नाटो सहयोगी के लिए खतरे की घंटी
सेंटर फॉर स्ट्रैटेजिक एंड इंटरनेशनल स्टडीज के मुताबिक, रूस का शैडो वॉर नाटो सहयोगियों और वैश्विक सुरक्षा के लिए खतरे की घंटी है। रूस ऊर्जा ग्रिड और परिवहन नेटवर्क जैसे महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को निशाना बना रहा है। इससे उत्तरी अमेरिका से जुड़े सिस्टम खतरे में आ सकते हैं। CSIS का कहना है कि कोजी बीयर जैसे समूहों ने अमेरिकी एजेंसियों पर साइबर हमले किए हैं। इसका असर कनाडा के संस्थानों पर भी पड़ सकता है। कनाडा यूक्रेन को सैन्य सहायता दे रहा है। ऐसे में कनाडा को भी साइबर हमलों का सामना करना पड़ सकता है। ये हमले कनाडा के चुनावों या बुनियादी ढांचे को निशाना बना सकते हैं।
रूस हाइब्रिड युद्ध के तरीकों का इस्तेमाल कर सकता है। इसमें कनाडा जैसे देशों में हस्तक्षेप करना शामिल है। यूक्रेन के लिए अमेरिकी सैन्य सहायता में कटौती की गई है। इससे ट्रांस अटलांटिक गठबंधन पर दबाव बढ़ रहा है और रूस के हमलों का जवाब देने में मुश्किलें आ रही हैं। रिपोर्ट में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों पर भी चिंता जताई गई है। ट्रंप के रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से अच्छे संबंधों की चाहत से यूक्रेन को समर्थन घटेगा।