• Mon. Jun 22nd, 2026

24×7 Live News

Apdin News

‘अपने घर वापस नहीं जा पाओगे’, ट्रंप की धमकी के बाद ईरानी प्रतिनिधिमंडल ने बीच में ही छोड़ दी वार्ता

Byadmin

Jun 22, 2026


जागरण न्यूज नेटवर्क, नई दिल्ली। ईरान की वार्ता टीम के एक सदस्य ने सरकारी मीडिया से कहा कि यदि लेबनान में युद्ध समाप्त नहीं होता है, तो अन्य मुद्दों पर बातचीत आगे नहीं बढ़ेगी।

जब अमेरिका और ईरान ने अपनी लड़ाई खत्म करने के मकसद से स्विट्जरलैंड में बातचीत शुरू की, तो अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने रविवार को दावा किया कि उन्होंने रात में ईरानी अधिकारियों से बात की थी और उन्हें चेतावनी देते हुए कहा कि अगर होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को फिर से बंद किया गया, तो वे “अपने देश वापस नहीं लौट पाएंगे।

ट्रंप ने फॉक्स न्यूज से कहा, “अगर आप (ईरान) इसे बंद करते हैं, तो आपका देश नहीं बचेगा। आप अपने देश वापस भी नहीं लौट पाएंगे।”

अमेरिकी राष्ट्रपति ने इस संभावना पर भी बात की कि समुद्री ट्रैफिक को सुरक्षित रखने और इस अहम रास्ते से गुजरने वाले तेल शिपमेंट पर ट्रांजिट शुल्क लगाने के लिए वॉशिंगटन, होर्मुज जलडमरूमध्य का सीधा ऑपरेशनल कंट्रोल अपने हाथ में ले सकता है।

उन्होंने आगे कहा, “अगर जरूरत पड़ी तो हम जलडमरूमध्य पर कब्जा कर सकते हैं। मैं उन्हें बुरी तरह तबाह कर दूंगा।” बातचीत नाकाम होने पर संभावित आर्थिक उपायों का संकेत देते हुए ट्रंप ने चेतावनी दी कि अगर वे कोई समझौता नहीं करते हैं, तो हम टोल वसूलेंगे।

अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता

पश्चिम एशिया में साढ़े तीन महीने तक चले घमासान और लेबनान में अब भी जारी इजरायली हमलों से उभरी तमाम आशंकाओं के बीच रविवार को स्विट्जरलैंड के बर्जेनस्टॉक में अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता शुरू हुई। वार्ता में कतर और पाकिस्तान मध्यस्थता कर रहे हैं।

खबरें और भी

पिछले बुधवार को 14 बिंदुओं वाले प्रारंभिक समझौता मसौदे पर बनी सहमति के आधार पर अगले 60 दिनों तक तकनीकी पहलुओं पर वार्ता होगी।

उधर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने ईरान को नई चेतावनी दी है। उन्होंने सख्त हिदायत देते हुए कहा कि तेहरान लेबनान में हिजबुल्ला को रोके, वरना अमेरिका पूर्व की भांति ईरान पर ताबड़तोड़ हमले शुरू कर देगा। वहीं, होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरान की चेतावनी के बाद रविवार को एक भी जहाज नहीं गुजरा।

ट्रंप ने होर्मुज को लेकर भी कहा है कि अगर 60 दिनों में ईरान समझौता नहीं होता है तो अमेरिका इस रणनीतिक समुद्री मार्ग से आने-जाने वाले जहाजों से टोल वसूलेगा। होर्मुज स्ट्रेट बंद रहने की खबरों के बीच खाड़ी देशों के शेयर बाजारों में गिरावट देखने को मिली।

विशेषज्ञों का अनुमान है कि सोमवार को कच्चे तेल की कीमतों में फिर तेजी आ सकती है। वहीं वैश्विक शेयर बाजारों पर भी असर दिख सकता है। अमेरिका-ईरान वार्ता में मध्यस्थ बने कतर ने रविवार को वार्ता शुरू होने की घोषणा की। हालांकि, स्विट्जरलैंड में केवल रविवार को ही बातचीत प्रस्तावित है।

वार्ता में अमेरिका की तरफ से उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और ईरान की तरफ से संसद स्पीकर एमबी गलीबाफ अपने प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे हैं। इस वार्ता की गंभीरता का आकलन इससे किया जा सकता है कि मौके पर कतर के पीएम व विदेश मंत्री अब्दुलरहमान अल थानी और पाकिस्तान के पीएम शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर भी मौजूद हैं।

ईरान के परमाणु मुद्दे पर तकनीकी पेच को स्पष्ट करने के लिए अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आइएईए) के प्रमुख राफेल ग्रोसी भी मौजूद हैं।

कतर ने बताया शांति वार्ता का रोडमैप

रायटर्स के अनुसार, कतर के विदेश मंत्रालय ने अमेरिका-ईरान के बीच बातचीत शुरू होने की घोषणा करते हुए बताया कि वार्ता के जरिए सहमति पत्र (एमओयू) के सभी पहलुओं को शामिल करते हुए व्यापक और स्थायी समझौते तक पहुंचने की उम्मीद है। अंतिम समझौते की शर्तों पर बातचीत के लिए विशेषज्ञों और तकनीकी अधिकारियों के अलग-अलग समूह गठित किए गए हैं।

मंत्रालय के अनुसार, एमओयू के क्रियान्वयन, वार्ता की प्रगति की निगरानी और अंतिम समझौते को आगे बढ़ाने के लिए विशेष तकनीकी और फालो-अप समूह भी बनाए गए हैं।

स्विट्जरलैंड में चाक चौबंद सुरक्षा व्यवस्था

एपी के अनुसार, अमेरिका और ईरान के बीच हाई प्रोफाइल शांति वार्ता के लिए स्विट्जरलैंड में चाक-चौबंद सुरक्षा व्यवस्था की गई। वार्ता स्थल ओमान के बर्जेनस्टाक रिजार्ट के 50 किलोमीटर के दायरे को हाई सिक्योरिटी जोन में बदल दिया गया। इसके चलते रेंज में आने वाले ज्यूरिख एयरपोर्ट के एयर ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम में तकनीकी गड़बड़ी पैदा हो गई। हालांकि, इसे कुछ देर में दुरुस्त कर लिया गया।

बर्जेनस्टॉक के ऊपर सैन्य हेलीकाप्टरों ने पूरी निगरानी रखी। गड़बड़ी दूर होने के बाद ज्यूरिख हवाई अड्डे से 12 विमान उतरे और 14 विमानों ने उड़ान भरी।

इजरायल ने लेबनान पर बरसाए 1000 किलो के बम

एएनआई के अनुसार, इजरायल ने लेबनान में रविवार को भी भीषण बमबारी की। इस हमले के लिए इजरायल ने दक्षिणी लेबनान और बेरूत के रिहायशी इलाकों पर 500 से 1000 किलो तक के बम बरसाए हैं। ये इलाके गाजा पट्टी की तरह नजर आने लगे हैं। शनिवार को हुए हमले में 32 लोगों के मारे जाने की खबर है।

इजरायल की हिब्रू यूनिवर्सिटी के एक पोल में 92 प्रतिशत इजरायली नागरिकों ने माना कि अमेरिका-ईरान समझौते में तेहरान को ज्यादा फायदा हुआ है। वहीं केवल आठ प्रतिशत लोग मानते हैं कि पश्चिम एशिया में टकराव में इजरायल विजेता बनकर उभरा है।

90 प्रतिशत का मानना है कि युद्ध के उद्देश्य पूरे नहीं हुए, जबकि 30 प्रतिशत लोग मानते हैं कि पीएम नेतन्याहू को इस युद्ध से बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है। नेतन्याहू ने लेबनान से इजरायली सेना को वापस बुलाने से साफ इन्कार कर दिया है।

यह भी पढ़ें- ‘ईरान पर फिर करेंगे हमला…’, शांति वार्ता के बीच डोनल्ड ट्रंप की तेहरान को धमकी

By admin