डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। देश में 2019-2023 के दौरान हुई सड़क दुर्घटनाओं में कुल 7.78 लाख लोगों की जान चली गई। इनमें से लगभग 3.35 लाख लोगों की मौत दोपहिया वाहनों से जुड़ी थीं। केंद्र सरकार द्वारा जारी आंकड़ों में यह बात सामने आई।
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि केंद्र सरकार सड़कों को सुरक्षित बनाने के लिए काम कर रही है?
भारत के शहरों और गांवों की जीवन रेखा माने जाने वाले दोपहिया वाहनों की बढ़ती संख्या के साथ ही इनसे जुड़ी दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों का उच्च आंकड़ा वाहन चालकों और यात्रियों के लिए बड़ा संकट बन गया है।
2019-23 में 7.78 लाख सड़क दुर्घटना मौतें दर्ज
सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (एमओआरटीएच) के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, 2023 में सड़क दुर्घटनाओं में हुई कुल मौतों में 45 प्रतिशत यानी 77,539 मौतें दोपहिया सवारों की थीं। इसमें लगभग 50 हजार ऐसे सवार थे, जिन्होंने हेलमेट नहीं पहना था।
देश में कुल सड़क हादसों में दोपहिया वाहनों से जुड़ी मौतों की हिस्सेदारी 2014 के 30 प्रतिशत से बढ़कर 2023 तक 45 प्रतिशत हो गई है।
इस रुझान से चिंतित मंत्रालय ने दोपहिया वाहनों में एंटी-लाक ब्रेकिंग सिस्टम (एबीएस) को बढ़ावा देने और वाहन की खरीद के समय गुणवत्ता-प्रमाणित हेलमेट उपलब्ध कराना सुनिश्चित करने का निर्णय लिया है।
दोपहिया वाहनों से 3.35 लाख मौतें
गडकरी ने बताया कि सरकार दोपहिया वाहनों के लिए सड़कों को सुरक्षित बनाने पर काम कर रही है। एक जनवरी, 2026 के बाद निर्मित 125 सीसी से कम वाले वाहनों सहित सभी दोपहिया वाहनों के लिए एबीएस अनिवार्य कर दिया गया है।
गडकरी ने कहा कि डीलरों के लिए अब प्रत्येक दोपहिया वाहन की बिक्री के साथ दो बीआइएस-प्रमाणित हेलमेट देना अनिवार्य है। इससे पहले एबीएस केवल 125 सीसी से ऊपर की मोटरसाइकिलों के लिए जरूरी था।
गडकरी ने कहा कि मंत्रालय ने डीलर के लिए बेचे जाने वाले प्रत्येक दोपहिया वाहन के साथ दो बीआइएस प्रमाणित हेलमेट देना अनिवार्य कर दिया है। पहले एबीएस केवल 125 सीसी से अधिक पावर वाली मोटरसाइकिल के लिए ही अनिवार्य था।
2026 से सभी दोपहिया वाहनों में ABS अनिवार्य होगा
यह सुरक्षा फीचर अचानक ब्रेक लगाने पर पहियों को लाक होने से रोकता है और नियंत्रण बेहतर बनाता है। केंद्रीय मंत्री ने यह भी कहा कि 2026 में मंत्रालय की सर्वोच्च प्राथमिकता एक नया सड़क सुरक्षा विधेयक पारित करना होगा, ताकि हर साल होने वाली 1.8 लाख मौतों को कम किया जा सके। उन्होंने कहा कि इसे अगले सत्र में ही संसद के समक्ष रखने का प्रयास किया जाएगा।
गडकरी ने कहा कि सरकार ने रोड इंजीनियरिंग में सुधार, कानूनों को सख्त करने और जुर्माने में वृद्धि के प्रयास किए हैं। उन्होंने ¨चता जताई कि देश में सालाना पांच लाख हादसों में 1.8 लाख लोगों की मौत होती हैं, जिनमें 66 प्रतिशत लोग 18-34 आयु वर्ग के होते हैं।
उन्होंने स्वीकार किया कि तमाम कोशिशों के बावजूद सरकार अभी तक दुर्घटना में मौत को कम करने में सफल नहीं हुई है। आंकड़ों के अनुसार, 2024 में सड़क हादसों में मरने वालों की संख्या 2.3 प्रतिशत बढ़कर 1.77 लाख से अधिक हो गई, जो प्रतिदिन 485 मौतों के बराबर है।