अमेरिका की तरफ से दंडात्मक टैरिफ हटने के बाद भारत की तरफ से रूस से कच्चे तेल की खरीद धीरे-धीरे कम किए जाने की संभावना है। हालांकि, नायरा एनर्जी जैसी तेल रिफाइनरियों के पास सीमित विकल्प होने के कारण ये आयात फिलहाल पूरी तरह बंद नहीं होंगे।
मामले की जानकारी रखने वाले सूत्रों ने बताया कि तेल रिफाइनरियों को रूस से खरीद रोकने का कोई औपचारिक निर्देश नहीं मिला है। हालांकि, अनौपचारिक तौर पर मॉस्को से खरीद घटाने की सलाह दी गई है। सूत्रों के मुताबिक, अधिकांश रिफाइनरी इस घोषणा से पहले की गई खरीद प्रतिबद्धताओं (आमतौर पर 6-8 सप्ताह पहले दिए गए ऑर्डर) का सम्मान करेंगी, लेकिन उसके बाद नए ऑर्डर नहीं दिए जाएंगे।
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धीरे-धीरे बंद होगी रूसी तेल की खरीद
हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लि., मंगलोर रिफाइनरी एंड पेट्रोकेमिकल्स लि. और एचपीसीएल-मित्तल एनर्जी लि. ने पिछले साल अमेरिका द्वारा रूस के प्रमुख निर्यातकों पर प्रतिबंध लगाए जाने के तुरंत बाद वहां से तेल खरीदना बंद कर दिया था। अब इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन और भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लि. भी अपनी खरीद धीरे-धीरे बंद करेंगे।
भारत की सबसे बड़ी खरीदार कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज लि. भी कुछ हफ्तों में 1,50,000 बैरल की खेप प्राप्त होने के बाद खरीद बंद कर सकती है। इस नियम का एकमात्र अपवाद नायरा एनर्जी हो सकती है। पेट्रोलियम मंत्रालय ने इस मुद्दे पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है। वहीं, वाणिज्य मंत्रालय और विदेश मंत्रालय ने भी रूसी तेल खरीद के संबंध में प्रतिबद्धताओं पर सीधे तौर पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।
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रूसी तेल खरीदा, तो फिर लगेगा 25 फीसदी टैरिफ :अमेरिका
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि भारत के रूसी तेल की खरीद रोकने और व्यापार बाधाएं कम करने के बदले भारतीय उत्पादों पर अमेरिकी शुल्क 50 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत किया जाएगा। आदेश में यह भी कहा गया है कि अगर अमेरिका के वाणिज्य सचिव को यह पता चलता है कि भारत ने फिर से रूसी तेल आयात शुरू किया है, तो भारत पर दोबारा 25 प्रतिशत शुल्क और अन्य कदमों पर विचार किया जा सकता है।
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