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होर्मुज़ नाकेबंदी से भारत की खाद आपूर्ति पर कितना असर? युद्ध लंबा चला तो क्या होगा?

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Mar 27, 2026


ईरान युद्ध की वजह से भारत में खाद की आपूर्ति प्रभावित हुई है

इमेज स्रोत, AFP via Getty Images

इमेज कैप्शन, ईरान युद्ध की वजह से भारत में खाद की आपूर्ति प्रभावित हुई है

मध्य पूर्व में युद्ध की वजह से शिपिंग मार्ग बाधित होने से भारत की खाद आपूर्ति पर दबाव बढ़ गया है. इससे खेती की पैदावार घटने और खाद्य कीमतें बढ़ने की आशंका जताई जा रही है.

भारत, चीन के बाद दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा खाद उपभोक्ता है, और कच्चे माल के साथ ही तैयार उत्पादों के लिए काफ़ी हद तक आयात निर्भर है. इनका बड़ा हिस्सा खाड़ी देशों से आता है और होर्मुज़ स्ट्रेट से होकर गुज़रता है, जहां शिपिंग बाधित है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि सरकार ने ऐसे कदम उठाए हैं कि खाद आपूर्ति प्रभावित न हो और किसानों पर इसका असर न पड़े.

विश्लेषकों का कहना है कि मौजूदा स्टॉक आने वाले बुवाई सीज़न के लिए पर्याप्त है, लेकिन अगर युद्ध लंबा खिंचता है तो स्थिति बदल सकती है.

भारत में सबसे ज़्यादा इस्तेमाल होने वाली नाइट्रोजन खाद जैसे यूरिया किसानों के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं क्योंकि धान और गेहूं जैसी फसलें सीधे हवा से पर्याप्त नाइट्रोजन नहीं ले पातीं.

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