब्द के पर्यायवाची का भी जिक्र किया, जिनका मतलब भी सफाया, मिटाना, तबाह करना आदि बताया गया।

  • पीठ ने कहा, ‘अगर सनातन धर्म यहां नहीं होना चाहिए, तो इसका मतलब है कि सनातन धर्म को मानने वाले लोग यहां नहीं होने चाहिए।’

  • जज ने कहा कि अमित मालवीय ने पोस्ट में जो सवाल किया था, उसमें हिंसा या आंदोलन की मांग नहीं की गई थी। 

उदयनिधि स्टालिन की किस टिप्पणी पर हुआ था विवाद


  • सितंबर 2023 में ‘सनातन अबोलिशन कॉन्फ्रेंस’ नामक कार्यक्रम में अपने संबोधन के दौरान तमिलनाडु के डिप्टी सीएम उदयनिधि स्टालिन ने सनातन धर्म के खिलाफ विवादित टिप्पणी की थी।

  • उदयनिधि स्टालिन ने सनातन धर्म की तुलना डेंगू, मलेरिया और कोरोना महामारी से करते हुए कहा था कि ऐसी चीजों को सिर्फ रोकना ही जरूरी नहीं है बल्कि इन्हें मिटा देना चाहिए। इसी तरह सनातन धर्म का भी सिर्फ विरोध नहीं होना चाहिए बल्कि इसे पूरी तरह से मिटा देना चाहिए।

  • उदयनिधि स्टालिन के बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर साझा करते हुए कैप्शन में सवाल किया था कि क्या ये बयान भारत की 80 फीसदी जनसंख्या के नरसंहार की मांग जैसा नहीं है?

  • इस पोस्ट को लेकर तमिलनाडु पुलिस ने भाजपा नेता अमित मालवीय के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। एफआईआर में भाजपा नेता पर उदयनिधि स्टालिन की टिप्पणी को तोड़-मरोड़कर पेश करने और समूहों के खिलाफ दुश्मनी पैदा करने का आरोप लगाया गया था। जिसके खिलाफ अमित मालवीय ने अदालत का रुख किया। 

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