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होर्मुज संकट के बीच चमका केरलम स्थित विजिनजाम पोर्ट, थरूर ने कहा- ‘भारत का जवाब तैयार’

Byadmin

Apr 20, 2026


डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। ईरान युद्ध के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य में बाधा से जहां दुनिया की शिपिंग व्यवस्था प्रभावित है, वहीं भारत का केरल स्थित विजिनजाम पोर्ट तेजी से एक अहम विकल्प बनकर उभर रहा है। कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने इसे भारत का बड़ा अवसर बताया है।

ईरान युद्ध और होर्मुज जलडमरूमध्य में जारी संकट के बीच वैश्विक शिपिंग व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो रही है। इसी बीच केरल के तिरुवनंतपुरम स्थित विजिनजाम पोर्ट चर्चा में आ गया है। कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर बताया कि इस पोर्ट पर जहाजों की भारी भीड़ देखने को मिल रही है।

थरूर के मुताबिक, इस समय करीब 100 जहाज विजिनजाम पोर्ट पर आने के इंतजार में हैं या वहां पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने इसे भारत का ‘ट्रांसशिपमेंट जवाब’ बताते हुए कहा कि यह पोर्ट अब वैश्विक स्तर पर अहम भूमिका निभाने लगा है। यह पोर्ट अदाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन द्वारा संचालित किया जाता है और हाल के समय में इसकी क्षमता और कामकाज में तेजी से बढ़ोतरी हुई है।

वैश्विक संकट में भारत को मौका

थरूर ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य में बाधा के कारण दुनिया को नए और भरोसेमंद समुद्री मार्ग की तलाश है, और ऐसे समय में विजिनजाम पोर्ट एक मजबूत विकल्प बनकर सामने आया है। उन्होंने बताया कि यह भारत का पहला डीप-वॉटर ट्रांसशिपमेंट हब है।

उन्होंने यह भी कहा कि कभी इस प्रोजेक्ट को लेकर काफी संदेह था, लेकिन अब यह एक ‘ग्लोबल जरूरत’ बन चुका है। पोर्ट ने रिकॉर्ड समय में 10 लाख टीईयू (कंटेनर यूनिट) संभालने का आंकड़ा भी पार कर लिया है।

विस्तार की तैयारी

थरूर के अनुसार, मार्च 2026 में ही विजिनजाम पोर्ट ने 61 जहाजों को संभाला, जो एक नया रिकॉर्ड है। इसके अलावा 100 से ज्यादा जहाजों की बर्थिंग कॉल पेंडिंग हैं। उन्होंने बताया कि पोर्ट का विस्तार भी जारी है, जिससे एक साथ 5 बड़े जहाजों को संभालने की क्षमता विकसित की जा रही है। थरूर ने इसे ‘मैरिटाइम जायंट’ का जन्म बताते हुए कहा कि यह अब कोलंबो और सिंगापुर जैसे वैश्विक पोर्ट्स को टक्कर देने की स्थिति में है।

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