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Sunjay Kapur:₹30,000 करोड़ की विरासत के लिए जंग तेज, रानी कपूर ने की फैमिली ट्रस्ट रद्द करने की मांग – Sunjay Kapur Property Dispute, Rani Kapur Family Trust Sona Comstar Share, Karisma Kapoor Inheritance Case Bus

Byadmin

Jan 21, 2026


दिवंगत उद्योगपति संजय कपूर की करीब 30,000 करोड़ रुपये की संपत्ति को लेकर चल रही विरासत की लड़ाई अब एक नए और गंभीर मोड़ पर पहुंच गई है। संजय कपूर की मां, रानी कपूर ने दिल्ली उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है। उन्होंने अदालत से ‘रानी कपूर फैमिली ट्रस्ट’ को रद्द करने की मांग की है। यह कदम इसलिए बेहद अहम माना जा रहा है क्योंकि यह ट्रस्ट प्रमुख ऑटो कंपोनेंट निर्माता कंपनी ‘सोना कॉमस्टार’ में हिस्सेदारी रखता है।

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यह कानूनी कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब बॉलीवुड अभिनेता करिश्मा कपूर के बच्चे और संजय कपूर की तीसरी पत्नी प्रिया सचदेव कपूर के बीच संपत्ति के बंटवारे को लेकर रस्साकशी जारी है। ट्रस्ट और हिस्सेदारी का पेंच रिपोर्ट्स के मुताबिक, रानी कपूर द्वारा दायर याचिका का मुख्य उद्देश्य उस ट्रस्ट को निरस्त करना है जो सोना कॉमस्टार में होल्डिंग रखता है।

इस मामले में अब तक क्या-क्या हुआ?


  • पृष्ठभूमि: संजय कपूर सोना कॉमस्टार के चेयरमैन थे। उनका निधन पिछले साल 12 जून को यूके में दिल का दौरा पड़ने से हुआ था।

  • विवाद का कारण: इस विरासत विवाद की शुरुआत तब हुई जब संजय कपूर की पूर्व पत्नी करिश्मा कपूर के बच्चों ने अपने पिता की संपत्ति में हिस्सेदारी का दावा किया।

  • प्रिया सचदेव बनाम करिश्मा कपूर: तलाक के दस्तावेजों पर तकरार विरासत की इस जंग में पुराने वैवाहिक समझौते भी केंद्र में आ गए हैं।

  • प्रिया की मांग: संजय कपूर की विधवा प्रिया सचदेव कपूर ने अदालत से करिश्मा कपूर और संजय कपूर के बीच हुई तलाक की कार्यवाही के प्रमाणित दस्तावेज और आदेशों की मांग की है। प्रिया कपूर ने कहा कि संजय कपूर ने अपने जीवनकाल में करिश्मा और उनके बच्चों के लिए क्या वित्तीय और कस्टडी व्यवस्थाएं की थीं। प्रिया ने अपनी याचिका में जोर देकर कहा है कि वह दिवंगत उद्योगपति की कानूनी रूप से विवाहित पत्नी और प्रत्यक्ष वारिस हैं।

  • करिश्मा पक्ष का तर्क: दूसरी ओर, करिश्मा कपूर के वकील ने प्रिया की याचिका को ‘तुच्छ’ और व्यक्तिगत व गोपनीय जानकारी हासिल करने का प्रयास बताया है। उनका कहना है कि तलाक की डिक्री पहले ही एक अन्य मामले में दायर की जा चुकी है, इसलिए यह मांग सुनवाई योग्य नहीं है।

अदालत का रुख

दिल्ली उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति एएस चंदुरकर ने इस मामले में चैंबर हियरिंग के दौरान कहा कि वह विचार करेंगे कि क्या ये गोपनीय दस्तावेज प्रिया को दिए जाने चाहिए। साथ ही, अदालत ने करिश्मा कपूर को प्रिया की याचिका की पर दो सप्ताह के भीतर अपनी आपत्तियां दर्ज कराने का निर्देश दिया है। प्रिया के वरिष्ठ वकील मनिंदर सिंह ने दलील दी कि करिश्मा के बच्चों द्वारा उठाए गए मुद्दों का आकलन करने के लिए तलाक के समझौते में स्पष्टता जरूरी है।



निष्कर्ष सोना कॉमस्टार जैसी दिग्गज कंपनी में हिस्सेदारी रखने वाले ट्रस्ट को रद्द करने की रानी कपूर की मांग ने इस कॉरपोरेट-फैमिली ड्रामा को और पेचीदा बना दिया है। अब सभी की निगाहें दिल्ली हाई कोर्ट के अगले आदेश पर टिकी हैं, जो यह तय करेगा कि 30,000 करोड़ के इस साम्राज्य का बंटवारा किस आधार पर होगा।

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