प्रतिस्पर्धा आयोग ने बीते दिनों इंडिगो एयरलाइन के संचालन संकट को लेकर एयरलाइन से जवाब मांगा है। साथ ही डीजीसीए से भी जानकारी मांगी गई है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या देश की सबसे बड़ी एयरलाइन ने पिछले महीने बड़े पैमाने पर उड़ानों के रद्द होने के बाद गलत बिजनेस प्रैक्टिस की थी। दिसंबर की शुरुआत में, इंडिगो को संचालन संबंधी दिक्कतों का सामना करना पड़ा था, जिसके कारण स्थिति सामान्य होने से पहले हजारों फ्लाइट कैंसिल हो गईं।
डीजीसीए ने इंडिगो के विंटर शेड्यूल में की थी 10 प्रतिशत की कटौती
इंडिगो एयरलाइन देश की सबसे बड़ी एयरलाइन है और जिसका घरेलू मार्केट शेयर 63 प्रतिशत से ज्यादा है। संचालन संकट के बाद डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) ने इंडिगो एयरलाइन के विंटर शेड्यूल में 10 प्रतिशत की कटौती की थी। अब प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) ने भी इस स्थिति का संज्ञान लिया था। रेगुलेटर ने इंडिगो को कुछ सवाल भेजे हैं, ताकि एयरलाइन के बिजनेस प्रैक्टिस की जांच करते हुए और जानकारी जुटाई जा सके। इसके अलावा, DGCA से भी जानकारी मांगी गई है, जिसमें हवाई किराया भी शामिल हैं।
गलत प्रतिस्पर्धा पर नजर रखता है आयोग
प्रतिस्पर्धा आयोग बाजार में गलत प्रतिस्पर्धा पर नजर रखता है, और किसी मामले का शुरुआती आकलन करता है। अगर शुरुआती तौर पर यह निष्कर्ष निकलता है कि संबंधित कंपनी ने प्रतिस्पर्धा के नियमों का उल्लंघन किया है, तो रेगुलेटर अपने डायरेक्टर जनरल (DG) द्वारा विस्तृत जांच का आदेश देता है। फिलहाल, इंडिगो के मामले में, एंटी-ट्रस्ट वॉचडॉग यह आकलन कर रहा है कि क्या एंटी-कॉम्पिटिटिव प्रैक्टिस के शुरुआती सबूत हैं।
ये भी पढ़ें- GDP: सरकार ने चालू वित्त वर्ष के जीडीपी अनुमानों में किया इजाफा, 7.4 प्रतिशत रह सकती है वृद्धि दर