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Iran:ईरान ने रूस के साथ किया युद्ध अभ्यास, पश्चिम एशिया के करीब पहुंचा अमेरिका का विमानवाहक पोत; तनाव बढ़ा – Iran Holds More Drills, Us Carrier Nears Mideast In Latest Preparations For Possible War

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Feb 20, 2026


ईरान ने गुरुवार को रूस के साथ वार्षिक सैन्य युद्ध अभ्यास किया। यह युद्ध अभ्यास ऐसे समय में हुआ है, जब अमेरिकी विमानवाहक  पोत पश्चिम एशिया के करीब पहुंच रहा है। अमेरिका और ईरान दोनों ने संकेत दिए हैं कि अगर तेहरान के परमाणु कार्यक्रम पर वार्ता विफल हुई, तो वे युद्ध के लिए तैयार हैं। 

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि वह ईरान के साथ समझौता की उम्मीद कर रहे हैं, लेकिन वार्ता वर्षों से ठप हैं। वहीं, ईरान ने अमेरिका और इस्राइली मांगों पर चर्चा करने से इनकार किया है। अमेरिका और इस्राइल की मांग है कि ईरान अपने मिसाइल कार्यक्रम में कटौती करे और सशस्त्र समूहों से अपने संबंध तोड़ने होंगे। हाल के हफ्तों में हुई अप्रत्यक्ष वार्ता में कोई खास प्रगति नहीं हुई। इसकी भी आशंका है कि इस समय का इस्तेमाल दोनों पक्ष युद्ध की अंतिम तैयारी के लिए कर रहे हैं। 

12 दिन के संघर्ष और विरोध प्रदर्शन के बाद ईरान सरकार की स्थिति कमजोर

पिछले साल इस्राइल और अमेरिका के साथ 12 दिनों तक संघर्ष और जनवरी में बड़े प्रदर्शनकारियों को हिंसक रूप से दबाने के बाद ईरान सरकार पहले से अधिक कमजोर हो गई है। फिर भी यह इस्राइल और अमेरिका के ठिकानों पर हमला करने में सक्षम है और उसने चेतावनी दी है कि कोई भी हमला क्षेत्रीय युद्ध को जन्म देगा।

हॉर्मुज की खाड़ी से गुजरता है दुनिया के तेल का एक-पांचवां हिस्सा

ईरान ने इस हफ्ते हॉर्मुज की खाड़ी में लाइव-फायर युद्धाभ्यास किया। यह फारस की खाड़ी का संकीर्ण मार्ग है, जिससे विश्व के व्यापारिक तेल का एक-पांचवां हिस्सा गुजरता है। ईरान के अंदर भी तनाव बढ़ रहा है। ईरान में जिन प्रदर्शनकारियों को सुरक्षा बलों ने मारा था, उनकी मौत के 40 दिन पूरे होने पर शोक सभाएं आयोजित की जा रही हैं। कुछ सभाओं में सरकार के खिलाफ नारे भी लगे। हालांकि अधिकारियों ने चेतावनी भी दी है।

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भूमध्य सागर के मुहाने पर अमेरिकी युद्धपोत

अमेरिका ने और भी युद्धपोत और विमान तैनात किए हैं और यूएसएस गेराल्ड आर फोर्ड नाम का विमानवाहक पोत भूमध्य सागर के मुहाने के पास है। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि अमेरिका ईरान पर जरूर हमला करेगा। लेकिन इतनी बड़ी सेना और जहाजों के आने से ट्रंप के पास हमला करने की क्षमता ज्यादा मजबूत हो गई है। अगर वे चाहें तो हमला कर सकते हैं। 

ट्रंप ने अब तक ईरान पर हमला करने का आदेश नहीं दिया है। उन्होंने शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे लोगों की हत्या और बड़े पैमाने पर फांसी के मामलों पर लक्ष्मण रेखा तय की थी और इसी बीच वह जून में युद्ध के कारण थमी परमाणु वार्ता को फिर शुरू करने के प्रयास में लगे हैं। 

 

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