अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने साफ कहा है कि तेल की कीमतें कब कम होंगी, इस पर अभी कोई निश्चित समय नहीं बताया जा सकता। उनके मुताबिक यह 50 दिन भी लग सकते हैं और 100 दिन भी – यानी हालात पूरी तरह अनिश्चित हैं।
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दरअसल, पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव और खासकर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के आसपास की स्थिति का सीधा असर दुनिया भर में तेल सप्लाई पर पड़ रहा है। यही वजह है कि तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव बना हुआ है।
‘ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान जारी रखने के लिए पर्याप्त पैसा’
स्कॉट बेसेंट ने एक इंटरव्यू में कहा कि अमेरिका के पास अभी ईरान के खिलाफ चल रहे सैन्य अभियान को जारी रखने के लिए पर्याप्त पैसा है। लेकिन भविष्य में सेना की तैयारी मजबूत रखने के लिए सरकार कांग्रेस से अतिरिक्त फंड भी मांग रही है। उन्होंने यह भी बताया कि अमेरिकी राष्ट्रपति राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पहले कार्यकाल की तरह इस बार भी सेना को मजबूत बनाने पर जोर दे रहे हैं, ताकि आगे किसी भी स्थिति से निपटा जा सके।
‘जो भी जरूरी होगा, अमेरिका वो कदम उठाएगा’
सबसे अहम बात यह रही कि स्कॉट बेसेंट ने कहा कि अमेरिका अपने लक्ष्यों को हासिल करने के लिए ‘जो भी जरूरी होगा, वो कदम उठाएगा।’ इसमें ईरान की सैन्य ताकत को कमजोर करना, उसकी वायुसेना और नौसेना को नुकसान पहुंचाना, और उसे परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना शामिल है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि होर्मुज जलडमरूमध्य के पास ईरान की सुरक्षा व्यवस्था को लगातार निशाना बनाया जा रहा है।
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‘कड़े रुख से ही हालात पर पाया जा सकता है काबू’
अमेरिकी वित्त मंत्री बेसेंट का एक बयान काफी चर्चा में है, ‘कभी-कभी तनाव कम करने के लिए पहले उसे बढ़ाना पड़ता है।’ यानी अमेरिका मानता है कि पहले कड़ा रुख अपनाकर ही हालात को कंट्रोल किया जा सकता है।
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