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Mpc:upi लेनदेन में फ्रॉड हुआ तो मिलेगा मुआवजा, ब्याज दरों में बदलाव नहीं, महंगाई पर नियंत्रण रहने का अनुमान – Mpc Meeting Compensation Will Be Provided For Fraudulent Upi Transactions Interest Rates Will Remain Unchanged

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Feb 6, 2026


यूपीआई से लगातार बढ़ते लेनदेन के बीच ग्राहकों से फ्रॉड होने की खबरें भी बढ़ रही हैं। आरबीआई ने कहा है कि यूपीआई से होने वाले लेनदेन में फ्रॉड के बाद ग्राहकों को 25 हजार रुपए तक का मुआवजा दिया जाएगा। इसे आम उपभोक्ताओं के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है। आरबीआई ने रेपो रेट में कोई बदलाव न करने का निर्णय लिया है। रेपो रेट 5.25 प्रतिशत पर ही बरकरार रहेंगी। इसके पहले करीब एक साल के बीच आरबीआई ने रेपो रेट में 125 बेसिस अंकों की कटौती कर बाजार से नकदी घटाकर महंगाई पर नियंत्रण पाने का प्रयास किया था। रिजर्व बैंक ने कहा है कि बाजार में अभी भी दो लाख करोड़ रुपए की तरलता मौजूद है। नए वित्त वर्ष की पहली और दूसरी तिमाही में महंगाई चार और 4.2 प्रतिशत पर बने रहने का अनुमान है। आरबीआई ने एमएसएमई सेक्टर और किसानों के लिए कर्ज लेना आसान बनाने के संकेत किए हैं। 

एमएसएमई सेक्टर के लिए की क्या घोषणा?

केंद्र सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए बजट में निवेश और रोजगार बढ़ाने के उपाय किए हैं। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने भी सरकार की इसी नीति को आगे बढ़ाते हुए एमएसएमई सेक्टर के लिए 10 लाख रुपए तक का कर्ज बिना गारंटी के लेने की प्रक्रिया आसान करने  और कर्ज सीमा बढ़ाने की बात की है। इससे देश के छोटे उद्यमियों को बड़ा लाभ होने की संभावना है। इससे रोजगार के मोर्चे पर भी नए अवसर बनने की संभावना बढ़ेगी। वैश्विक अनिश्चितताओं और विभिन्न देशों से भारत के हो रहे समझौतों के बीच रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने भारत की विकास दर 7.4 प्रतिशत पर रहने का अनुमान लगाया है। पहले के अनुमान 7.3 प्रतिशत से यह कुछ अधिक है। 

किसान क्रेडिट कार्ड से जुड़े नियमों में बदलाव करने पर विचार

किसान क्रेडिट कार्ड से किसानों को बड़ा लाभ मिला है। यह लाभ ज्यादा किसानों तक पहुंचाने के लिए आरबीआई इसके नियमों में बदलाव करने पर विचार कर रहा है। इसका उद्देश्य ज्यादा किसानों तक सस्ते कर्ज को आसानी से पहुंचाना है। आरबीआई इसके बारे में एक पोर्टल जारी करेगा। जिन कंपनियों का सीधा आम ग्राहकों से लेनदेन सीमित है और उनका कार्यक्षेत्र भी सीमित है, ऐसे कंपनियों में विदेशी निवेश की सीमा बढ़ाकर देश में विदेशी पूंजी के प्रवाह को बढ़ाने का भी प्रस्ताव किया गया है। 

एमपीसी के फैसलों के बीच शेयर बाजार में गिरावट 

आरबीआई द्वारा मौद्रिक नीति की घोषणा करने के पहले ही शेयर बाजार में गिरावट हुई और रेपो दरें समान बने रहने के बाद भी यह गिरावट में कारोबार कर रहा है। विदेशी पूंजी के बाहर निकलने से भी विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव बना हुआ था। लेकिन शुक्रवार को रिजर्व बैंक ने बताया कि देश का विदेशी मुद्रा भंडार 723.8 अरब डॉलर पर बना हुआ है। स्वर्ण की खरीद से रुपए की स्थिति में सुधार आने की संभावना है। 

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