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Women’s Day:महिलाओं में इन पांच बीमारियों का खतरा पुरुषों से ज्यादा, समय रहते पहचानें लक्षण – International Womens Day Know Top Diseases And Health Risks In Women

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Mar 8, 2026



लाइफस्टाइल और खान-पान की गड़बड़ी ने हमारे संपूर्ण स्वास्थ्य पर बुरा असर डाला है। लिहाजा कम उम्र में ही कई तरह की क्रॉनिक बीमारियों का जोखिम तेजी से बढ़ता जा रहा है। महिला हों या पुरुष, सभी पर इसका असर देखा जा रहा है।

जब बात महिलाओं की सेहत की आती है तो चिंता और भी बढ़ जाती है। तमाम रिपोर्ट्स बताते हैं कि भारत में अधिकतर महिलाओं को डाइट से पर्याप्त पोषण नहीं मिल पाता है, यही कारण है कि एनीमिया, दिल की बीमारियां, प्रजनन से संबंधित दिक्कतें और इंफ्लेमेशन की समस्याएं महिलाओं में तेजी से बढ़ती जा रही हैं।

महिलाओं के अधिकारों की सुरक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक भागीदारी को बढ़ाने के उद्देश्य से हर साल 8 मार्च को इंटरनेशनल विमेंस डे मनाया जाता है। आइए जान लेते हैं कि महिलाओं में किन बीमारियों का खतरा अधिक देखा जा रहा है, जिसको लेकर सभी लोगों को अलर्ट रहना चाहिए।




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International Womens Day know Top Diseases and Health Risks in Women

महिलाओं को हेल्थ को लेकर रखना चाहिए अलर्ट
– फोटो : Freepik.com


महिलाओं में बीमारियों का जोखिम

अध्ययनों से पता चलता है कि महिलाओं में कुछ बीमारियों का जोखिम पुरुषों की तुलना में अधिक होता है। उदाहरण के लिए हृदय रोग, स्तन कैंसर, हार्मोनल विकार और मानसिक स्वास्थ्य समस्याएं महिलाओं में तेजी से बढ़ रही हैं। दुनिया भर में लगभग 30% प्रजनन आयु की महिलाओं में एनीमिया यानी खून की कमी देखी जा रही है जो महिलाओं के लिए एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या है।

आइए महिलाओं में बढ़ती बीमारियों और इसके कारणों पर एक नजर डाल लेते हैं।


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एनीमिया या खून की कमी का खतरा
– फोटो : Freepik.com


महिलाओं में एनीमिया का खतरा सबसे ज्यादा

एनीमिया महिलाओं में होने वाली सबसे आम स्वास्थ्य समस्याओं में से एक है। इसमें शरीर में हीमोग्लोबिन या लाल रक्त कोशिकाओं की मात्रा कम हो जाती है। इसे खून की कमी के नाम से भी जाना जाता है। 

 

  • हीमोग्लोबिन की मदद से ही खून के माध्यम से शरीर के अंगों तक पर्याप्त ऑक्सीजन पहुंचता रहता है। 
  • एनीमिया से पीड़ित महिलाओं को खून की कमी के कारण अक्सर कमजोरी, थकान, चक्कर आने और सांस फूलने जैसे दिक्कतें होती हैं।
  • महिलाओं में एनीमिया का सबसे बड़ा कारण आयरन की कमी है। 

(ये भी पढ़िए- महिलाएं कैसे रखें अपनी सेहत का ख्याल? गायनेकोलॉजिस्ट ने दी 5 जरूरी सलाह)


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पीसीओएस और हार्मोनल समस्याएं
– फोटो : Freepik.com


हार्मोनल समस्याओं का बढ़ता जोखिम

एनीमिया के साथ-साथ महिलाओं में हार्मोनल समस्याओं  का खतरा भी अधिक देखा जाता है। 

 

  • पीसीओएस (पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम) ऐसा ही एक हार्मोनल विकार है जिसमें महिलाओं में पुरुष हार्मोन (एंड्रोजन) का स्तर बढ़ जाता है।
  • इस बीमारी के कारण पीरियड अनियमित होने, चेहरे पर बाल औरमुंहासे आने, वजन बढ़ने और गर्भधारण में कठिनाई जैसी समस्याएं हो सकती हैं। 
  • जंक फूड्स का अधिक सेवन, शारीरिक गतिविधियों की कमी और मोटापा को इसका बड़ा कारण माना जाता है।

स्तन कैंसर की समस्या

महिलाओं की सेहत के लिए कैंसर भी एक बड़ा खतरा है। स्तन कैंसर, महिलाओं में सबसे आम कैंसरों में से एक है।

 

  •  स्तन की कोशिकाओं में असामान्य वृद्धि के कारण ये कैंसर होता है। 
  • स्तन में गांठ महसूस होना, स्तन के आकार में बदलाव या निप्पल से असामान्य तरल निकलना इसका आम संकेत माना जाता है।
  •  परिवार में कैंसर का इतिहास, हार्मोनल बदलाव और शराब के सेवन को इसे बढ़ाने वाला पाया गया है।


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महिलाओं में दिल की बीमारियां
– फोटो : Freepik.com


इन बढ़ती बीमारियों के बारे में भी जानिए

महिलाओं में हृदय रोगों का खतरा भी तेजी से बढ़ रहा है। महिलाओं में हृदय रोग के लक्षण कई बार पुरुषों से अलग होते हैं। 

  • महिलाओं में मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याएं भी तेजी से बढ़ रही हैं। 
  • महिलाओं में डिप्रेशन और इसके कारण आत्महत्या के बढ़ते आंकड़ों को लेकर कई रिपोर्ट्स में लगातार अलर्ट किया जाता रहा है।

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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।


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