राजस्थान की राजधानी जयपुर के विश्वकर्मा औद्योगिक क्षेत्र (VKI) में शनिवार शाम एक भीषण हादसा हो गया। विश्वकर्मा थाना क्षेत्र के करणी विहार कॉलोनी, रोड नंबर 17 स्थित ‘विल्सन क्रायो गैसेज’ (सुपर गैस) फैक्टरी में ऑक्सीजन सिलेंडर भरने के दौरान जोरदार विस्फोट हुआ। इस हादसे में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि अन्य कर्मचारी गंभीर रूप से घायल हो गए।
कैसे हुआ हादसा
- पुलिस के अनुसार, हादसा शनिवार शाम करीब 7:45 बजे हुआ, जब फैक्टरी में ऑक्सीजन सिलेंडरों की फिलिंग की जा रही थी। इसी दौरान अचानक एक सिलेंडर में विस्फोट हो गया।
- धमाका इतना शक्तिशाली था कि फैक्टरी की टिनशेड की छत हवा में उड़ गई और एक दीवार पूरी तरह ढह गई। विस्फोट के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
- हादसे में झारखंड निवासी मुन्ना राय की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। धमाके की तीव्रता इतनी अधिक थी कि उनके शरीर के चीथड़े उड़ गए।
- गंभीर रूप से घायल फैक्टरी मैनेजर विनोद गुप्ता और कर्मचारी शिबू को तुरंत एंबुलेंस से SMS अस्पताल पहुंचाया गया, जहां इलाज के दौरान विनोद गुप्ता ने भी दम तोड़ दिया।
आसपास के घरों की दीवारों में आई दरारें
- विस्फोट का असर आसपास के इलाके तक देखने को मिला। फैक्टरी का मलबा करीब 30 मीटर दूर जाकर गिरा। पास की दुकानों के शटर टूट गए और कई घरों की दीवारों में दरारें आ गईं।
- स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही डीसीपी वेस्ट हनुमान प्रसाद, विश्वकर्मा थाना पुलिस और दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं। फायर ब्रिगेड की मदद से स्थिति को नियंत्रित किया गया और क्षेत्र को घेराबंदी कर सुरक्षित किया गया।
- पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और फैक्टरी में सुरक्षा मानकों, तकनीकी खामियों और लापरवाही के एंगल से जांच शुरू कर दी है।
पुलिस ने क्या बताया?
विश्वकर्मा पुलिस थाने के एसएचओ रविंद्र नारुका ने बताया कि हमें ऑक्सीजन फिलिंग प्लांट में धमाके की जानकारी रात करीब 7.50 बजे मिली। सूचना के तुरंत बाद पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को अस्पताल पहुंचाया। धमाके में एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई और दो गंभीर रूप से घायल हुए हैं। घायलों में से एक ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। हादसे में कुल दो लोगों की मौत हुई है। फोरेंसिक टीम हादसे के कारणों की जांच कर रही है।
स्थानीय लोगों ने कहा कि जब सिलेंडर में धमाका हुआ तो लोहे के टुकड़े उड़कर उनके घरों में गिरे। घरों की खिड़कियां टूट गईं। इसके चलते लोगों की जान जा सकती थी। स्थानीय लोग घटना से डरे हुए हैं। लोगों ने कहा कि अब हम इस फैक्टरी को रिहायशी इलाके में संचालित नहीं होने देंगे।