10:48 AM, 02-Apr-2026
सीएपीएफ बिल को लेकर सरकार पर भड़के सपा सांसद राम गोपाल यादव
सीएपीएफ संशोधन विधेयक पर सपा सांसद राम गोपाल यादव ने कहा, “यह सरकार अपनी संख्या बल के बल पर सब कुछ गलत कर रही है। जनता को इसके दुष्परिणाम भुगतने पड़ रहे हैं। भगवान उनकी मदद करे।” पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के एसआईआर पर दिए गए बयान पर उन्होंने कहा, “ममता बनर्जी जीतेंगी, इसे लिखित में ले लीजिए और रिकॉर्ड में रखिए। वह भारी बहुमत से जीतेंगी। दिल्ली अपनी पूरी ताकत लगा दे, लेकिन वह उनका कुछ नहीं बिगाड़ पाएगी।”
10:44 AM, 02-Apr-2026
यूरिया और डीएपी की उपलब्धता पर नड्डा ने की राज्यों के सीएम से बात
केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्री जेपी नड्डा ने राज्यों के कृषि मंत्रियों और मुख्यमंत्रियों से यूरिया और डीएपी की उपलब्धता के बारे में बात की। उन्होंने हर संभव सहायता का आश्वासन दिया। सूत्रों के अनुसार, केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान भी संसद में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात कर रहे हैं।
08:26 AM, 02-Apr-2026
CAPF बिल की समय-सीमा पर मणिकम टैगोर ने क्यों उठाए सवाल?
कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने लोकसभा में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सामान्य प्रशासन) विधेयक, 2026 की समय-सीमा पर सवाल उठाया है। उन्होंने आरोप लगाया है कि सरकार इस महत्वपूर्ण विधेयक को इसलिए जल्दबाजी में ला रही है, ताकि संसदीय बहस से बचा जा सके। मणिकम टैगोर ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि केंद्र सरकार ने सीएपीएफ विधेयक, 2026 को ठीक उसी दिन पेश करने की योजना बनाई है, जब विपक्ष के नेता राहुल गांधी की असम में पूर्व-नियोजित चुनाव रैलियां होनी हैं। उन्होंने कहा कि ये रैलियां काफी पहले से घोषित थीं और इनकी तैयारियां भी पूरी हो चुकी थीं।
कांग्रेस नेता ने कहा, “सरकार की हताशा अब खुलकर सामने आ गई है। हमारे सीएपीएफ कर्मियों के अधिकारों और गरिमा को प्रभावित करने वाला एक महत्वपूर्ण विधेयक लोकसभा में जल्दबाजी में लाया जा रहा है। ठीक उसी समय जब विपक्ष के नेता राहुल गांधी पूर्व-नियोजित चुनाव रैलियों के लिए असम में होंगे। रैलियां जो काफी पहले घोषित की गई थीं। तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। जनसभाएं तय हैं। अचानक विधेयक आज सूचीबद्ध है।”
उन्होंने आगे कहा, “इतनी जल्दबाजी क्यों? एक पूर्ण और निष्पक्ष बहस से क्यों बचा जा रहा है? विपक्ष के नेता को हमारे ‘जवानों’ को प्रभावित करने वाले मुद्दे पर बोलने का अवसर क्यों नहीं दिया जा रहा है? यह कोई संयोग नहीं है। यह एक सोचा-समझा संसदीय प्रबंधन है। अपने फैसलों पर आत्मविश्वास रखने वाली सरकार बहस से नहीं डरती। न्याय के प्रति प्रतिबद्ध सरकार असहमति की आवाजों की अनुपस्थिति में कानून बनाने में जल्दबाजी नहीं करती।”
08:03 AM, 02-Apr-2026
Parliament Budget Session LIVE: आज लोकसभा में CAPF बिल पेश करेंगे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह
बजट सत्र के दूसरे चरण में गुरुवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह लोकसभा में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सामान्य प्रशासन) विधेयक, 2026 पेश करेंगे। यह विधेयक एक दिन पहले राज्यसभा से पारित हो चुका है। विधेयक में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों में ग्रुप ए जनरल ड्यूटी अधिकारियों और अन्य अधिकारियों की भर्ती और सेवा शर्तों से संबंधित सामान्य नियमों और इन बलों से जुड़े अन्य नियमों को विनियमित करने का प्रावधान है। इससे पहले सीएपीएफ बिल हंगामे के बीच बुधवार को राज्यसभा में ध्वनिमत से पारित हो गया। इस विधेयक का उद्देश्य सातों केंद्रीय अर्धसैनिक बलों के लिए एक समान नियम बनाना है। विपक्षी सदस्यों ने विधेयक को प्रवर समिति के पास भेजने की मांग की। मांग नहीं माने जाने पर नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के नेतृत्व में विपक्षी सदस्य नारेबाजी करते हुए मदन से वॉकआउट कर गए। वहीं, बुधवार को लोकसभा में जन विश्वास (संशोधन) विधेयक, 2026 पारित किया गया। यह विधेयक ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ और ‘ईज ऑफ लिविंग’ को बढ़ावा देने के उद्देश्य से लाया गया है, जिसका लक्ष्य एक ऐसे शासन ढांचे को स्थापित करना है जो विश्वास और आनुपातिक विनियमन पर आधारित हो।