09:53 AM, 25-Jul-2026
ईरान अमेरिका के साथ बातचीत कर रहा है- ट्रंप
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि ईरानी पक्ष अमेरिका के साथ बातचीत कर रहा है और वह उनकी बात सुनने को तैयार हैं। वॉशिंगटन डीसी में सालाना ‘कॉरेस्पॉन्डेंट्स डिनर’ के दौरान ट्रंप ने कहा, ‘वे अभी हमसे बात कर रहे हैं; वे डील करना चाहते हैं। मुझे नहीं लगता कि वे इसके लिए तैयार हैं। मुझे नहीं लगता कि अभी सही समय है, लेकिन मैं उनकी बात सुनने को तैयार हूं, हालांकि उनके पास परमाणु हथियार नहीं हो सकते’।
ट्रंप ने जोर देकर कहा कि अमेरिकी सैन्य कार्रवाई ने ईरानी सेना को बुरी तरह कमजोर कर दिया है। उन्होंने दावा किया, ‘हमने वहां ईरान पर जबरदस्त प्रहार किया है’। उन्होंने कहा कि ‘उनकी नौसेना खत्म हो चुकी है’ और ‘उनकी वायु सेना भी खत्म हो गई है’। उन्होंने खास तौर पर जिक्र किया कि ‘अब 250 जेट नहीं रहे’ और ‘159 नावें’ समुद्र की तलहटी में समा चुकी हैं।
उन्होंने आगे कहा, ‘उनके पास कोई रडार नहीं है, उनके पास बहुत कम ड्रोन बचे हैं। भले ही कभी-कभार आपको कुछ चीजें दिखें या वे कुछ चीजें तैयार करने की कोशिश करें, लेकिन असल में उनके पास ज्यादा कुछ नहीं बचा है’। उन्होंने अपनी बात आगे बढ़ाते हुए कहा, ‘असल बात यह है कि हम उन्हें परमाणु हथियार हासिल नहीं करने देंगे’। साथ ही ट्रंप चेतावनी दी कि ‘वे इसका इस्तेमाल करेंगे। अगर उनके पास यह हथियार होता, तो वे निश्चित रूप से इसका इस्तेमाल करते’।
07:49 AM, 25-Jul-2026
ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी तोड़ने की कोशिश में व्यापारिक जहाज, अमेरिका ने की गोलीबारी
अमेरिकी सेना ने एक अन्य व्यापारिक पोत पर गोलीबारी की। रिपोर्ट के मुताबिक जहाज ईरानी बंदरगाह की नाकाबंदी को तोड़ने की कोशिश कर रहा था। अमेरिका और ईरान ने पीछे हटने का कोई संकेत नहीं दे रहे हैं। या। दोनों पक्षों ने ऐसे कदम उठाए जिनसे तनाव बढ़ने की आशंका बढ़ गई है। अमेरिकी दूतावासों ने क्षेत्र में मौजूद अमेरिकियों को आगाह करना शुरू कर दिया कि वहां से निकलने के विकल्प सीमित हो सकते हैं, वहीं ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) ने पड़ोसी देशों के निवासियों को अमेरिकी सैनिकों वाले ठिकानों से दूर रहने की सलाह दी।
06:49 AM, 25-Jul-2026
विदेश मंत्री अराघची बोले- नहीं झुकेगा ईरान
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिका के सामने न झुकने का संकल्प दोहराया है। उन्होंने अमेरिका के साथ अक्सर मतभेद रखने वाली दो वैश्विक शक्तियों – चीन और रूस – के साथ चल रही बातचीत का जिक्र करते हुए कहा, ईरान अमेरिकी धमकियों के आगे नहीं झुकेगा। उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा, इस्लामी गणराज्य ‘न तो धमकियों से डरता है और न ही दबाव के आगे झुकेगा।’
06:15 AM, 25-Jul-2026
ईरान ने खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया, सऊदी ने यमन के बंदरगाह पर बम बरसाए
अमेरिकी सेना की तरफ से लगातार 13वें दिन हुई बमबारी का जवाब देते हुए ईरान की सेना ने भी पलटवार किया। ईरान ने शुक्रवार को फारस की खाड़ी के आसपास अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया। इस इलाके में ईरान के हमलों से तिलमिलाए क्षेत्रीय मुल्क भी आक्राम रुख दिखा रहे हैं। एपी की रिपोर्ट के अनुसार, सऊदी अरब ने यमन के बंदरगाह शहर होदेइदाह पर हमला किया है। ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने स्थिति को और बिगाड़ने की धमकी दी है।
05:42 AM, 25-Jul-2026
सऊदी परमाणु समझौते से मुकरे ट्रंप कहा-अब्राहम समझौते के तहत इस्राइल को देनी होगी मान्यता
रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रम्प इस बात से नाराज थे कि राइट ने उनकी मंजूरी के बिना समझौते की घोषणा कर दी। इसके बाद फॉक्स न्यूज और वॉल स्ट्रीट जर्नल में हुई आलोचना से उनकी नाराजगी और बढ़ गई। रिपोर्ट के अनुसार, व्हाइट हाउस ने ऊर्जा विभाग से समझौते की घोषणा टालने को कहा था, लेकिन विभाग ने हस्ताक्षर समारोह भी किया और मीडिया में इसकी जानकारी भी दी। अब्राहम समझौता पश्चिम एशिया में शांति और स्थिरता स्थापित करने के लिए इस्राइल और अरब देशों के बीच हुआ एक ऐतिहासिक राजनयिक समझौता है। सितंबर 2020 में तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मध्यस्थता में इस पर हस्ताक्षर किए गए थे। इसका मुख्य उद्देश्य दशकों पुरानी दुश्मनी को खत्म कर इस्राइल और मुस्लिम देशों के बीच सामान्य संबंध स्थापित करना है।
05:18 AM, 25-Jul-2026
ईरान के मुताबिक अब तक कितनी जनहानी, युद्धविराम के बाद की लड़ाई में कितने मरे?
ईरानी स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, युद्ध शुरू होने के बाद से 3,434 लोग मारे गए हैं। इनमें से 55 लोग हालिया (टकराव) के दौरान मारे गए। नवीनतम अमेरिकी हमलों से ईरान में परिवहन और संचार अस्थायी रूप से बाधित हुए। हजारों लोगों द्वारा उपयोग किए जाने वाले जल बुनियादी ढांचे को भी नुकसान पहुंचा। अमेरिकी सेना ने कहा कि उसके हालिया हमले होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों को खतरा देने की ईरान की क्षमता को कम करने के लिए थे। लेकिन ईरान पीछे नहीं हटा है। उसने जलडमरूमध्य में जहाजों और अमेरिकी ठिकानों वाले खाड़ी देशों पर हमले तेज किए हैं। इन हमलों में कम से कम चार अमेरिकी सैनिक मारे गए और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा। इस्राइल को इस नवीनतम दौर की लड़ाई में अब तक निशाना नहीं बनाया गया है। उसने अमेरिका के साथ हमलों में भाग भी नहीं लिया है।
05:09 AM, 25-Jul-2026
West Asia Tension LIVE: ईरान ने खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया, सऊदी ने यमन में बरसाए बम
ईरान में किन ठिकानों पर हमले कर रहा है अमेरिका?
हाल के दिनों में, अमेरिका ने अपने लक्ष्यों का विस्तार किया है। उसने दक्षिण में पुलों और बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया। ईरान के केंद्र और राजधानी तेहरान के बाहरी इलाकों में भी हमले किए। हालांकि, यह नया अमेरिकी हवाई अभियान 28 फरवरी को शुरू हुए युद्ध जितना तीव्र नहीं है। युद्ध के पहले 100 घंटों में अमेरिका और इस्राइल ने सैकड़ों सैन्य ठिकानों पर हमला किया था। उन्होंने अयातुल्ला अली खामेनेई सहित ईरान के शीर्ष नेताओं को मार गिराया था।