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Sonam Wangchuk:जोधपुर जेल से रिहा हुए जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक, गृह मंत्रालय ने हटाया Nsa; जानें मामला – Sonam Wangchuk Detention Revoke Updates Release From Custody Mha Decision On Nsa Know Hindi News Details

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Mar 14, 2026


जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को शनिवार को जोधपुर सेंट्रल जेल से रिहा कर दिया गया। यह रिहाई उस समय हुई जब केंद्र सरकार ने वांगचुक पर लगे राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (एनएसए) को हटा दिया। मंत्रालय ने बताया कि यह फैसला राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (एनएसए) के तहत मिले अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए लिया गया है। सरकार का कहना है कि यह फैसला लद्दाख में शांति और स्थिरता का माहौल बनाने के लिए लिया गया है। वांगचुक को 26 सितंबर 2025 को हिरासत में लिया गया था।

इससे ठीक दो दिन पहले लेह में लद्दाख को राज्य का दर्जा देने और संविधान की छठी अनुसूची में शामिल करने की मांग को लेकर बड़े प्रदर्शन हुए थे। इन प्रदर्शनों के दौरान हिंसा भी हुई थी, जिसमें चार लोगों की मौत हो गई थी और 45 से ज्यादा लोग घायल हुए थे, जिनमें 22 पुलिसकर्मी भी शामिल थे। हिंसा के बाद लेह के जिला मजिस्ट्रेट के आदेश पर वांगचुक को राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (एनएसए) के तहत हिरासत में लिया गया था, ताकि इलाके में कानून-व्यवस्था बनाए रखी जा सके। बाद में उन्हें  राजस्थान के जोधपुर स्थित जेल में भेज दिया गया था।

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लद्दाख में शांति कायम करने पर सरकार का जोर- मंत्रालय

वांगचुक का हिरासत रद्द करते हुए गृह मंत्रालय ने बयान जारी कहा कि केंद्र सरकार लद्दाख में शांति, स्थिरता और आपसी भरोसा कायम रखने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि सभी पक्षों के साथ सार्थक और रचनात्मक बातचीत हो सके। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए वांगचुक की हिरासत खत्म करने का फैसला लिया गया है।

सरकार का कहना है कि वह लद्दाख के अलग-अलग समुदायों, नेताओं और संगठनों से लगातार बातचीत कर रही है, ताकि क्षेत्र के लोगों की चिंताओं और मांगों का समाधान निकाला जा सके। हालांकि सरकार ने यह भी कहा कि हाल के समय में हड़ताल और विरोध प्रदर्शनों की वजह से समाज के शांतिपूर्ण माहौल पर असर पड़ा है। इसका प्रभाव छात्रों, नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं, व्यापारियों, टूर ऑपरेटरों, पर्यटकों और क्षेत्र की अर्थव्यवस्था पर भी पड़ा है।

लद्दाख के नए उपराज्यपाल ने किया फैसले का स्वागत

लद्दाख के उपराज्यपाल कार्यालय की ओर से जानकारी दी गई कि उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने सोनम वांगचुक की हिरासत समाप्त करने के फैसले का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि यह केंद्र सरकार का एक सकारात्मक कदम है, जो लद्दाख में शांति, स्थिरता और आपसी विश्वास का माहौल बनाने में मदद करेगा।

उपराज्यपाल ने कहा कि लद्दाख में आंदोलन और हिंसा के लिए कोई जगह नहीं है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि यहां के लोगों की आकांक्षाओं और चिंताओं से जुड़े सभी मुद्दों को बातचीत के जरिए सुलझाया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार विभिन्न हितधारकों, सामुदायिक नेताओं और आम नागरिकों के साथ संवाद करके लद्दाख से जुड़े मुद्दों का समाधान निकालने की दिशा में काम करेगी।

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सरकार ने दिलाया भरोसा


मामले में सरकार ने फिर से भरोसा दिलाया कि लद्दाख के लिए सभी जरूरी सुरक्षा उपाय किए जाएंगे। साथ ही उम्मीद जताई कि क्षेत्र से जुड़े मुद्दों का समाधान संवाद और बातचीत के जरिए निकलेगा। इसके लिए बनाई गई उच्च स्तरीय समिति और अन्य मंचों का भी इस्तेमाल किया जाएगा।



वांगचुक की पत्नी ने किया था सुप्रीम कोर्ट का रुख


इससे पहले वांगचुक की पत्नी गीतांजलि आंग्मो ने उनकी हिरासत को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। 26 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट ने वांगचुक की हिरासत को चुनौती देने वाली याचिका पर अंतिम सुनवाई के लिए 10 मार्च की तारीख तय की थी। इसके बाद कोर्ट ने यह भी सवाल उठाया था कि क्या उनके भाषण और सोशल मीडिया पोस्ट को वास्तव में भड़काऊ माना जा सकता है और क्या उनका 24 सितंबर 2025 को लेह में हुई हिंसा से कोई सीधा संबंध है। 



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