09:51 AM, 23-Jan-2026
भोजशाला परिसर का 300 मीटर क्षेत्र नो-फ्लाई जोन
भोजशाला क्षेत्र के 300 मीटर के दायरे में नो-फ्लाई जोन घोषित है। इस दायरे में ड्रोन, यूएवी, पैरा ग्लाइडिंग, हॉट एयर बैलून सहित ऐसी किसी भी गतिविधि पर पूरी तरह पाबंदी है। सड़कों और सार्वजनिक स्थलों पर भवन निर्माण सामग्री, मलबा, टायर और लावारिस गुमटियां रखने पर भी प्रतिबंध लगाया गया है।
09:32 AM, 23-Jan-2026
परिसर में पहुंचने लगे लोग

09:09 AM, 23-Jan-2026
कलेक्टर बोले- भोजशाला में पूजा निर्विघ्न चल रही
धार के कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने कहा कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए जो भी प्रबंध किए गए हैं उनमें हर व्यक्ति उत्कृष्ट रूप से अपने काम कर रहा है। भोजशाला में पूजा निर्विघ्न चल रही है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का अक्षरशः पालन किया जा रहा है। कलेक्टर ने नमाज को लेकर कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश अनुसार व्यवस्था की गई है।
08:47 AM, 23-Jan-2026
भोजशाला में विवाद की वजह क्या है?
भोजशाला 11वीं-12वीं सदी का एक ऐतिहासिक स्थल है, जिसे राजा भोज ने ज्ञान और कला के अध्ययन के लिए स्थापित किया था। यह अब पुरातत्व विभाग के संरक्षण में है। हिंदू समुदाय इसे देवी सरस्वती को समर्पित मंदिर और ज्ञान-स्थल मानता है। मुस्लिम समुदाय इसे कमाल मौला मस्जिद मानता है।
08:40 AM, 23-Jan-2026
भोजशाला से संबंधित वीडियो
08:38 AM, 23-Jan-2026
क्या बोले धार के शहर काजी?
भोजशाला मामले को लेकर मुस्लिम पक्ष ने अपनी स्थिति स्पष्ट की है। शहर काजी वकार सादिक ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर चर्चा के लिए जिला प्रशासन ने बैठक बुलाई थी, जिसमें सभी पक्षों से बातचीत हुई। उन्होंने कहा कि यहां हिंदू-मुस्लिम समुदाय में भाईचारा है और कुछ लोग निजी स्वार्थ के लिए सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं। शहर काजी ने स्पष्ट किया कि इस मामले में मुस्लिम समाज की ओर से कोई याचिका दायर नहीं की गई थी। विष्णु जैन द्वारा इंटरलोक्यूटरी एप्लिकेशन (IA) दाखिल की गई थी, जिस पर सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं। मुस्लिम पक्ष ने कलेक्टर से आग्रह किया है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश का अक्षरशः पालन किया जाए और न्यायालय की मंशा के अनुरूप कार्रवाई हो।
उन्होंने बताया कि अभी केवल प्रारंभिक बातचीत हुई है। आगे एक और दौर की चर्चा होगी, जिसमें समाज के वरिष्ठ वकील भी शामिल होंगे। फिलहाल किसी तरह की सूची प्रशासन को नहीं सौंपी गई है। जगह तय करने के सवाल पर शहर काजी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने स्थान तय करने की जिम्मेदारी प्रशासन को दी है। इसकी व्याख्या और आगे की प्रक्रिया के बारे में जिला प्रशासन ही जानकारी देगा। शहर काजी वकार शादिक ने कहा कि मुस्लिम समाज सुप्रीम कोर्ट के फैसले से संतुष्ट है और उसे विश्वास है कि मध्य प्रदेश शासन और जिला प्रशासन आदेश का पालन करेगा, जिससे गंगा-जमुनी तहजीब बनी रहेगी। उन्होंने कहा कि यह आदेश नया नहीं है, बल्कि 2003 में अटल बिहारी वाजपेयी सरकार के समय दिए गए निर्देशों की पुनरावृत्ति है, जिसका सभी पालन करेंगे।
08:31 AM, 23-Jan-2026
अफसरों ने मांगे नमाज पढ़ने वालों के नाम
प्रशासनिक अफसरों ने मुस्लिम समाज से नमाज में शामिल होने वाले लोगों के नाम मांगे हैं। इन नामों के आधार पर नमाज के लिए पास जारी किए जाएंगे। नमाज दोपहर एक बजे से तीन बजे के बीच अदा की जाएगी। अफसरों ने नमाज पढ़ने के लिए कुछ विकल्प भी सुझाए हैं, जिनमें से किसी एक निर्धारित हिस्से में नमाज अदा कराई जाएगी। इससे पहले वर्ष 2016 में भोजशाला के छत वाले हिस्से में नमाज हुई थी।
08:25 AM, 23-Jan-2026
भोजशाला परिसर में पूजा शुरू

07:51 AM, 23-Jan-2026
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
| पद / विवरण | संख्या |
| एसपी रेंज अधिकारी | 13 |
| अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक | 25 |
| एसडीओपी / नगर पुलिस अधीक्षक | 67 |
| नगर निरीक्षक | 107 |
| उपनिरीक्षक / सहायक निरीक्षक | 393 |
| प्रधान आरक्षक / आरक्षक | 4375 |
| महिला पुलिसकर्मी | 933 |
| RAF प्लाटून | 08 |
| प्रशासनिक अधिकारी-कर्मचारी | 2000 |
| पुलिस बल | 6461 |
07:39 AM, 23-Jan-2026
Dhar Bhojshala Dispute Live: भोजशाला परिसर में पूजा शुरू, दोपहर एक से तीन के बीच होगी नमाज; छावनी बना धार
मध्य प्रदेश के धार की भोजशाला में बसंत पंचमी पर आज पूजा और नमाज दोनों एक साथ की जाएंगी। सूर्योदय के साथ ही भोजशाला में हिंदू पक्ष ने पूजा शुरू कर दी है। यह सूर्यास्त तक चलेगी। दोपहर में 1 से 3 बजे तक भोजशाला परिसर में ही मुस्लिम समाज नमाज भी अदा करेगा।
कल सुप्रीम कोर्ट ने दिए थे आदेश
सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को धार भोजशाला मामले में बड़ा आदेश दिया था। आज 23 जनवरी (बसंत पंचमी, शुक्रवार) को हिंदू पक्ष को सूर्योदय से सूर्यास्त तक मां सरस्वती (वाग्देवी) की पूजा की पूरी छूट दी गई, जबकि मुस्लिम पक्ष को दोपहर 1 से 3 बजे तक जुमे की नमाज अदा करने की अनुमति दी है। कोर्ट ने प्रशासन को दोनों के लिए अलग-अलग जगह तय करने, विशेष पास व्यवस्था करने और शांति-सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने यह व्यवस्था हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस की याचिका पर सुनवाई करते हुए दी। मामले की सुनवाई CJI सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल पंचोली की पीठ ने की थी।