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366 करोड़ के रिश्वतखोरी मामले में ED ने तमिलनाडु सरकार को लिखा पत्र, मंत्री पर FIR की मांग

Byadmin

Jan 20, 2026


डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। ईडी ने तमिलनाडु नगर प्रशासन शहरी और जल आपूर्ति विभाग (एमएडब्ल्यूएस) में अधिकारियों और इंजीनियरों के तबादलों और नियुक्तियों में 366 करोड़ रुपये के मनी लॉन्ड्रिंग और भ्रष्टाचार गिरोह के संबंध में नई जानकारी साझा की है।

ईडी के चेन्नई क्षेत्रीय कार्यालय ने इस संदर्भ में राज्य के मुख्य सचिव और सतर्कता एवं भ्रष्टाचार विरोधी निदेशालय (डीवीएसी) को पत्र भेजकर मंत्री केएन नेहरू और उनसे जुड़े कुछ अन्य लोगों के खिलाफ पुलिस में प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की है।

मंत्री केएन नेहरू और अन्य पर FIR दर्ज करने की मांग

ईडी ने पिछले साल अक्टूबर और दिसंबर में राज्य सरकार के अधिकारियों को दो अलग-अलग पत्र भी लिखे थे, जिनमें एमएडब्ल्यूएस के टेंडरों और भर्तियों में व्यापक भ्रष्टाचार का दावा किया गया था और केएन नेहरू को इन आरोपों से जोड़ा गया था।

तब मंत्री ने अपना बचाव करते हुए कहा था कि उन्हें बदनाम करने के प्रयास में ईडी लगातार उन्हें निशाना बना रही है। उन्होंने कहा कि वह कानूनी रूप से आरोपों का सामना करेंगे।

तबादलों और नियुक्तियों में मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप

अधिकारियों ने बताया कि एमएडब्ल्यूएस के तबादलों और तैनाती में भ्रष्टाचार के मामले अप्रैल 2025 में ईडी के तब संज्ञान में आए, जब एक बैंक ऋण धोखाधड़ी मामले में छापेमारी की गई थी, जिसमें मंत्री नेहरू के रिश्तेदार और सहयोगी शामिल थे।

अधिकारियों के अनुसार, यह जांच ईडी ने सीबीआइ की एक एफआईआर के आधार पर शुरू की थी, जिसे बाद में रद कर दिया गया। चूंकि मूल अपराध बंद हो गया, इसलिए ईडी का मामला भी खत्म हो गया।

बैंक धोखाधड़ी मामले में आरोपितों ने एकमुश्त समझौते के तहत ऋण चुका दिया। इसके बाद ईडी ने पीएमएलए की धारा 66(2) के तहत उपलब्ध अपनी शक्तियों का उपयोग करते हुए इन जानकारियों और सुबूतों को राज्य सरकार और पुलिस के साथ साझा किया ताकि वे एक आपराधिक मामला दर्ज कर सकें जो बाद में पीएमएलए मामला दर्ज करने का आधार बन सके।

(न्यूज एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ)

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