चक्रवात दित्वाह से जूझ रहे श्रीलंका में फंसे भारतीय और विदेशी नागरिकों को सुरक्षित निकालने के लिए भारत ने बड़े स्तर पर राहत अभियान चलाया है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, भारतीय वायुसेना (IAF) ने ऑपरेशन ‘सागर बंधु’ के तहत जर्मनी, दक्षिण अफ्रीका, स्लोवेनिया और यूनाइटेड किंगडम सहित कई देशों के नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकाला है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा जरूरत के समय हम हमेशा साथ खड़े हैं। IAF के Mi-17 हेलिकॉप्टरों ने श्रीलंका में फंसे कई विदेशी नागरिकों को रेस्क्यू किया।
चक्रवात दित्वाह के बीच हाइब्रिड मिशन
भारतीय वायुसेना ने बताया कि चक्रवात के चलते कई इलाके प्रतिबंधित क्षेत्र में बदल गए थे। ऐसे में Mi-17 हेलिकॉप्टरों ने हाइब्रिड मिशन चलाया। एक गरुड़ कमांडो को नीचे उतारा गया, जिसने फंसे लोगों को सुरक्षित मार्ग दिखाकर पूर्व निर्धारित कोटमाले हेलीपैड तक पहुंचाया। यहां से 24 नागरिक (जिनमें भारतीय, विदेशी और श्रीलंकाई शामिल थे) कोलंबो ले जाए गए। इसी दौरान तीन गंभीर रूप से घायल लोगों को भी तत्काल मेडिकल सहायता के लिए एयरलिफ्ट किया गया।
Together in times of need.
As part of India’s ongoing #OperationSagarBandhu, the Mi-17 helicopters of @IAF_MCC evacuated stranded people in Sri Lanka, including citizens from Germany, South Africa, Slovenia and United Kingdom.
🇮🇳 🤝 🇱🇰 🇩🇪 🇿🇦 🇸🇮 🇬🇧. https://t.co/z9OZ5p7691
— Randhir Jaiswal (@MEAIndia) November 30, 2025
कई देशों के नागरिक सुरक्षित निकाले
कई देशों के नागरिकों को बचाने के लिए चलाए गए पहले चरण के रेस्क्यू मिशन में भारतीय वायुसेना ने कोटमाले से कोलंबो पोर्ट तक लगातार अभियान चलाया। इस दौरान IAF ने कुल 27 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला, जिनमें 2 जर्मनी के नागरिक, 4 दक्षिण अफ्रीका के नागरिक, 2 स्लोवेनिया के नागरिक, 2 यूके नागरिक, 12 भारतीय और 5 श्रीलंकाई शामिल थे। चक्रवात की कठिन स्थिति के बीच यह बचाव अभियान बेहद चुनौतीपूर्ण था, लेकिन वायुसेना की तत्परता के चलते सभी व्यक्तियों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया गया।
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अगले चरण के रेस्क्यू अभियान में भारतीय वायुसेना ने और भी व्यापक स्तर पर ऑपरेशन चलाया। इस दौरान IAF ने कुल 28 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला, जिनमें 3 पोलैंड के नागरिक, 6 बेलारूस के नागरिक, 5 ईरान के नागरिक, 1 ऑस्ट्रेलियाई, 1 पाकिस्तानी, 3 बांग्लादेशी और 9 श्रीलंकाई शामिल थे। कठिन मौसम और प्रभावित इलाकों में पहुंच की सीमाओं के बावजूद वायुसेना के हेलिकॉप्टर लगातार सक्रिय रहे और सभी लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाकर राहत कार्यों को मजबूती दी।
NDRF के 300 से अधिक कर्मी तैनाती और 35 टन उपकरण भेजे गए
IAF ने बताया कि राहत अभियान के साथ-साथ घरेलू सहायता भी जारी है। एक C-17 विमान ने पुणे और वडोदरा से NDRF टीमों और आवश्यक उपकरणों को चेन्नई पहुंचाया, जिससे 300 से अधिक कर्मियों की तेजी से तैनाती सम्भव हो सकी। भारत ने चक्रवात दित्वाह से प्रभावित श्रीलंका की मदद के लिए यह अभियान शुरू किया है।
गौरतलब है कि श्रीलंका ने चक्रवात दित्वाह के कारण व्यापक तबाही और बुनियादी ढांचे को हुए नुकसान को देखते हुए पहले ही आपातकाल की घोषणा कर दी है। श्रीलंका के आपदा प्रबंधन केंद्र (डीएमसी) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, दित्वाह के कारण पूरे देश में तबाही हुई है और हर हिस्से में जान-माल का नुकसान हुआ है। भारी बारिश, बाढ़ और आंधी-तूफान से हजारों घर ढह गए या क्षतिग्रस्त हुए हैं। बेघर हुए लोगों के लिए विभिन्न क्षेत्रों में 1,275 राहत शिविर बनाए गए हैं।