मंत्रालय के आधिकारिक बयान और पेट्रोलियम सचिव के हवाले से जारी जानकारी के अनुसार
भ्रम vs तथ्य
भ्रम: घरेलू पाइप गैस (PNG) और सीएनजी की आपूर्ति प्रभावित होगी।
तथ्य: घरों में पाइप्ड गैस और वाहनों के लिए सीएनजी की 100% आपूर्ति सुनिश्चित है। कोई भी कमी नहीं है और उपभोक्ताओं को पूरी मात्रा मिलती रहेगी।
भ्रम: एलपीजी सिलेंडर जमा करना ठीक है।
तथ्य: एलपीजी जैसी आवश्यक वस्तु की जमाखोरी अवैध है। आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 और पेट्रोलियम उत्पाद (उत्पादन, भंडारण और आपूर्ति का रखरखाव) आदेश, 1999 के तहत सख्त कार्रवाई होगी।
भ्रम: भारत में पेट्रोलियम उत्पादों का भंडार बहुत कम है।
तथ्य: देश में पेट्रोलियम उत्पादों का पर्याप्त रणनीतिक और व्यावसायिक भंडार मौजूद है। 24×7 केंद्रीय नियंत्रण कक्ष द्वारा आपूर्ति श्रृंखला की लगातार निगरानी की जा रही है।
भ्रम: घरेलू एलपीजी की आपूर्ति में कमी आएगी।
तथ्य: घरेलू उपभोक्ताओं को एलपीजी की आपूर्ति को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। घरों में कोई कमी नहीं होगी।
भ्रम: सिलेंडर खत्म होने से पहले जल्दी बुक करा लें।
तथ्य: जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के लिए 25 दिन की बुकिंग अवधि लागू की गई है। उपभोक्ताओं को घबराने या जल्दबाजी करने की कोई आवश्यकता नहीं है। सामान्य तौर पर बुकिंग करें।
भ्रम: अस्पतालों, स्कूलों और शैक्षणिक संस्थानों को एलपीजी की कमी होगी।
तथ्य: आयातित एलपीजी को अस्पतालों, शैक्षणिक संस्थानों और अन्य आवश्यक गैर-घरेलू क्षेत्रों को प्राथमिकता पर उपलब्ध कराया जा रहा है। उनकी आपूर्ति पूरी तरह सुनिश्चित है।
पेट्रोलियम मंत्रालय ने उपभोक्ताओं से आग्रह किया है कि वे केवल विश्वसनीय स्रोतों (सरकारी वेबसाइट, PIB, MoPNG हैंडल) से जानकारी लें और सोशल मीडिया पर वायरल अफवाहों पर विश्वास न करें। मंत्रालय ने बताया कि सभी ऑयल मार्केटिंग कंपनियां (IOCL, BPCL, HPCL) और सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क सामान्य रूप से काम कर रहे हैं।
इस बीच, कुछ राज्यों में प्रशासन ने जमाखोरी की शिकायतों पर छापेमारी शुरू कर दी है। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि अनावश्यक स्टॉकिंग करने वालों के खिलाफ FIR दर्ज की जाएगी और जुर्माना लगाया जाएगा।
सरकार का संदेश स्पष्ट है कि कोई संकट नहीं है, कोई कमी नहीं है। शांति बनाए रखें, सामान्य रूप से उपयोग और बुकिंग जारी रखें।