न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा
Published by: विकास कुमार
Published by: विकास कुमार
Updated Fri, 29 Aug 2025 05:22 PM IST
पहले बीटा-2 कोतवाली और बाद में पुलिस आयुक्त गौतमबुद्धनगर को लिखित शिकायत दी थी, लेकिन एफआईआर दर्ज नहीं की गई। इसके बाद उन्होंने न्यायालय की शरण ली। मामले की सुनवाई करते हुए कोर्ट ने पाया कि लखनऊ के थाना विभूति खंड में पहले से ही इस विषय पर मुकदमा दर्ज है। बावजूद इसके कोर्ट ने कहा कि प्रथम दृष्टया संज्ञेय मामला बनता है।

अखिलेश यादव और डिंपल यादव।
– फोटो : अमर उजाला।