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Iran Protests Live Updates:ईरान में विरोध-प्रदर्शन जारी, पुलिस की गोलीबारी में 217 मौतों का दावा – Iran Protests Live Updates News In Hindi Iran Internet-call Shutdown Continue Us-iran Conflict

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Jan 10, 2026


09:30 AM, 10-Jan-2026

ईरान के इतिहास का सबसे बड़ा आंदोलन

मानवाधिकार समूहों के अनुसार विरोध प्रदर्शन देश के सभी 31 प्रांतों के 100 से अधिक शहरों और कस्बों में फैल चुके हैं, जिससे यह हाल के इतिहास में देश के सबसे व्यापक विरोध आंदोलनों में से एक बन गया है। प्रदर्शकारियों ने अयातुल्ला अली खामेनेई के सत्ता के खिलाफ मोर्चा खोला हुआ है। 

09:25 AM, 10-Jan-2026

ईरान में विरोध प्रदर्शनों की वजह?

ईरान के अंदर खराब अर्थव्यवस्था, आसमान छूती खाद्य कीमत और गिरती मुद्रा के विरोध प्रदर्शन शुरू हुए। जिसने अब सीधा सत्ता परिवर्तन की मांग का रूप ले लिया है। 28 दिसंबर को रियाल के रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचने के बाद तेहरान के मुख्य बाजारों में शुरू हुए ये प्रदर्शन अब सभी 31 प्रांतों में फैल चुके हैं। सुरक्षा बलों की कड़ी कार्रवाई और व्यापक इंटरनेट प्रतिबंध के बावजूद हजारों की संख्या में लोग सड़कों पर उतर चुके हैं। तेहरान, मशहद और अन्य प्रमुख शहरों में ‘तानाशाह का नाश हो’ के नारे और रजा पहलवी के नेतृत्व में राजशाही की वापसी के समर्थन में नारे गूंज रहे हैं।

09:19 AM, 10-Jan-2026

7 जनवरी से विरोध प्रदर्शनों में आई तेजी

नीति अनुसंधान संगठन इंस्टीट्यूट फॉर द स्टडी ऑफ वॉर के अनुसार, 7 जनवरी से ईरान में विरोध प्रदर्शनों की संख्या और तीव्रता में वृद्धि हुई है, जिसमें तेहरान जैसे प्रमुख शहर और उत्तर-पश्चिमी ईरान भी शामिल हैं। थिंक टैंक ने आगे कहा कि शासन ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है, जिसमें कम से कम एक प्रांत में विरोध प्रदर्शनों को दबाने के लिए इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स (आईआरजीसी) की जमीनी सेना का उपयोग करने जैसा कदम भी शामिल है।

09:02 AM, 10-Jan-2026

Iran Protests LIVE Updates: ईरान में विरोध-प्रदर्शन जारी, पुलिस की गोलीबारी में 217 मौतों का दावा

ईरान में मौत के आंकड़े छिपाए, 217 मौतों का दावा

तेहरान के एक डॉक्टर ने टाइम मैगजीन को बताया कि राजधानी तेहरान के सिर्फ छह अस्पतालों में ही कम से कम 217 प्रदर्शनकारियों की मौत दर्ज की गई है, जिनमें से अधिकतर मौतें गोलियां लगने से हुई हैं, क्योंकि सुरक्षा बलों ने प्रदर्शनकारियों पर गोलियां चलाईं। डॉक्टर ने अधिकारियों से बदले की कार्रवाई के डर से नाम न बताने की शर्त पर मामले की जानकारी दी। हालांकि टाइम मैगजीन ने इन आंकड़ों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की है।

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