तीन बच्चों वाले बयान को लेकर एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत पर निशाना साधा। उन्होंने पूछा कि मोहन भागवत भारतीयों के पारिवारिक जीवन में दखल देने वाले कौन होते हैं? उन्होंने कहा कि ऐसी घोषणाएं महिलाओं पर अनावश्यक बोझ डालेंगी।
दरअसल, संघ प्रमुख मोहन भागवत ने एक दंपती के तीन बच्चे होने की वकालत की थी। साथ ही कहा था कि जिस समाज में परिवारों के तीन से कम संतानें हों, उनका अस्तित्व धीरे-धीरे खत्म हो जाता है। उन्होंने आबादी नियंत्रण के साथ पर्याप्त जनसंख्या को भी देश के लिए जरूरी बताया था।
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मुस्लिम आबादी हिंदुओं से आगे निकलने का फैलाया झूठ
संघ प्रमुख के इस बयान को लेकर एआईएमआईएम प्रमुख ओवैसी ने उन पर निशाना साधा। ओवैसी ने कहा कि संघ प्रमुख के अनुसार, अब भारतीय महिलाओं को तीन बच्चे पैदा करने चाहिए। उन्होंने पूछा कि संघ प्रमुख ने मुस्लिम समुदाय को दोष क्यों दिया? ओवैसी ने कहा कि वर्षों से भाजपा और आरएसएस कहते रहे हैं कि मुस्लिम आबादी हिंदुओं से आगे निकल जाएगी। उन्होंने यह झूठ फैलाया है। अब वह कह रहे हैं कि हर महिला को तीन बच्चे पैदा करने चाहिए। आखिर मोहन भागवत कौन होते हैं भारतीयों के पारिवारिक मामलों में दखल देने वाले? ऐसा कहना महिलाओं पर अनावश्यक बोझ डालना है।
#WATCH | On RSS chief Mohan Bhagwat’s ‘three children’ call, AIMIM chief Asaduddin Owaisi says, “…He said that now Indian women should give birth to three children. Why did they blame the Muslim community? For years, the BJP and RSS said that the Muslim population will overtake… pic.twitter.com/Tku5Di5nZC
— ANI (@ANI) August 29, 2025
बढ़ती जनसंख्या को ओवैसी ने बताया बड़ी चुनौती
ओवैसी ने बढ़ती जनसंख्या को बड़ी चुनौती बताया। उन्होंने पूछा कि वे इस बारे में बात क्यों नहीं करते कि भारत के पास दुनिया में सबसे युवा आबादी है, जो हमारी बड़ी ताकत है। लेकिन आप उन्हें रोजगार नहीं दे पा रहे, और न ही उनके लिए अच्छी शिक्षा की व्यवस्था कर पा रहे हैं।
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भाजपा-आरएसएस के निशाने पर है संभल
ओवैसी ने संभल हिंसा को लेकर भी बात की। उन्होंने संभल हिंसा पर न्यायिक पैनल द्वारा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अपनी रिपोर्ट सौंपे जाने पर कहा, ‘मैंने रिपोर्ट नहीं पढ़ी है। संभल भाजपा-आरएसएस के निशाने पर है। न्याय की लड़ाई लड़ी जा रही है। हमें न्यायालय से उम्मीद है। हमें भाजपा, योगी और नरेंद्र मोदी से न्याय की कोई उम्मीद नहीं है।’
#WATCH | On judicial panel submitting its report on the Sambhal violence to UP CM Yogi Adityanath, AIMIM chief Asaduddin Owaisi says, “I haven’t read the report. Sambhal is on BJP-RSS target. The fight for justice is being fought. We have hopes with the Court. We have no hopes… pic.twitter.com/a6n6jIRNb0
— ANI (@ANI) August 29, 2025
देश कानून-संविधान से चलता है, गीता-कुरान से नहीं: रशीदी
संघ प्रमुख के बयान पर ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन के अध्यक्ष मौलाना साजिद रशीदी ने भी उन पर निशाना साधा। रशीदी ने कहा, ‘यह देश कानून, संविधान से चलता है। गीता या कुरान से नहीं। इसलिए, मोहन भागवत का बार-बार यह कहना कि यह एक हिंदू राष्ट्र है और इससे समझौता नहीं किया जा सकता, अन्य सभी धर्मों का अपमान है। वह कभी-कभी कॉमन सिविल कोड की भी बात करते हैं। अगर कॉमन सिविल कोड का मतलब सिर्फ यह सुनिश्चित करना है कि कानून सबके लिए समान हो, तो यह वास्तव में सबके लिए समान है। अगर आप चाहते हैं कि मुसलमानों, सिखों और बौद्धों के पर्सनल लॉ खत्म हो जाएं, तो हम ऐसे कॉमन सिविल कोड को स्वीकार नहीं करते…हम इसकी निंदा करते हैं।’
#WATCH | On RSS chief Mohan Bhagwat’s statements, All India Imam Association president Moulana Sajid Rashidi says, “…This country runs by law, by Constitution. Not by Gita or Quran. So, Mohan Bhagwat saying again and again that it is a Hindu rashtra and it cannot be compromised… pic.twitter.com/FSjKGJFtZz
— ANI (@ANI) August 29, 2025