अमेरिका और इस्राइल का ईरान के साथ एक महीने से ज्यादा समय से चल रहे संघर्ष के चलते पश्चिम एशिया में संघर्ष सातवें आसमान पर पहुंच गया है। इसी बीच अमेरिका का एक और बड़ी कार्रवाई सामने आई है।मामले में अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने ईरान की सरकार का समर्थन करने के आरोप में कुछ विदेशी नागरिकों का लॉन्ग-टर्म रहने वाला वीजा (ग्रीन कार्ड) रद्द कर दिया। इतना ही नहीं ग्रीन कार्ड रद्द होने के बाद उन्हें अमेरिकी इमिग्रेशन और कस्टम्स इंफोर्समेंट (आईसीई) ने हिरासत में भी ले लिया।
अमेरिकी विदेश मंत्रालय के अनुसार ईरान के पूर्व जनरल कासेम सोलैमानी की भतीजी हमिदेह सोलैमानी अफशार और उनकी बेटी को हिरासत में लिया गया। अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि अफशार अमेरिका में रहते हुए ईरानी सरकार का प्रचार करती थीं और अमेरिकी सैनिकों पर हमलों का समर्थन करती थीं।
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अफशार पर आईआरजीसी का समर्थन करने का आरोप
मामले में विदेश मंत्रालय ने यह भी बताया कि अफशार ने सोशल मीडिया पर ईरान के सैन्य संगठन आईआरजीसी का समर्थन किया और अमेरिका के खिलाफ बयान दिए। अफशार के पति को भी अमेरिका में प्रवेश से रोक दिया गया है। बता दें कि ईरान के पूर्व जनरल कासेम सोलैमानी को जनवरी 2020 में बगदाद हवाई अड्डे पर अमेरिकी ड्रोन हमला में मारा गया था।
पहले भी की गई ऐसी कार्रवाई
इससे पहले इस महीने ही अमेरिकी विदेश मंत्री रुबियो ने फातिमाह अरदेशीर-लरीजानी (ईरान के वरिष्ठ नेता अली लरीजानी की बेटी) और उनके पति सेयेद कलांतर मोतमेदी का भी ग्रीन कार्ड रद्द किया। ये दोनों अब अमेरिका में नहीं हैं और भविष्य में अमेरिका आने से भी रोक दिए गए हैं।
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राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करना मकसद- अमेरिकी विदेश मंत्रालय
विदेश मंत्रालय ने कहा कि इस कदम का मकसद राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करना है। रुबियो ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि अमेरिका “उन विदेशी नागरिकों को अपने देश में रहने की अनुमति नहीं देगा जो आतंकवाद समर्थक सरकारों का समर्थन करते हैं। यह कदम अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच आया है, और अमेरिका अब ईरान से जुड़े लोगों के प्रति सख्त रुख अपना रहा है।