भारत में उड़ने वाले एयरबस की फ्लाइट ए320 परिवार के कुल 338 विमान में एक जरूरी सॉफ्टवेयर अपडेट की जरूरत है। यह अपडेट इसलिए किया जा रहा है ताकि उड़ान के दौरान फ्लाइट कंट्रोल सिस्टम में किसी तरह की गड़बड़ी या डेटा की गलती न हो। वहीं नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) के मुताबिक, इन विमान में से 270 विमान में अपडेट पूरा हो चुका है, यानी 90 फीसदी से ज्यादा बेड़ा अब सुरक्षित रूप से अपग्रेड हो चुका है।
किन एयरलाइनों के कितने विमान प्रभावित?
इंडिगो के कुल 200 विमान प्रभावित हुए हैं, हालांकि इसमें 184 का अपडेट पूरा हो चुका है। वहीं एअर इंडिया की बात करें तो इसके कुल 113 विमान सॉफ्टवेयर से संबंधित अपडेट की तहत प्रभावित हुए हैं, जबकि अब तक 69 का अपडेट पूरा हो चुका है। इस कड़ी में एअर इंडिया एक्सप्रेस के सबसे कम मात्र 25 विमान प्रभावित हुए है, जबकि 17 के अपडेट पूरे हुए हैं।
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हालांकि एयरलाइनों ने बड़े पैमाने पर फ्लाइट कैंसिलेशन से बचाव किया, लेकिन अपग्रेड के कारण देश के कई प्रमुख हवाई अड्डों पर 60 से 90 मिनट तक की देरी देखने को मिली। एअर इंडिया एक्सप्रेस ने सिस्टम अपडेट की वजह से 4 उड़ानें रद्द कीं, जबकि इंडिगो और एअर इंडिया ने कोई फ्लाइट रद्द नहीं की। इंडिगो ने देर रात पोस्ट करते हुए कहा कि उसके सभी A320 विमानों का अपग्रेड पूरा हो चुका है और अब पूरी फ्लीट लेटेस्ट अप्रूव्ड कॉन्फ़िगरेशन में ऑपरेट कर रही है। एयरलाइन ने यह भी कहा कि इस प्रक्रिया के दौरान एक भी उड़ान रद्द नहीं की गई।
भारतीय एयरलाइंस को डीजीसीए का आदेश
नागरिक उड्डयन महानिदेशालय ने सभी भारतीय एयरलाइनों को आदेश दिया है कि 30 नवंबर सुबह 5:29 बजे तक सभी विमान पर यह अपडेट पूरा कर दिया जाए।
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अपडेट क्यों जरूरी है?
पिछले दिनों एयरबस और यूरोपीय विमानन सुरक्षा एजेंसी (ईएएसए) ने चेतावनी दी थी कि तेज सोलर रेडिएशन से विमान के फ्लाइट कंट्रोल सिस्टम में इस्तेमाल होने वाला डेटा खराब हो सकता है। इस जोखिम को खत्म करने के लिए सॉफ्टवेयर और कुछ मामलों में हार्डवेयर को भी अपडेट किया जा रहा है।