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Pak में शांति वार्ता के बीच Pm नेतन्याहू तुर्किये पर भड़के:ईरान में और हमले की धमकी दी; शांति पर संशय बरकरार – Pakistan Talks Benjamin Netanyahu Slams Turkiye Threatens More Strikes Iran Peace Doubt Continues

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Apr 12, 2026


पाकिस्तान में अमेरिका-ईरान वार्ता से पहले इस्राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू का बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि उनका देश ईरान व उसके सहयोगियों के खिलाफ लड़ाई को जारी रखेगा। उन्होंने तुर्किये के राष्ट्रपति रजब तैयब अर्दोआन पर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि वह उन्हें सहारा देते हैं। उन्होंने अपने ही कुर्द नागरिकों का नरसंहार किया है। 

इस्राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने एक्स पर लिखा, ‘मेरे नेतृत्व में इस्राइल ईरान की आतंकी सरकार और उसके सहयोगियों के खिलाफ लड़ाई जारी रखेगा। जबकि अर्दोआन उन्हें जगह देते हैं और उन्होंने अपने ही कुर्द नागरिकों का नरसंहार किया है।’ 

 


Israel under my leadership will continue to fight Iran’s terror regime and its proxies, unlike Erdogan who accommodates them and massacred his own Kurdish citizens.


— Benjamin Netanyahu – בנימין נתניהו (@netanyahu) April 11, 2026

टाइम्स ऑफ इस्राइल की रिपोर्ट के मुताबिक, उनका यह सोशल मीडिया पोस्ट ऐसे समय में आया है, जब तुर्किये में कथित तौर पर अभियोजक मांग कर रहे हैं कि इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और कुछ अन्य अधिकारियों को मानवता के खिलाफ अपराध और नरसंहार, 2025 में गाजा जाने वाले जहाजों को रोकने जैसे अपराधों के लिए सजा दी जाए।

‘ईरान के खिलाफ अभियान अभी समाप्त नहीं हुआ’

ईरान के खिलाफ जारी संघर्ष को लेकर नेतन्याहू ने कहा, यह अभियान अभी खत्म नहीं हुआ है। लेकिन इस्राइल ईरान की परमाणु महत्वकांक्षाओं को रोकने में बड़ी कामयाबी हासिल की है। उन्होंने वीडियो बयान में कहा, ईरान के खिलाफ अभियान अभी समाप्त नहीं हुआ है। हमें अभी और भी करना है। लेकिनअभी भी स्पष्ट रूप से कहा जा सकता है कि हमारे पास ऐतिहासिक उपलब्धियां हैं। 

‘परमाणु हथियार हासिल करने के बहुत करीब था ईरान’

नेतन्याहू ने दावा किया कि इस्राइल इस अभियान में इसलिए गया, क्योंकि ईरान परमाणु हथियार हासिल करने के बहुत करीब था और वह हर दिन सैकड़ों मिसाइलें बनाने की क्षमता विकसित कर रहा था। उन्होंने कहा, ये दो अस्तित्व के लिए खतरे थे, जिन्हें हमारे सिर के ऊपर से हटाना जरूरी था। 

ईरान के संवर्धित यूरेनियम पर क्या कहा?

उन्होंने आरोप लगाया, ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई मिसाइल और परमाणु कार्यक्रम को इतनी गहराई में छिपाना चाहते थे कि बी-2 बमवर्षक विमान भी वहां तक न पहुंच सकें। हम चुप नहीं बैठ सकते थे। ईरान में अभी भी 400 किलोग्राम से अधिक संवर्धित यूरेनियम होने के सवाल पर नेतन्याहू ने कहा, इसे या तो कूटनीतिक के जरिये या ताकत के इस्तेमाल से हटाया जाएगा। उन्होंने कहा, वे हमें घेरना चाहते थे और अब हम उन्हें घेर रहे हैं। 

‘पिछले साल जून में इस्राइल ने तोड़ दी डर की दीवार’

नेतन्याहू ने यह भी दावा किया कि अमेरिका और ईरान के वार्ताकार इस समय इस्लामाबाद में संभावित संघर्षविराम पर चर्चा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि उन्होंने अपने जीवन का बड़ा हिस्सा यह सुनिश्चित करने में लगाया कि ईरान परमाणु हथियार न बना सके और दुनिया को इसके खतरे के बार में बताया। लेकिन दुनिया ने नहीं सुना। उन्होंने कहा, इस्राइल ने पिछले जून में हमला करके खौफ की दीवार तोड़ दी।  

 

‘कमजोर हो चुका ईरान, अंदरूनी संघर्षों से गुजर रहा’

उन्होंने दावा किया कि ईरान कमजोर हो चुका है और अंदरूनी संघर्षों से गुजर रहा है। वहां सरकार अब जनता की जरूरतें पूरी करने में कठिनाई महसूस कर रही है। उन्होंने कहा, जो हमें खत्म करने की धमकी दे रहे थे, वे अब अपने अस्तित्व के लिए लड़ रहे हैं। उन्होंने सीरिया- यमन में हूती, लेबनान में हिजबुल्ला और गाजा में हमास को भी इस्राइल के खिलाफ बताया और इन मोर्चों पर बड़ी उपलब्धि हासिल करने का दावा किया। 

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‘हिजबुल्ला का निरस्त्रीकरण और दीर्घकालिक शांति समझौता जरूरी’

नेतन्याहू ने कहा कि इस्राइल की ताकत के कारण लेबनान कई बार बातचीत के लिए आगे आया है।  हालांकि, उन्होंने शर्त रखी है कि हिजबुल्ला का निरस्त्रीकरण और दीर्घकालिक शांति समझौता जरूरी है। उन्होंने यह भी कहा कि इस्राइल ने 8 से 10 किलोमीटर का सुरक्षा क्षेत्र बनाया है और उत्तर इस्राइल के नागरिकों की सुरक्षा के लिए हिजबुल्ला के खिलाफ लड़ाई जारी रहेगी। नेतन्याहू ने हिजबुल्ला पर गुप्त रूप से गैलीली पर हमला करने की योजना बनाने का भी आरोप लगाया।

स्थानीय मीडिया के अनुसार, इस्राइल और लेबनान के बीच अगले सप्ताह अमेरिका में बातचीत होने की संभावना है। हालांकि, इस्राइल सैन्य कार्रवाई जारी रखने पर भी अड़ा हुआ है। उन्होंने गाजा में हमास के खिलाफ फिर से सैन्य कार्रवाई शुरू करने के संकेत भी दिए।

 

  

 



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