जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में ऊंचाई वाले इलाकों में बारिश और बर्फबारी के बीच मैदानी इलाकों में न्यूनतम तापमान में मामूली वृद्धि हुई है। मौसम के इस बदले रुख से लोगों को कड़ाके की सर्दी और शीतलहर से कुछ राहत मिली है। कुछ स्थानों पर कोहरा भी कम हुआ है। हालांकि, यह राहत तात्कालिक ही है, क्योंकि लगातार तीन पश्चिमी विक्षोभों के प्रभाव से मौसम में एक फिर बदलाव होगा और अगले सात दिनों के दौरान पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र और आसपास के मैदानी इलाकों में बारिश होने की संभावना है। इस दौरान पहाड़ों की ऊंची चोटियों पर हिमपात भी हो सकता है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के सोमवार सुबह 8:30 बजे के आंकड़ों के अनुसार, श्रीनगर में रविवार की रात माइनस 1.2 डिग्री पारा रहा, जबकि एक दिन पहले की रात यह माइनस 4.7 डिग्री सेल्सियस था। पंजाब के अमृतसर में पारा 2.9 डिग्री दर्ज किया गया, जो पहले मुकाबले कुछ अधिक है, हालांकि अभी भी यह सामान्य से एक डिग्री नीचे है। हरियाणा में भिवानी सबसे ठंडा रहा और तापमान 3 डिग्री दर्ज किया गया, जबकि गुरुग्राम में पारा 5.5 डिग्री रहा। पहले इन जगहों पर 1 डिग्री से आसपास पारा चल रहा था। दिल्ली में न्यूनतम तापमान 7.7 डिग्री दर्ज किया गया। इसी तरह राजस्थान को भी भीषण शीतलहर से कुछ राहत मिली है और ज्यादातर शहरों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया है। अलवर में सबसे कम 7.2 डिग्री तापमान रहा, जबकि सिरोही, श्रीगंगानर, बीकानेर और नागौर में 10 डिग्री से कम न्यूनतम तापमान रिकॉर्ड किया गया।
कोहरे का कहर हुआ कम
आईएमडी के अनुसार, घने कोहरे का कहर झेल रहे इलाकों में भी कमी आई है। हालांकि, अभी भी कुछ स्थानों पर सुबह के समय घना कोहरा छाया रहा। पंजाब और पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ छिटपुट इलाकों में अत्यधिक घना कोहरा रहा और दृश्यता 50 मीटर से भी कम रही। पूर्वी राजस्थान, बिहार और मेघालय के कुछ छिटपुट इलाकों में भी घना कोहरा छाया रहा और दृश्यता 50-199 मीटर के बीच दर्ज की गई। पंजाब के अमृतसर, उत्तर प्रदेश के अयोध्या, फुरसतगंज और लखनऊ प्रत्येक में कुछ जगहों पर दृश्यता शून्य मीटर रही।
बारिश-बर्फबारी के आसार
पश्चिमी विक्षोभों के प्रभाव से जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान, मुजफ्फराबाद और हिमाचल प्रदेश में 20 से 22 जनवरी के बीच हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी की संभावना जताई गई है। इसके बाद 22 से 24 जनवरी के दौरान इन क्षेत्रों में बारिश और बर्फबारी की तीव्रता बढ़ सकती है। विशेष रूप से 23 जनवरी को कश्मीर, लद्दाख और हिमाचल प्रदेश के ऊंचे इलाकों में भारी बर्फबारी की चेतावनी जारी की गई है, जिससे सामान्य जनजीवन और यातायात प्रभावित होने के आसार हैं।
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कोहरा और शीतलहर का अलर्ट
मौसम विभाग के मुताबिक उत्तर प्रदेश में 20 और 21 जनवरी तक घना कोहरा बने रहने की आशंका है, जबकि दिल्ली और आसपास के इलाकों में 20 जनवरी तक कोहरे का असर जारी रह सकता है। हिमाचल प्रदेश के कुछ हिस्सों में 20 से 22 जनवरी के बीच शीतलहर चलने का अनुमान है।
दिल्ली-एनसीआर में गंभीर प्रदूषण
वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए दिल्ली-एनसीआर में ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान के चौथे चरण की पाबंदियां लगाई गई हैं, इसके बावजूद हवा की सेहत सुधर नहीं रही है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार शाम चार बजे राजधानी का वायु गुणवत्ता सूचकांक एक्यूआई 410 दर्ज किया गया जो गंभीर श्रेणी में आता है। नोएडा में एक्यूआई 412 और गाजियाबाद में 425 दर्ज किया गया, ग्रेटर नोएडा और गुरुग्राम में एक्यूआई बहुत गंभीर श्रेणी में रहा।
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स्वास्थ्य पर बढ़ता खतरा
घना कोहरा और प्रदूषित हवा स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा कर रही है। कोहरे में मौजूद सूक्ष्म कण और प्रदूषक सांस के जरिए फेफड़ों में पहुंच जाते हैं, जिससे खांसी, सांस फूलना और सीने में जकड़न जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं। दमा और ब्रोंकाइटिस के मरीजों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। प्रदूषित हवा के कारण आंखों में जलन, लालिमा और सूजन की समस्या भी सामने आ सकती है। उंगलियां, पैर की उंगलियां, नाक और कान सबसे अधिक प्रभावित होते हैं और गंभीर स्थिति में तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है।
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