डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 13 फरवरी को प्रधानमंत्री कार्यालय की नई इमारत ‘सेवा तीर्थ’ और कर्तव्य भवन एक और दो का शुक्रवार की शाम को उद्घाटन करेंगे।
लेकिन इससे पहले पीएम मोदी इसी दिन दक्षिण ब्लॉक में केंद्रीय कैबिनेट की एक विशेष बैठक की अध्यक्षता करेंगे, जो ब्रिटिश युग के सचिवालय भवन में प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) के नए परिसर ‘सेवा तीर्थ’ में स्थानांतरण से पहले की अंतिम बैठक होगी। यह भारतीय कार्यपालिका पर करीब सवा सौ साल बाद ब्रिटिश छाप का अंत ही नहीं बल्कि स्वतंत्र आधुनिक भारत की निर्बाध कार्यप्रणाली का नया सोपान होगा।
आधिकारिक सूत्रों ने पुष्टि की है कि यह पीएमओ में अंतिम कैबिनेट बैठक होगी, जो 1900 के दशक की शुरुआत में ब्रिटिश आर्किटेक्ट हर्बर्ट बेकर द्वारा ब्रिटिश राज की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए डिजाइन की गई थी।

शुक्रवार को अपराह्न 4 बजे निर्धारित इस कैबिनेट बैठक के बाद पीएमओ का ‘सेवा तीर्थ’ में स्थानांतरण होगा। यह कदम एक युग के अंत का प्रतीक होगा, क्योंकि सभी सरकारी विभाग उत्तर और दक्षिण ब्लाकों को खाली कर देंगे, जो 1921 से सत्ता का केंद्र रहे हैं।
सरकार इन प्रतिष्ठित भवनों को ‘युगे युगेन भारत राष्ट्रीय संग्रहालय’ में परिवर्तित करने की योजना बना रही है, जो भारत की सभ्यता यात्रा को दर्शाने वाला एक विश्व स्तरीय संग्रहालय होगा। यह स्थानांतरण भारत की प्रशासनिक वास्तुकला और शासन को उपनिवेशीकरण से मुक्त करने के लिए सरकार की व्यापक पहल का हिस्सा है।
नार्थ और साउथ ब्लॉक देश में सवा सौ साल (ब्रिटिश काल से अब तक) से सत्ता का केंद्र रहे हैं। इससे पहले, गृह मंत्रालय ने लुटियंस’ दिल्ली के रायसीना हिल्स में नार्थ ब्लॉक परिसर से स्थानांतरित हो गया था।
परिवर्तनकारी मील का पत्थर
पीएमओ ने कहा कि सेवा तीर्थ, कर्तव्य भवन एक व दो का यह उद्घाटन भारत के प्रशासनिक शासन ढांचे में एक परिवर्तनकारी मील का पत्थर है और यह प्रधानमंत्री की आधुनिक, कुशल, सुलभ और नागरिक-केंद्रित शासन पारिस्थितिकी तंत्र बनाने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। दशकों से प्रमुख सरकारी कार्यालय व मंत्रालय केंद्रीय विस्टा क्षेत्र (पूर्व में लुटियंस जोन) में विभिन्न स्थानों पर बिखरे व पुराने बुनियादी ढांचे से कार्य कर रहे थे।
सेवा तीर्थ में एक ही स्थान पर प्रधानमंत्री कार्यालय, राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय व कैबिनेट सचिवालय स्थित हैं। कर्तव्य भवन एक व दो में कानून, रक्षा, वित्त, स्वास्थ्य, कृषि और कई अन्य प्रमुख मंत्रालयों के कार्यालय हैं। दोनों भवन परिसर में डिजिटल रूप से एकीकृत कार्यालय, संरचित सार्वजनिक इंटरफेस क्षेत्र व केंद्रीकृत रिसेप्शन सुविधाएं हैं।