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Makar Sankranti Live:आज मकर संक्रांति पर बन रहे हैं कई शुभ योग, जानें स्नान-दान का शुभ मुहूर्त और पूजा विधि – Makar Sankranti 2026 Live Updates Date Time Snan Shubh Muhurat Puja Vidhi Daan Upay In Hindi

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Jan 14, 2026


08:17 AM, 14-Jan-2026

तिल का उद्भव और महत्व: Importance of Til On Makar Sankranti 

पौराणिक कथा के अनुसार, जब हिरण्यकश्यप ने अपने पुत्र प्रह्लाद पर अत्याचार किए, तो भगवान विष्णु क्रोधित हुए। उनके शरीर से निकला पसीना जब धरती पर गिरा, तभी तिल उत्पन्न हुआ। इसी कारण तिल को गंगाजल जितना पवित्र माना जाता है।

मान्यता है कि जैसे गंगाजल आत्मा को मोक्ष की ओर ले जाता है, वैसे ही तिल पूर्वजों और भटकी आत्माओं को शांति प्रदान करता है। इसलिए पितृकर्म और अन्य धार्मिक अनुष्ठानों में तिल का इस्तेमाल अनिवार्य माना गया है।

07:57 AM, 14-Jan-2026

 मकर संक्रांति और एकादशी का विशेष संयोग: Shattila Ekadashi On Makar Sankranti

शास्त्रों के अनुसार, इस बार मकर संक्रांति और एकादशी का संयोग 23 साल बाद बन रहा है; इससे पहले यह संयोग साल 2003 में आया था। मकर संक्रांति के दिन सूर्य देव मकर राशि में प्रवेश करते हैं और उत्तरायण की शुरुआत होती है। इस खास अवसर पर एकादशी होने के कारण भगवान विष्णु और सूर्य देव की पूजा करने से विशेष पुण्य और आशीर्वाद की प्राप्ति होती है।

07:38 AM, 14-Jan-2026

मकर संक्रांति पर क्यों जाते हैं गंगा सागर?: Makar Sankranti 2026 Snan 

मकर संक्रांति के दिन सूर्यदेव का धनु से मकर राशि में प्रवेश करने के साथ गंगा में स्नान का विशेष महत्व है। ऐसा माना जाता है कि इस दिन गंगा में स्नान करने से व्यक्ति के पाप कटते हैं और तिलांजलि व दान करने से पितरों को मोक्ष प्राप्त होता है।

कथा अनुसार, राजा सगर के पुत्रों को कपिल मुनि ने भस्म कर दिया था। उनके उद्धार के लिए राजा भगीरथ ने माता पार्वती की कठिन तपस्या की, जिससे गंगा माता धरती पर अवतरित हुई। उनके स्पर्श से राजा सगर के पुत्रों को मोक्ष प्राप्त हुआ। यही कारण है कि गंगासागर में मकर संक्रांति पर श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगाते हैं।

07:27 AM, 14-Jan-2026

मकर संक्रांति के अन्य नाम: Makar Sankarati 2026 

मकर संक्रांति का पर्व देश के कई हिस्सों में अलग-अलग रूपों में मनाया जाता है। उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान और हरियाणा में इसे पारंपरिक रूप से मनाया जाता है। वहीं, तमिलनाडु में यह पोंगल के नाम से प्रसिद्ध है। गुजरात में इसे उत्तरायण कहा जाता है, जबकि पश्चिम उत्तर प्रदेश और बिहार में इसे खिचड़ी के नाम से जाना जाता है। असम में इस पर्व को माघ बिहू के रूप में मनाया जाता है।

07:11 AM, 14-Jan-2026

मकर संक्रांति शुभ कामना सन्देश: Makar Sankranti 2026 Wishes


मकर संक्रांति के शुभकामना संदेश
– फोटो : Amar Ujala

मंदिर की घंटी संग पूजा की थाली 

उत्तरायण में दिखी सूरज की लाली

जीवन में आए खुशियों की हरियाली 

मुबारक हो आपको मकर संक्रांति।

मकर संक्रांति की हार्दिक शुभकामनाएं

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मकर संक्रांति के इस अवसर पर,

ईश्वर आपको अच्छा स्वास्थ्य,

और धन प्रदान करें।

मकर संक्रांति की शुभकामनाएं

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खिचड़ी का पर्व आया

मस्ती और उमंग

आकाश को पतंग से 

डालो रंग।

मकर संक्रांति की शुभकामनाएं

 

06:56 AM, 14-Jan-2026

दक्षिण 24 परगना, पश्चिम बंगाल: मकर संक्रांति 2026 पर श्रद्धालु गंगा में स्नान के लिए गंगासागर पहुंचे।

06:49 AM, 14-Jan-2026

मकर संक्रांति पर क्यों खाते हैं तिल-गुड़:  Why do we eat til gud on Makar Sankranti?

मकर संक्रांति पर तिल-गुड़ खाने की परंपरा बहुत पुरानी है। तिल को दुर्गति और दारिद्रय दूर करने वाला माना गया है, जबकि गुड़ स्वास्थ्य और ताकत बढ़ाने वाला समझा जाता है। जनवरी में ठंड होती है, इसलिए तिल-गुड़ खाने से शरीर में गर्माहट और स्फूर्ति बनी रहती है और आरोग्य भी मिलता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार इस दिन तिल-गुड़ का सेवन करने से व्यक्ति पर सूर्य और शुक्र ग्रह की कृपा बनी रहती है, जिससे जीवन में खुशहाली और सकारात्मक ऊर्जा आती है।

06:40 AM, 14-Jan-2026

मकर संक्रांति क्यों मनाते हैं ?: Why is Makar Sankranti celebrated?

कहा जाता है कि इस दिन भगवान सूर्य अपने पुत्र शनि से मिलने के लिए उनके घर, यानी मकर राशि, में प्रवेश करते हैं। इसी कारण इस दिन को मकर संक्रांति के नाम से जाना जाता है। इसे सूर्य के उत्तरायण होने और जीवन में उजाला और सकारात्मक ऊर्जा लाने वाला पर्व भी माना जाता है।

06:31 AM, 14-Jan-2026

14 जनवरी को मकर संक्रांति मनाना क्यों उचित: Why January 14 is ideal for Makar Sankranti

पंचांग के अनुसार मकर संक्रांति 14 जनवरी, बुधवार को पड़ रही है। इसी दिन दोपहर करीब 3 बजकर 07 मिनट पर सूर्य देव अपनी राशि बदलकर मकर राशि में प्रवेश करेंगे। खास बात यह है कि यह प्रवेश अनुराधा नक्षत्र में हो रहा है, जिससे ‘मंदाकिनी’ नाम का एक शुभ योग बनता है, जिसे कल्याण और सौभाग्य देने वाला माना गया है। इसी कारण इस दिन स्नान और दान का पुण्य काल ब्रह्म मुहूर्त से ही शुरू माना जाएगा।

06:24 AM, 14-Jan-2026

मकर संक्रांति पर स्नान का शुभ मुहूर्त: Makar Sankranti 2026 Snan Muhurat

मकर संक्रांति पुण्य काल – दोपहर 03:13 से सायं 05:45 तक 

मकर संक्रांति महा पुण्य काल – दोपहर 03:13 से सायं 04:58 तक 



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