कुरुबरा मल्लिगे को मरा हुआ मान लिया गया था। वह अचानक साढ़े चार साल बाद जिंदा मिली। उनके पति पर उनकी हत्या का आरोप था। मल्लिगे ने बताया कि सुरेश उनके पहले पति हैं। उनके साथ उनकी 18 साल की शादी हुई थी और उनके दो बच्चे भी हैं। उन्होंने यह भी बताया कि वह आजकल अपने दूसरे पति, गणेश के साथ कोडागु में रह रही हैं।
18 साल पहले हुई थी सुरेश से शादी
मल्लिगे की शादी सुरेश के साथ 18 साल पहले हुई थी। वे कोडागु के बसावनहल्ली में रहते थे। 19 अक्टूबर, 2020 को मल्लिगे अचानक लापता हो गई। सुरेश जब अगले दिन सुबह उठे तो वह वहां नहीं थीं। कुछ हफ़्तों बाद, उन्होंने कुशनगर ग्रामीण पुलिस स्टेशन में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई।
जेल भेजा गया पति
इधर महिला के परिवार ने सुरेश पर पत्नी की हत्या का आरोप लगाया। पुलिस ने भी कुछ चलताऊ सबूत जुटाए और पति को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया। उस पर पत्नी की हत्या का केस चलने लगा। पुलिस ने उसके खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी।
दोस्त ने होटल में जो देखा, हुआ हैरान
सुरेश का दोस्त एक दिन कहीं बाहर घूमने गया। वह बस में था। बस रास्ते में एक होटल में रुकी। वह होटल के अंदर गया तो उसकी आंखें फटी रह गईं। वह भागकर बाहर आ गया। उसे कुछ समझ नहीं आ रहा था। कुछ देर वह वहीं खड़ा गया। उसकी नजर होटल पर पड़ी। वहां से गुलाबी सूट पहने एक महिला निकलती दिखाई गई।
बस में छिपकर बनाया वीडियो और खींची तस्वीरें
सुरेश का दोस्त भागकर वहां खड़ी बस में छिप गया। उसने फटाफट मोबाइल निकाला और महिला का वीडियो बनाना शुरू कर दिया। उसने यह सब सबूत के तौर पर कुरुबरा सुरेश को दिखाया, ताकि वह पहचान सकें। इसके बाद, कोडागु पुलिस ने मल्लिगे को 1 अप्रैल को हिरासत में ले लिया। फिर उसे मैसूर की एक स्थानीय अदालत में पेश किया गया। वहां उनके पति के खिलाफ हत्या का मुकदमा चल रहा है।
गणेश से दूसरी शादी का दावा
सुरेश के वकील बी.एस. पांडु पुजारी ने बताया कि मल्लिगे 1 अप्रैल को मडिकेरी में गणेश के साथ खाना खा रही थीं। 1 अप्रैल को मिलने के बाद, मल्लिगे शांत रहीं। उसने पुलिस के सवालों के जवाब दिए और सुरेश को अपने पहले पति के रूप में स्वीकार किया। उसने यह भी बताया कि उसका अफेयर गणेश से हो गया था और वह 2020 सो उसके साथ भाग गई थी और कोडागु में रह रही थी। मल्लिगे ने दावा किया कि उसने गणेश से दूसरी शादी कर ली है।
कर्नाटक पुलिस पर उठे सवाल
कुछ सवाल अभी भी बने हुए हैं। जैसे कि सुरेश, जो एक दिहाड़ी मजदूर हैं, पर बिना किसी ठोस सबूत के हत्या का आरोप क्यों लगाया गया? और पुलिस ने मल्लिगे के परिवार के इस दावे को क्यों नहीं माना कि वह जिंदा हैं? मल्लिगे को ढूंढने में भी कोई खास कोशिश नहीं की गई, जिससे कई सवाल खड़े होते हैं।