डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। देश में इन दिनों 308 पहिये वाले ट्रक की खूब चर्चा हो रही है। सोशल मीडिया पर इसके वीडियो जमकर वायरल हो रहे हैं। इस ट्रक पर 200 टन वजन का वेसल लदा हुआ है जो उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी के बलरामपुर पहुंचना है।
यह वेसल बेल्जियम से मंगाया गया है और इसे लखीमपुर की बलरामपुर चीनी मिल यूनिट और एथेनॉल प्लांट में लगाया जाना है। वेसल लदा ट्रक पानी के जहाज से ओडिशा लाया गया था। अब यह यूपी पहुंच गया है।
करोड़ों रुपये का डीजल खर्च
इस ट्रक पर 200 टन का वेसल लदा हुआ है तो ऐसे में भारी वजन को सड़क पर संतुलित करने के लिए इसमें 308 पहिये (टायर) लगाए गए हैं। अत्यधिक वजन के कारण यह महाट्रक रोजाना केवल 10 से 12 किलोमीटर की ही दूरी तय कर पा रहा है और एक घंटे में सिर्फ पांच किमी. की दूरी तय करता है। ट्रक के चालक का कहना है कि ये ट्रक अब तक दो करोड़ रुपये का डीजल पी चुका है।

इतना ही नहीं इसके साथ दो अलग-अलग क्रेन भी चल रहे हैं। दो ट्रेलर भी हैं जो विशालकाय मल्टी एक्सल को अलग-अलग समय पर खींचने के काम में लगाए जाते हैं। साथ में 64 से अधिक कर्मचारी भी चल रहे हैं। इसे निकालने के लिए पुलिस, एनएचएआई और अन्य विभागों की टीम पहले से रूट का निरीक्षण कर रही है।
कहां ले जाया जा रहा वेसल?
जब यह बड़ा ट्रक हाईवे से गुजरता है तो राहगीर और आसपास के लोग कुछ देर के लिए रुक जाते हैं। लोग अपने मोबाइल फोन से इसकी तस्वीरें और वीडियो बनाते दिख रहे हैं।

बताया गया है कि इस वेसल को लखीमपुर खीरी के कुंभी गांव स्थित बलरामपुर चीनी मिल यूनिट में लगाया जाना है। लखीमपुर खीरी जिले के गोला गोकर्णनाथ तहसील क्षेत्र के कुंभी में स्थित बलरामपुर चीनी मिल्स लिमिटेड की कुंभी चीनी मिल एक प्रमुख चीनी उत्पादक इकाई है।
क्या होता है वेसल?
वेसल एक विशालकाय और भारी-भरकम बेलनाकार टंकी है, जिसका गन्ने से चीनी या एथेनॉल बनाने की प्रक्रिया में इस्तेमाल किया जाता है। यह लोहे और विशेष मजबूत मिश्र धातुओं से बनी एक बड़ी औद्योगिक टंकी होती है। इसे वैक्यूम पैन वेसल या साइक्लाइजेशन रिएक्टर भी कहा जाता है।

ये वेसल बहुत बड़े और भारी होते हैं। इनका वजन औसतन लगभग 180 से 200 टन या उससे अधिक होता है। इन्हें एक जगह से दूसरी जगह तक ले जाने के लिए सैकड़ों पहियों वाले खास हाइड्रोलिक ट्रेलर्स (जैसे 308 पहियों वाले ट्रक) की जरूरत पड़ती है।