रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने राज्यसभा में बताया कि सभी रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में आपातकालीन चिकित्सा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के बाद विशेषज्ञ समिति की सिफारिश पर यह निर्णय लिया गया। रेलवे कर्मचारियों को प्राथमिक चिकित्सा का प्रशिक्षण दिया जाता है और सभी स्टेशनों पर अस्पतालों व डॉक्टरों की सूची उपलब्ध है।
पीटीआई, नई दिल्ली। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने राज्यसभा में एक लिखित उत्तर में कहा कि सभी रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में जीवन रक्षक दवाओं और उपकरणों सहित आपातकालीन चिकित्सा उपलब्ध कराने के निर्देश जारी किए गए हैं।
यह निर्णय सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के बाद एम्स, नई दिल्ली में गठित विशेषज्ञों की एक समिति की सिफारिशों के बाद लिया गया। सदन में यह मामला तब उठा जब भाजपा सांसद रयागा कृष्णैया ने पूछा कि क्या सरकार ने पिछले पांच वर्षों में देश भर में रेलवे स्टेशनों और यात्री ट्रेनों में चिकित्सा आपातकालीन केंद्रों की स्थापना के संबंध में कोई अध्ययन या सर्वेक्षण कराया है।
रेलवे कर्मचारियों के लिए नियमित रिफ्रेशर कोर्स किए जाते हैं आयोजित
वैष्णव ने कहा कि टीटीई, ट्रेन गार्ड, स्टेशन मास्टर और अन्य जैसे फ्रंट लाइन कर्मचारियों को प्राथमिक चिकित्सा प्रदान करने का प्रशिक्षण दिया जाता है। ऐसे कर्मचारियों के लिए नियमित रिफ्रेशर कोर्स आयोजित किए जाते हैं। सभी रेलवे स्टेशनों पर आस-पास के अस्पतालों और डॉक्टरों की सूची उनके संपर्क नंबरों के साथ उपलब्ध है। रेलवे, राज्य सरकार, प्राइवेट अस्पतालों और एम्बुलेंस सेवाओं का उपयोग घायल, बीमार यात्रियों को अस्पतालों, डॉक्टरों के क्लीनिकों तक पहुंचाने के लिए किया जाता है।
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